बाजार 473.59 अंक बढ़कर 18,000 के सबसे नाजुक स्तर को पार कर गया और 18,202.20 पर बंद हुआ है। मुद्रास्फीति, बढ़ती ब्याज दर की फिक्र और बाजार में 10 फीसदी की गिरावट के अंदेशे को धता बताते हुए अचानक एफआईआई व डीआईआई (घरेलू वित्तीय संस्थाओं) की खरीद चालू हो गई है। यहां तक कि खबरों के मुताबिक बाजार नियामक, सेबी ने भी 25 कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट की जांच शुरू कर दी है। ऐसा होनाऔरऔर भी

तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स लिमिटेड का शेयर (बीएसई – 531426, एनएसई – TNPL) साल भर पहले 8 फरवरी 2010 को 83.30 रुपए पर था। अब 4 फरवरी 2011 को 131.70 रुपए पर बंद हुआ है। इस दरमियान यह ऊपर में 163.30 रुपए (28 अक्टूबर 2010) और नीचे में 77.05 रुपए (24 फरवरी 2010) पर जा चुका है। इस तरह इसमें निवेश पर साल भर में 58.1 फीसदी से लेकर 96.03 फीसदी कमाया जा सकता था। इसमें भीऔरऔर भी

पिछले चार दिनों से बाजार में बराबर यह खबर उड़ रही थी कि सेबी ने रिलायंस पेट्रोलियम (आरपीएल) में एसएएसटी (सब्सटैंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर) रेगुलेशन के उल्लंघन के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) पर 400 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोंक दिया है। आज एक प्रमुख बिजनेस चैनल ने भी यह ‘खबर’ फ्लैश कर दी। अंदरूनी व भेदिया कारोबार के माहिर खिलाड़ी निफ्टी और आरआईएल में पिछले हफ्ते से ही शॉर्ट चल रहे हैं। यही वजह हैऔरऔर भी

प्रधानमंत्री ने कह दिया है कि अगर संसद में सामान्य कामकाज की शर्त जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) का गठन है तो वे यह शर्त मानने को तैयार हैं। बाजार के लिए यह अच्छी सूचना है। रिजर्व बैंक ब्याज दरों में वृद्धि का फैसला कल करने जा रहा है। बाजार इसके लिए तैयार है और शेयरों के मूल्य में ब्याज दरों के 0.50 फीसदी बढ़ने का असर गिन लिया गया है। अगर वृद्धि इससे कम होती है तोऔरऔर भी

शुरू में ही एक बात साफ कर दूं कि आपके लिए फैसले हम नहीं ले सकते। आपको खुद फैसला करना है कि किस स्टॉक में निवेश करना है या नहीं क्योंकि शेयर बाजार में निवेश ताजिंदगी चलनेवाली लंबी चीज है, दीपावली की फुलझड़ी या अनार नहीं। हम आपको सही स्टॉक चुनने में मदद भर कर सकते हैं। शेयर बाजार की गलियों में निवेश की गाड़ी को ड्राइव करना आपको सीखना ही पड़ेगा। तो, आज चर्चा जुबिलैंट लाइफऔरऔर भी

एचईजी लिमिटेड का शेयर (बीएसई – 509631, एनएसई – HEG) नई से नई तलहटी बनाता जा रहा है। नए साल में 12 जनवरी को वह 233.15 रुपए तक चला गया तो वो उसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर था। कल 18 जनवरी को वह इससे भी नीचे 218.50 तक जाकर नया न्यूनतम स्तर बना गया। हालांकि बंद हुआ है 225.25 रुपए पर। कंपनी में ऐसा क्या हो गया जो उसका स्टॉक इस तरह गोता लगाता जा रहाऔरऔर भी

स्पैंको लिमिटेड टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनी है। वह सरकार, बिजली, ट्रांसपोर्ट व टेलिकॉम सेक्टर को अपनी सेवाएं देती है। साथ ही बीपीओ सेवाओं में भी सक्रिय है। पिछले ही हफ्ते शुक्रवार 7 जनवरी को उसे महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, महावितरण से नागपुर जिले में फीडर सेपरेशन स्कीम के लिए करीब 66 करोड़ रुपए का नया अनुबंध मिला है। लेकिन इस खबर को सकारात्मक रूप से लेने के बजाय उसका शेयर कल सोमवार को बीएसई (कोडऔरऔर भी

क्रॉम्प्टन ग्रीव्स बहुत बदल चुकी है। खासकर पिछले पांच सालों में वह नया कलेवर पकड़ती जा रही है। 1937 में बनी थापर समूह की यह कंपनी साठ के दशक तक मोटर, ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, सर्किट ब्रेकर और बिजली से जुड़े तमाम उपभोक्ता सामान बनाती थी। अब वह दुनिया की मशहूर इंजीनियरिंग कंपनियों में गिनी जाती है। पहले सिर्फ भारत में थी। अब इसका मैन्यूफैक्चरिंग आधार बेल्जियम, कनाडा, हंगरी, इंडोनेशिया, आयरलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका तक पहुंच गया है।औरऔर भी

बॉम्बे डाईंग के साथ ऐसा क्या बुरा हो गया जो उसे इस सेटलमेंट में ठोंककर 575 रुपए से 458.75 रुपए तक पहुंचा दिया गया? आज भी यह 525.90 और 510.10 रुपए के बीच झूला  है। 2 दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच तो इसे  575 रुपए से गिराकर 458.75 रुपए पर पटक दिया गया। इसके डेरिवेटिव के साथ भी यही हरकत हुई है। इस दरम्यान कंपनी के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ जो उसके स्टॉक कोऔरऔर भी

कंसोलिडेटेड कंस्ट्रक्शन कंसोर्टियम लिमिटेड (सीसीसीएल) का शेयर पिछले एक महीने में 72 रुपए से 15 फीसदी से भी ज्यादा गिरकर 61 रुपए पर आ चुका है। इस दरम्यान वह 26 नवंबर को 60 रुपए तक चला गया है जो 52 हफ्तों का उसका न्यूनतम स्तर है। इस शेयर की बुक वैल्यू 33.52 रुपए है, जबकि उसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 4.88 रुपए है। इस तरह कल बीएसई (कोड – 532902) में 60.90औरऔर भी