देश का जीडीपी और उसकी विकास दर भले ही जन-जन से जुड़ी है, लेकिन सरकार ने उसे जन-जन से दूर रखने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। पहले थोक मुद्रास्फीति को डिफ्लेटर बनाकर चला गया, तब उसमें उद्योग-धंधों और थोक व्यापारियों की स्थिति देखी गई, आमजन पर पड़ रही महंगाई की मार नहीं। डिफ्लेटर 0.8% और 2.2% लिया गया, जबकि रिटेल मुद्रास्फीति  2.4% और 4.9% रही थी। इस साल से जो डबल डिफ्लेटर इस्तेमाल किया जा रहाऔरऔर भी