यूं उड़ गए गोल्डीलॉक्स दौर के परखच्चे!
सरकार के नीति-नियामकों को दूर-दृष्टि और निकट-दृष्टि, दोनों ही दोष हो गए हैं। उन्हें न नजदीक का कुछ साफ दिख रहा है और न ही थोड़ी दूर का। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बारे में माना जा सकता है कि वे एक राजनीतिक शख्सियत है और उनकी कोई स्वतंत्र दृष्टि नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते और सोचते हैं, उनकी गूंज बनना उनकी मजबूरी है। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक तो देश की मौद्रिक नीति का नियंताऔरऔर भी





