नौकरियां बढ़ाने के लिए ओबामा का 447 अरब डॉलर का पैकेज दुनिया के बाजारों में चहक नहीं ला सका क्योंकि समयसिद्ध नियम है कि जब भी कोई अच्छी खबर आती है, निवेशक हमेशा बेचते हैं। यह भी कि यह पैकेज रातोंरात असर नहीं दिखा सकता। लेकिन इसने इतना तो साबित कर दिया कि व्हाइट हाउस मानता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है। इन हालात में दोतरफा बिकवाली होनी ही थी। जिन्होंने सुधार की उम्मीदऔरऔर भी

यूटीआई म्यूचुअल फंड में चेयरमैन व प्रबंध निदेशक का पद इस साल फरवरी में यू के सिन्हा के पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी का चेयरमैन बन जाने के बाद से ही खाली पड़ा है। इसकी खास वजह है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की निजी सलाहकार ओमिता पॉल इस पद पर अपने भाई जितेश खोसला को बैठाने पर अड़ी हुई हैं, जबकि यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा बनाई गई सर्च कमिटी ने खोसला को अनुपयुक्त ठहरा दियाऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय सर्विस टैक्स के बारे में ऐसी सूची तैयार कर रहा है, जिसके बाहर की सभी सेवाओं पर टैक्स लगाया जाएगा। इसे निगेटिव लिस्ट या निषेध सूची का नाम दिया गया है। प्रस्तावित जीएसटी (माल व सेवा कर) की नई प्रणाली लागू हो जाने के बाद इस सूची की अहमियत बढ़ जाएगी। इसी के मद्देनजर सरकार यह सूची तैयार कर रही है। लेकिन सरकार की तात्कालिक चिंता यह है कि देश में पंजीकृत कुल 15 लाखऔरऔर भी

एक तरफ केंद्र की यूपीए सरकार अण्णा हज़ारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को न संभाल पाने से परेशान हैं, दूसरी तरफ शेयर बाजार की गिरावट व पस्तहिम्मती ने सरकार के प्रमुख कर्णधार व संकटमोचक वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को हिलाकर रख दिया है। दिक्कत यह भी है कि हमारे शेयर बाजार की गिरावट की मुख्य वजह चूंकि वैश्विक हालात हैं, इसलिए वित्त मंत्री ढाढस बंधाने के अलावा कुछ कर भी नहीं सकते। शुक्रवार को वि‍त्‍त मंत्री प्रणवऔरऔर भी

जुलाई महीने में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 9.22 फीसदी रही है। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों से यह बात उजागर हुई है। मुद्रास्फीति की दर इसके ठीक पिछले महीने जून में 9.44 फीसदी और ठीक साल भर पहले जुलाई 2010 में 9.98 फीसदी थी। ऊपर से मुद्रास्फीति में कमी थोड़ा राहत का सबब दिखती है। लेकिन वित्त मंत्रालय को ऐसी कोई गफलत नहीं है। मंत्रालय के मुख्यऔरऔर भी

डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव अब 2013 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर बने रहेंगे। उनका तीन साल का मौजूदा कार्यकाल अगले महीने 5 सितंबर को पूरा हो रहा था। कहा जा रहा था कि उनकी जगह किसी और को लाया जा सकता है। लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को सारी उहापोह को दूर करते हुए डॉ. सुब्बाराव का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ा दिया। मजे की बात यह है कि ये फैसला डॉ. सुब्बाराव के जन्मदिन 11औरऔर भी

सरकार ने सुबह से शाम तक बाजार को बचाने की हरचंद कोशिश कर डाली। यही वजह है कि बीएसई सेंसेक्स की गिरावट 1.82 फीसदी तक सिमट गई। सेंसेक्स अभी 16,990.18 अंकों पर चौदह माह के न्यूनतम स्तर पर है। लेकिन आगे इसमें ज्यादा सेंध लगने की उम्मीद कम है। वित्त मंत्रालय के सलाहकार, योजना आयोग व उद्योग संगठनों से लेकर खुद वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया है कि भारत की विकासगाथा अक्षुण्ण है और हमारी अर्थव्यवस्था केऔरऔर भी

आज का दिन शेयर बाजार में कत्लोगारद का दिन है। अमेरिका का संकट सारी दुनिया पर हावी है। मध्य-पूर्व के बाजारों में कुवैत में 2.51 फीसदी से लेकर इस्राइल की 6.59 फीसदी गिरावट ने झांकी दिखा दी है कि भारत व एशिया के बाजारों में क्या हो सकता है। हमारे पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में शेयर सूचकांक रविवार को बाजार खुले होने पर 2.2 फीसदी गिर चुका है। सेंसेक्स शुक्रवार को 2.19 फीसदी गिरकर 17,305.87 पर बंद हुआऔरऔर भी

साल 2008 और 2009 में बाजार लेहमान संकट की भेंट चढ़ गया। अब 2011 पर यूरोप व अमेरिका का ऋण संकट मंडरा रहा है। अमेरिका की आर्थिक विकास दर के अनुमान को घटाकर 1 फीसदी कर दिया गया है। अमेरिका के इतिहास में यह भी पहली बार हुआ कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने शनिवार को उसकी रेटिंग एएए के सर्वोच्च स्तर से घटाकर एए+ कर दी और आगे एए भी कर सकती है। हालांकि अमेरिकी वित्त मंत्रालयऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने जापान व चीन से आयात की जानेवाली इनर्ट या अक्रिय गैसों पर पांच साल के लिए एंटी-डंपिग शुल्क लगा दिया है। ये गैसें आमतौर पर घरेलू रेफ्रीजरेटर या वाहनों के एसी में इस्तेमाल की जाती हैं। इन पर लगाया गया एंडी-डंपिंग शुल्क 0.69 डॉलर से लेकर 1.41 डॉलर प्रति किलो होगा। वित्त मंत्रालय से संबद्ध राजस्व विभाग का कहना है कि यह शुल्क अगर किसी वजह से खत्म नहीं किया गया तो अगले पांचऔरऔर भी