विकसित के हल्ले में डुबाई विकासगाथा
सच्चाई बड़ी बेरहम होती है। वो किसी पर कोई दया-माया नहीं दिखाती। मोदी सरकार ने बारह साल में अपने कर्मों से भारतीय अर्थव्यवस्था को जिस मुकाम पर ला पटका है, वो बेहद दुखद व खतरनाक है। आगे क्या होगा, यह सोचकर ही दिलो-दिमाग सिहर जाता है। भारत की जिस विकासगाथा की चर्चा 1991 से शुरू उदारीकरण के बाद से ही की जा रही थी, वो अब धराशाई हो चुकी है। मोदी सकार भले ही 2047 तक भारतऔरऔर भी





