पिछले चार दिनों से बाजार में बराबर यह खबर उड़ रही थी कि सेबी ने रिलायंस पेट्रोलियम (आरपीएल) में एसएएसटी (सब्सटैंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर) रेगुलेशन के उल्लंघन के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) पर 400 करोड़ रुपए का जुर्माना ठोंक दिया है। आज एक प्रमुख बिजनेस चैनल ने भी यह ‘खबर’ फ्लैश कर दी। अंदरूनी व भेदिया कारोबार के माहिर खिलाड़ी निफ्टी और आरआईएल में पिछले हफ्ते से ही शॉर्ट चल रहे हैं। यही वजह हैऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी देश में वित्तीय शिक्षा और निवेश का हुनर सिखाने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है। शुरुआत वह देश के पश्चिमी भाग से करेगी। इसके लिए वह निवेश व वित्तीय शिक्षा में पारंगत 40 लोगों का चयन कर चुकी है जिन्हें उसने रिसोर्स परसन (आरपी) का नाम दिया है। इनमें से कई मान्यता प्राप्त फाइनेंशियल प्लानर हैं और महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश व गोवा में रहते हैं। सेबी कीऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने अनिल अंबानी व उनके चार सहयोगियों – सतीश सेठ, एस सी गुप्ता, ललित जालान और जे पी चलसानी से कुल 50 करोड़ रुपए लेकर विदेशी वाणिज्यिक उधार (ईसीबी) और एफसीसीबी (विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांडों) से जुटाई गई राशि के दुरुपयोग के आरोप से मुक्त कर दिया है। सेबी ने शुक्रवार को जारी एक कन्सेंट ऑर्डर के तहत ऐसा किया है। इसमें अनिल अंबानी व उनके सहयोगियों ने न तो आरोप कोऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि सहारा समूह की दो कंपनियां उसकी मंजूरी के बिना ही लोगों से धन जुटाती रही हैं और अगर निवेश के साथ कुछ कुछ उंच-नीच होता है तो सेबी उस समय उनकी शिकायतों का निवारण नहीं कर सकेगी। सेबी ने शुक्रवार को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के निवेशकों को अपने खुद के जोखिमऔरऔर भी

बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के स्टॉक्स में करेक्शन का आना अपरिहार्य था। हम इसकी आशंका बराबर काफी समय से जताते रहे थे। यह झटका लगा और तब लगा जब वित्त मंत्रालय ने कह दिया कि वे आर्थिक प्रोत्साहन वापस लेंगे। लेकिन यह बाजार का अंत नहीं है। अब सारा ध्यान ऑयल, टेलिकॉम, गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के स्टॉक्स पर आ जाएगा। 80 नए स्टॉक्स में घोटाले की अफवाह सिटी बैंक की धोखाधड़ी से जोड़कर निकालीऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय ने आखिरकार आर्थिक प्रोत्साहन से कदम वापस खींचने का संकेत दे दिया है। यह बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के लिए नकारात्मक बात है। लेकिन पूरे बाजार के लिए यह अच्छी और सकारात्मक बात है क्योंकि इससे पता चलता है कि सरकार के अनुसार आर्थिक विकास की स्थिति इतनी मजबूत हो चुकी है कि प्रोत्साहन जारी रखने की जरूरत नहीं है। तात्कालिक राजनीतिक मुद्दा अलग तेलंगाना राज्य का है। लेकिन यह मुद्दा बेदम होता दिख रहाऔरऔर भी

कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों के आने का सिलसिला बस शुरू ही होने को है। इसलिए शेयरों की नई खरीद-ब्रिकी का खेल अब ज्यादा दूर नहीं है। अग्रणी कंपनियों के अच्छे नतीजे और फिर उनके भावों का सही स्तर पर आना या करेक्शन होना हमारे पूंजी बाजार का नियमित पहलू है। कंपनियों की लाभप्रदता की कयासबाजी को लेकर सावधान रहिए। हम इसके बारे में आपको पहले से आगाह करना चाहते हैं। बाकी तो आप खुद हीऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सहारा समूह की यह दलील खारिज कर दी कि उसकी जिन दो कंपनियों – सहारा इडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन को पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने पब्लिक से धन जुटाने से रोका है, उस पर सेबी का कोई अधिकार नहीं बनता और वे कंपनी रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं। मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाडिया की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, “हम यहऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने पश्चिम बंगाल की कंपनी रोज़ वैली रीयल एस्टेट एंड कंस्ट्रक्शन को लोगों से किसी भी रूप में धन जुटाने से रोक दिया है। सेबी का आरोप है कि कंपनी एक सामूहिक निवेश स्कीम (सीआईएस) चला रही है, लेकिन इसके लिए उसने नियामक संस्था की इजाजत नहीं ली है। सेबी ने मंगलवार को जारी आदेश में रोज़ वैली से कड़े शब्दों में कहा है, “वह निवेशकों से कोई धन इकट्ठा न करे,औरऔर भी

सिटी बैंक में 300 करोड़ रुपए की अनुमानित धोखाधड़ी का मुख्य अभियुक्त शिवराज पुरी लोगों व कंपनियों से जुटाई गई ज्यादातर रकम शेयर बाजार के डेरिवेटिव सौदों में लगाता था। गुड़गांव पहुंची सेबी की दो सदस्यीय टीम ने पुरी के निवेश के पैटर्न को जांचने के बाद यह पता लगाया है। इस बीच सोमवार को इस मामले में पुलिस ने हीरो समूह के एक वरिष्ठ अधिकारी संजय गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। हीरो समूह की इकाई हीरोऔरऔर भी