ट्रेडिंग बुद्ध

किसान को न्यूनतम भी मयस्सर नहीं, बाकी लेते अधिकतम!

देश के गृहमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जोड़ीदार अमित शाह ने 8 दिसंबर को...
Read More

दम तोड़ चुका है जनसंख्या विस्फोट का सिद्धांत

इस बार 15 अगस्त को शनिवार का दिन था। शनि का दिन, दुर्बुद्धि का दिन।...
Read More

कर्म को दें धार, समृद्धि बरसेगी अपार

गंगोत्री से गंगा की धारा के साथ बहते पत्थर का ऊबड़-खाबड़ टुकड़ा हज़ारों किलोमीटर की...
Read More

समझें धन का चक्र, न बनें घनचक्कर

कभी आपने सोचा है कि ज़रा-सा होश संभालते ही हम धन के चक्कर में घनचक्कर...
Read More

तथास्तु! ताकि, फले-फूले आपका धन

हर कोई अपने धन को अधिक से अधिकतम करना चाहता है। लेकिन कर कौन पाता...
Read More

मर्म जानो, धर्म तो समझो बाज़ार का

यह सच है कि इंसान और समाज, दोनों ही लगातार पूर्णता की तरफ बढ़ते हैं।...
Read More

बीवी का हार नहीं, जिम्मेदारी का जिम्मा है बीमा

पहले जब तक गांव से ज्यादा जुड़ाव था, नौकरीपेशा तबके को जीवन बीमा की जरूरत...
Read More

आइडिया में दम है, पर पूंजी कहां है?

जो भी पैदा हुआ है, वह मरेगा। यह प्रकृति का चक्र है, नियम है। ट्रेन...
Read More

अबे सुन बे, सोने! तेरी औकात क्या है!!

सोने पर हम हिंदुस्तानी आज से नहीं, सदियों से फिदा हैं। पाते ही बौरा जाते...
Read More

पैसा भी कैसे बन जाए कमाऊ-पूत!

भारत युवाओं का देश, जहां की 65 फीसदी आबादी 35 साल के नीचे की है।...
Read More

नवा जूनी

पाठशाला

अच्छा लाभ मिला निफ्टी ऑप्शंस में

जून महीने के डेरिवेटिव सौदों में निफ्टी ऑप्शन का शुक्रवार से गुरुवार तक का पहला चक्र कल पूरा हो गया। इस दौरान निफ्टी 4.68% बढ़ा है। 29 मई को निफ्टी 9580.30 पर बंद हुआ था, जबकि कल 4 जून को उसका बंद स्तर 10,029.10 का रहा है। आइए, देखते हैं कि हमने शुक्रवार के भावों के आधार पर निफ्टी ऑप्शंस में ट्रेडिंग के जो चार तरीके अपनाए थे, उनका अंततः क्या हश्र हुआ है। बटरफ्लाई स्प्रेड: बटरफ्लाई स्प्रेड रणनीति कम वोलैटिलिटी होने पर ज्यादा कारगर होती है। फिर भी हमने ज्यादा वोलैटिलिटी की स्थिति होने के बावजूद इस पर अमल किया। इसके अंतर्गत हमने उस दिन निफ्टी के बंद भाव के सबसे नजदीकी स्तर 9600

ऋद्धि-सिद्धि

मुठ्ठी भर मंत्र

आस किसान, स्वास्थ्य व उद्यमशीलता की

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 में देश का जीडीपी कितना रह सकता है, इसका पहला अग्रिम अनुमान पेश कर दिया है। उसका कहना है कि मौजूदा मूल्य पर हमारी अर्थव्यवस्था का आकार पिछले साल के 203.40 लाख करोड़ रुपए से घटकर इस बार 194.82 करोड़ रुपए रह सकता है, जबकि बजट अनुमान 224.89 लाख करोड़ रुपए का था। यानी, पिछले साल से 8.58 लाख करोड़ रुपए और इस साल के बजट अनुमान से पूरे 30.07 लाख करोड़ रुपए कम! हालांकि मुद्रास्फीति का असर निकाल दें तो हमारे जीडीपी में गिरावट का अनुमान 7.73 प्रतिशत का है। एनएसओ का दूसरा अग्रिम अनुमान 26 फरवरी को आएगा। उससे पहले 1 फरवरी को आम