टाटा केमिकल्स इतने सारे रसायन बनाती है कि आम जनजीवन, खेती-किसानी और उद्योग तक इससे अछूते नहीं हैं। उर्वरक से लेकर नमक, सोडा एश, सीमेंट व बायोडीजल तक। चर्चा है कि उसे जापान से नमक का बड़ा ऑर्डर मिलनेवाला है। इस समय भूकंप व सुनामी से तबाह जापान के तमाम इलाकों में रूह कंपा देनेवाली ठंड पड़ रही है। जापान को अभी भारी मात्रा में नमक चाहिए। लेकिन उसके पास नमक के अपने स्रोत खत्म होने लगेऔरऔर भी

जिस तरह इंसान का हर वक्त एक जैसा नहीं होता, उसी तरह कंपनियों के साथ भी ऊंच-नीच चलती रहती है। सबेरो ऑर्गेनिक्स गुजरात लिमिटेड की दिसंबर तिमाही कतई अच्छी नहीं रही। उसकी बिक्री 109.41 करोड़ से 15.11 फीसदी घटकर 92.87 करोड़ और शुद्ध लाभ 10.25 करोड़ से 89.85 फीसदी घटकर 1.04 करोड़ रुपए रह गया। कंपनी ने ये नतीजे 14 फरवरी को घोषित किए थे। उसके बाद से इसका शेयर (बीएसई – 524446, एनएसई – SABERORGAN) 45.70औरऔर भी

जापान में हालात सामान्य होने लगे हैं। फुकुशिमा परमाणु संयंत्र के सभी छह रिएक्टरों में बिजली बहाल हो गई है। यहां से जापान में पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी और वहां की नई मांग से दुनिया में जिंसों के भाव बढ़ सकते हैं। इस बीच लीबिया पर पश्चिमी देशों के सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल के दाम फिर उठने लगे हैं। लेकिन यह मसला भी जल्दी ही सुलझ जाएगा। गद्दाफी लंबे समय तक खुद को बचाएऔरऔर भी

आप हमें हंस मानें या न मानें, लेकिन हम समुंदर की तलहटी से आपके लिए मोती चुगकर लाने की कोशिश में लगे हैं। ऐसा ही एक मोती है सूर्या फार्मास्यूटिकल। इसका एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर (बीएसई – 532516, एनएसई – SURYAPHARM) अभी 21.40 रुपए पर चल रहा है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (शुद्ध लाभ प्रति शेयर) 5.42 रुपए है तो शेयर का पी/ई अनुपात मात्र 3.95 निकलता है। इस शेयर कीऔरऔर भी

कंपनियां भी हमारे-आप जैसे इंसान ही चलाते हैं तो जिस तरह अनागत का भय हमें कभी ज्योतिष तो कभी न्यूमेरोलॉजी के चक्कर में खींच ले जाता है, वैसा बहुत सारी कंपनियों के साथ भी होता है। जैसे, नाम सीधा-सा है एस डी एल्यूमीनियम। इसे पढ़ेंगे और हिंदी में लिखेंगे भी ऐसे, लेकिन अंग्रेजी में इसे कर दिया – Ess Dee Aluminium। खैर, हमें नाम से क्या, हमें तो काम से काम है। एस डी एल्यूमीनियम का शेयरऔरऔर भी

एचटी मीडिया। देश के दूसरे सबसे ज्यादा पढ़े जानेवाले अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स और सबसे तेजी से बढ़ते हिंदी अखबार हिंदुस्तान की प्रकाशक। जुलाई 2010 से हिंदुस्तान को कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी, हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स (एचएमवीएल) में डालकर अलग से लिस्ट करा दिया। लेकिन 77.72 फीसदी हिस्सेदारी के कारण उसके विकास का आनुपातिक लाभ इसे भी मिलता रहेगा। एचडी मीडिया के शेयर में कल अचानक काफी ज्यादा कारोबार हुआ है। बीएसई (कोड – 532662) में 35,000 केऔरऔर भी

शेयर बाजार इस समय सर्द-गर्द हो चुका है। बाजार के लोगों में प्रति निवेशक 10,000 रुपए के भी स्टॉक खरीदने की चाह नहीं रह गई है। यही दिखाता है कि रिटेल निवेशक सचमुच दीवालिया होने की किस हालत में पहुंच चुके हैं। बाजार अब सुपर एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स), डीआईआई व एफआईआई के लिए ही रह गया है और इस सूरत में आखिरकार होगा यह कि बहुत सारे सुपर एचएनआई आनेवाले सालों में सामान्य निवेशक बनकर रहऔरऔर भी

कोई शेयर अगर महज 4 के पी/अनुपात पर ट्रेड हो रहा हो, उसकी बुक वैल्यू ही बाजार में भाव से ज्यादा हो और अचानक उसमें वोल्यूम बढ़ जाए, वो भी बिना किसी बल्क या ब्लॉक डील के तो समझ लीजिए कि 24 कैरेट का सोना ऑपरेटरों के खोट के साथ मिलकर जेवर बनाकर पहनने लायक हो गया है। जी हां, वर्धमान टेक्सटाइल्स (बीएसई – 502986, एनएसई – VTL) का हाल इस समय ऐसा ही है। कंपनी काऔरऔर भी

उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। बजट से पहले केवल एक कारोबारी दिन बचा है। लेकिन बाजार में छाई निराशा सुरसा के मुंह की तरह विकराल होती जा रही है। निफ्टी आज साढ़े तीन फीसदी से ज्यादा गिरकर 5242 तक चला गया। सेंसेक्स भी 600 अंक से ज्यादा गिरकर 17,560 तक पहुंच गया। हालांकि बंद होते-होते बाजार थोड़ा संभला है। इस गिरावट के पीछे खिलाड़ियों के खेल अपनी जगह होंगे। लेकिन ट्रेडर और निवेशक अब नए फेरऔरऔर भी

बाजार तलहटी पकड़ चुका है। निराशा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। निवेशक फिलहाल स्टॉक्स से कन्नी काट रहे हैं। इनमें भी जो छोटे निवेशक हैं वे डेरिवेटिव सेगमेंट में मार्क टू मार्केट की अदायगी के लिए जो कुछ भी पास में है, उसे बेचे जा रहे हैं। मैं कल आम निवेशकों के मूड का पता लगाने के लिए गुजरात में तीन छोटी जगहों पर गया था। मैंने पाया कि यह बात उनके मन में कहीं गहरेऔरऔर भी