तानाशाही शासन का गुब्बारा ठीक तभी फटता है जब उसे गफलत हो जाती है कि सत्ता पर उसका पूरा नियंत्रण हो चुका है. लेकिन यह अपने आप नहीं होता, किसी न किसी को गुब्बारे में आगे बढ़कर छेद करना पड़ता है.और भीऔर भी