अपने शेयर बाज़ार में बड़ों का नाम लेकर छोटों को चरका बढ़ाने का सिलसिला दशकों से चला आ रहा है। किसी ज़माने में कहा जाता था कि फलानां शेयर हर्षद मेहता ने खरीदा है। केतन पारिख से लेकर दामाणी का नाम भी चलता रहा। फिर राकेश झुनझुनवाला का झुनझुना बजने लगा। आज वही सिलसिला एफआईआई और म्यूचुअल फंडों व डीआईआई तक आ गया है। कहा जाता है कि फलानां शेयर एफआईआई खरीद रहे हैं या कोई नामीऔरऔर भी