शेयर बाज़ार में अक्सर ऐसा कुछ होता रहता है जो पहले कभी नहीं हुआ। इसलिए दुनिया की तरह शेयर बाज़ार को भी स्थिर व शाश्वत नियमों से चलनेवाला तंत्र मान लेना गलत है। आज तक ऐसा नहीं हुआ कि आईपीओ के बाद लिस्ट होने से पहले ही किसी कंपनी के शेयरों को बेचने की सलाह या सेल-कॉल दे दी जाए। लेकिन भारत ही नहीं, दुनिया में वोल्यूम के आधार पर सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंज एनएसई के साथ ऐसा ही हो रहा है। एनएसई का आईपीओ सितंबर महीने में किसी तारीख को आना है। इस समय अनाधिकृत बाज़ार में एनएसई के शेयर का भाव 2085 रुपए चल रहा है। लाखों निवेशक भारत के सबसे बड़े करीब 30,000 करोड़ रुपए के एनएसई के आईपीओ में जमकर धन लगाने की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन एक अदने से लोकल टाइप ब्रोकरेज़ हाउस दौलत कैपिटल ने एनएसई में अभी से सेल-कॉल दे दी है। उसकी एनालिस्ट टीम ने हिसाब लगाया कि निकट भविष्य में एनएसई मे डेरिवेटिव का बिजनेस घट सकता है। इसके चलते उसके शेयर का भाव लिस्टिंग के बाद घटकर 1550 रुपए पर आ सकता है। यानी, अनाधिकृत बाज़ार में चल रहे भाव से करीब 26% नीचे। लिस्टिंग पर इतना नुकसान कौन झेलेगा? अब तथास्तु में आज की कंपनी…
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