एचटी मीडिया: रात से भोर की ओर

एचटी मीडिया। देश के दूसरे सबसे ज्यादा पढ़े जानेवाले अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स और सबसे तेजी से बढ़ते हिंदी अखबार हिंदुस्तान की प्रकाशक। जुलाई 2010 से हिंदुस्तान को कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी, हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स (एचएमवीएल) में डालकर अलग से लिस्ट करा दिया। लेकिन 77.72 फीसदी हिस्सेदारी के कारण उसके विकास का आनुपातिक लाभ इसे भी मिलता रहेगा। एचडी मीडिया के शेयर में कल अचानक काफी ज्यादा कारोबार हुआ है।

बीएसई (कोड – 532662) में 35,000 के औसत कारोबार के विपरीत 3.01 लाख शेयरों का कारोबार हुआ जिसमें से 99.79 फीसदी डिलावरी के लिए थे। हालांकि एनएसई (कोड – HTMEDIA) में हुआ वोल्यूम 28,776 शेयरों का ही था, जिसमें से 88.23 फीसदी डिलीवरी के लिए थे। शेयर 1.65 फीसदी बढ़कर 133.95 रुपए पर बंद हुआ। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 8.75 रुपए है। इस तरह शेयर अभी 15.31 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। इस उद्योग की दो अन्य प्रमुख कंपनियों में जागरण प्रकाशन का पी/ई अनुपात 18.69 और डीबी कॉर्प का पी/ई अनुपात 17.80 चल रहा है।

हालांकि डेक्कन क्रोनिकल होल्डिंग्स (बीएसई कोड – 532608) का शेयर महज 8.28 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। इसका दो रुपए अंकित मूल्य का शेयर फिलहाल 73.25 रुपए पर बंद हुआ था। इसे हमने 5 जुलाई 2010 को जब खरीदने की सलाह दी थी तब यह 122 रुपए पर था। उसके बाद यह 5 नवंबर को 150 रुपए तक चला गया। लेकिन फिर गिरता ही जा रहा है। जबकि इस दौरान कंपनी अपने शेयर 180 रुपए तक के मूल्य पर बायबैक करने का प्रस्ताव शेयरधारकों से पास भी करवा चुकी है। कंपनी इस बायबैक पर 270 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार है। फिर भी शेयर डूब रहा है!!! खैर, बाजार की गति बाजार ही जाने।

लौटते हैं एचटी मीडिया पर। अंग्रेजी अखबार से कंपनी का विज्ञापन राजस्व चालू वित्त वर्ष में दिसंबर 2010 तक के नौ महीनों में 20 फीसदी बढ़ा है। कंपनी का बिजनेस अखबार मिंट बहुत तेजी से अपनी अलग जगह व पहचान बना चुका है। उसकी विज्ञापन आय में 40-50 फीसदी बढ़त की उम्मीद है। छह साल से हिंदुस्तान टाइम्स मुंबई में मरा-गिरा चल रहा था। लेकिन जुलाई 2009 में रीलांच के बाद रफ्तार पकड़ रहा है।

इस दौरान दिसंबर 2010 तक के नौ महीनों हिंदी अखबार हिंदुस्तान की प्रकाशन और एचटी मीडिया की सब्सिडियरी एचएमवीएल की विज्ञापन आय 29 फीसदी बढ़ी है। यह अखबार जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए इसमें भारी संभावनाएं हैं। एचडीएफसी सिक्यूरिटीज का आकलन है कि एचटी मीडिया चालू वित्त वर्ष 2010-11 में 1772.6 करोड़ रुपए की आय पर 180.6 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाएगी, जबकि अगले वित्त वर्ष 2011-12 में उसकी आय 1986 करोड़ और शुद्ध लाभ 224.7 करोड़ रुपए हो जाएगा। इस तरह साल भर बाद उसका ईपीएस 9.6 रुपए रहेगा।

एचडीएफसी सिक्यूरिटीज का कहना है कि अगर हम साल भर बाद इसका पी/ई अनुपात 13.9 भी रखें तो शेयर का भाव 172 रुपए निकलता है। इस तरह निवेशकों को इसे एक साल में करीब 30 फीसदी रिटर्न के लक्ष्य के साथ खरीद लेना चाहिए। कंपनी की कुल इक्विटी 47 करोड़ रुपए है जो दो रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में विभाजित है। इसका 31.16 फीसदी हिस्सा पब्लिक और बाकी 68.84 फीसदी हिस्सा प्रवर्तकों के पास है। पब्लिक के हिस्से में एफआईआई के पास इसके 12.27 फीसदी और डीआईआई के पास 13.61 फीसदी शेयर हैं। यानी, असली जनता के पास तो इसके 5.28 फीसदी शेयर ही हैं।

कंपनी के कुल शेयरधारकों की संख्या महज 24,311 है। एचटी मीडिया ने 18 जनवरी 2011 को दिसंबर तिमाही के नतीजे घोषित किए जिसके मुताबिक उसका शुद्ध लाभ साल भर पहले के 18.42 करोड़ रुपए से 368 फीसदी बढ़कर 86.21 करोड़ हो गया। लेकिन उस वक्त कंपनी का शेयर 145-150 रुपए के आसपास था। अब घटकर 134 रुपए पर पहुंच गया है। वाकई, हमारे बाजार का हिसाब बड़ा खोटा लगता है।

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