शेयर बाज़ार में पिछले 12-14 महीनों में करीब डेढ़ करोड़ नए-नवेले रिटेल ट्रेडर आए हैं। इन्हें भरोसा है कि यहां धन-दनादन होता है। उनके दिमाग पर तेज़ी का शुरूर छाया है। उन्होंने अभी तक बाज़ार की मंदी नहीं देखी। इनमें से ज्यादातर पिछले साल मार्च में तब बाज़ार में आए, जब वो कोरोना की मार से ज़मींदोज़ हो चुका था। उसके बाद अभी तक तेज़ी की बहार है। लेकिन अगर बाज़ार में मुनाफावसली की लहर दौड़ी औरऔरऔर भी

गोआइबिबो के सह-संस्थापकों की तरफ से लॉन्च किए हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म एका.केयर (Eka.Care) ने कोरोना के टीकाकरण के लिए बुकिंग का काम आसान कर दिया है। इस एप्प को अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करने के बाद आप कोरोना के टीकाकरण का स्लॉट आसानी से बुक कर सकते हैं। यह एप्प सीधे-सीधे सरकारी एप्प कोविन के साथ जुड़ा हुआ है। इस एप्प को आप गूगल प्लेस्टोर से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं। कोविन और एका.केयर प्लेटफॉर्म के साथऔरऔर भी

आज के दौर की सबसे बड़ी समझदारी यही है कि बेहद सतर्क रहें, हमेशा तगड़ा स्टॉप-लॉस लगाकर चलें। ऐसा इसलिए ज़रूरी है क्योंकि बाज़ार में इस वक्त 20-30 साल के युवा झूमकर आए हैं। इनके पास शेयरों में ट्रेडिंग का कोई अनुभव नहीं है और वे बुद्धि से ज्यादा भावनाओं में बहते हैं। खट से इधर तो खटाक से उधर। नतीजतन, बाज़ार कोई दिशा ही नहीं पकड़ पा रहा और उन्मत्त जानवर जैसा बर्ताव कर रहा है।औरऔर भी

लम्बे निवेश की बात अलग है। लेकिन शेयर बाज़ार की ट्रेडिंग में धन के प्रवाह के साथ बहेंगे, तभी कमा सकते हैं। विपरीत चले तो पूंजी गंवाते रहेंगे। इस समय हमारा बाज़ार चूंकि रिटेल ट्रेडरों की पिनक या सनक के साथ बह रहा है, इसलिए हर किसी को उनके मनोविज्ञान को समझकर चलना होगा। दिक्कत यह है कि वे समझदारी या बगैर किसी योजना के लालच या डर की भावना के वशीभूत होकर चलते हैं तो कैसेऔरऔर भी

पहले जहां साल भर में 40-50 लाख नए डीमैट एकाउंट खुला करते थे, वहीं पिछले 14 महीनों में करीब 1.50 करोड़ नए डीमैट एकाउंट खुले हैं। इन्हें मिलाकर बीएसई के डेटा के मुताबिक देश में कुल डीमैट खाताधारकों की संख्या 7.06 करोड़ हो चुकी है। ये लोग 10-20, 50-100 शेयर या डेरिवेटिव सेगमेंट में अधिकतम दो-चार लॉट ही खरीदते हैं। लेकिन कई करोड़ निवेशकों/ट्रेडरों की ऐसी छोटी खरीद भी मिलकर विशाल हो जाती है। इसका प्रभाव शेयरोंऔरऔर भी