कल माइक्रोसॉफ्ट के अच्छे नतीजों ने अमेरिकी बाजार को टॉप गियर में पहुंचा दिया। लेकिन आज सुबह से ही ईमेल आने शुरू हो गए कि स्पेन के 18 बैंक स्ट्रेस टेस्ट (प्रतिकूल हालात से निपटने की क्षमता की परीक्षा) में फेल हो गए हैं। चेतावनी दी गई कि मेटल सेक्टर गिरनेवाला है। ऐसी तमाम सारी हाय-हाय मचाई गई। आप अच्छी तरह समझ लें कि ये सब मंदड़ियों की कुंठा व हताशा है जो इस तरह की खबरोंऔरऔर भी

तिमाही नतीजों का यह मौसम तो मानसून की तरह बीत जाएगा। किसी खास कंपनी से बाजार को किन नतीजों की अपेक्षा है, इसके पूरा होने या टूटने के हिसाब से वो प्रतिक्रिया दिखाएगा। इससे उस शेयर की सांस तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती है और निवेशकों को उसे पाने का अच्छा मौका भी मिल सकता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है यह जानना कि शेयरों की दिशा क्या है, लक्ष्य क्या है? नए नतीजों के साथ नए ईपीएसऔरऔर भी

इनफोसिस के पहली तिमाही के नतीजे उत्साह बढ़ानेवाले नहीं थे। लेकिन इसने बाजार का मूड नहीं बिगाड़ा। वैश्विक फंड भारत के बारे में ज्यादा से ज्यादा तेजी की धारणा अपनाते जा रहे हैं। आज ही इनमें से कुछ ने समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग को दिए गए इंटरव्यू में अपनी यह सोच जाहिर की है। हम भी बराबर इसी सोच पर कायम है। कितने अफसोस की बात है कि निफ्टी जब 4800 पर था तब आप मंदड़ियों की सुनऔरऔर भी

मई का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) बाजार की उम्मीद से कम हैं। फिर भी बाजार में किसी करेक्शन/गिरावट का अंदेशा नहीं है। भरपूर बारिश, अच्छा कर संग्रह, खाद्यान्नों के उत्पादन में बढोतरी, ठोस राजकोषीय मजबूती, बाजार में शेयरों के मालिकाने का स्वरूप और ज्यादा से ज्यादा शेयरों की मात्रा को पचाने की क्षमता… ये सब ऐसे कारक हैं जो सेंसेक्स को 21,000 तक ले जा सकते हैं। आज यह सूचकांक 18,000 अंक के जादुई आंकड़े से ऊपरऔरऔर भी

नहीं पता कि इस कंपनी का शेयर घटेगा कि बढ़ेगा, और बढ़ेगा तो कब और कितना। लेकिन इतना पता है कि खरीदारी और लेनदेन के तेजी से बदलते इस दौर में हैदराबाद की यह कंपनी जरूर बढ़ती जाएगी। बॉरट्रॉनिक्स छोटे-बड़े सामानों से लेकर तमाम तरह के कार्डों में वो चुम्बकीय पट्टी लगाने के सोल्यूशंस उपलब्ध कराती है जिनसे मशीन के संपर्क में आते ही सारी छिपी जानकारियां सामने आ जाती हैं। मॉल बढ़ेगे, संगठित रिटेल का दायराऔरऔर भी

अमेरिकी बाजार के खिलाड़ियों ने आखिरकार स्वीकार कर लिया कि उनके यहां जमकर बिकवाली हो चुकी है और फिलहाल दूर-दूर तक गिरावट के आसार नहीं हैं। कंपनियों के तिमाही नतीजों का ताजा दौर भी बाजार को अच्छा सहयोग देगा। भारतीय बाजार भी खुद को लंबे समय से निफ्टी के 5200 और 5340 अंकों के बीच जमा चुका है। आज भी यह 5340 अंक तक चला गया और बंद हुआ 5300 अंक के एकदम करीब। 5370 अंक परऔरऔर भी

जब आप दुखी होकर बताते हैं कि बजाज हिंदुस्तान का शेयर ठीक से नहीं चला और नतीजतन नुकसान उठाना पड़ा, तब हमें आपकी ट्रेडिंग के तरीके को लेकर अफसोस होता है। एक बात हमेशा ध्यान रखे कि ए ग्रुप की ट्रेडिंग कोई विज्ञान नहीं है और उद्योग के महारथी तक इसमें घाटा उठाते हैं। इसलिए इसमें हमेशा स्टॉप लॉस लगाकर चलना चाहिए। लेकिन हमें इससे भी ज्यादा अफसोस तब होता है जब आप श्राडेर डंकन जैसे स्टॉकऔरऔर भी

पानी की कीमत तो प्यासा ही जानता है। उसी तरह ज्ञान की असली जरूरत और भूख निवेशक समझता है। ट्रेडर की तुलना तो अधिक से अधिक उस बंदर की जा सकती है जो इस डाल से उस डाल, इस पेड़ से उस पेड़ पर फुदकता रहता है। वे तो उन बेचारे देहाती लोगों की तरह है जिनके पास दिन के आखिर में बस पैसा होता है और कुछ नहीं। सेरा, एस्ट्रा, एलएमएल, गिलैंडर… और क्या चाहिए हमेंऔरऔर भी

ए ग्रुप के शेयर अब थोड़ा आराम करेंगे और इनमें से वही विशेष शेयर चलेंगे जिनमें कोई नया समाचार आएगा। बाजार के स्टार परफॉर्मर होंगे अब बी ग्रुप के शेयर। गिलैंडर्स, गल्फ ऑयल और विमप्लास्ट जैसे शेयरों में वोल्यूम का धमाका हो सकता है। हो सकता है जब साल भर बाद इन शेयरों के मूल्य कई गुना हो जाएं तब आप वीआईपी की तरह बात करेंगे और एफआईआई खरीदार होंगे। इस समय तो ऑपरेटरों ने इनके बाजारऔरऔर भी

ऊपर-ऊपर से देखें तो दीपक सिंहानिया की कंपनी एलएमएल में अभी बहुत कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। लेकिन अंदर-अंदर उसमें बड़ी लहर बन रही है। एक तो उसे इटली और मिस्र से स्कूटरों का बड़ा ऑर्डर मिला है। दूसरे महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ संयुक्त उद्यम बनने की संभावनाओं ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इन दोनों ही चर्चाओं ने इसके शेयर में जबरदस्त हलचल पैदा की है। शुक्रवार की बीएसई में इसके 17.81औरऔर भी