उन्होंने बना दी ऊंची कूद की जमीन

2010 में बाजार से तेज रफ्तार से भागने वाले स्टॉक्स को भूल जाओ। वो साल पीछे छूट चुका है। अब तो साल 2011 में बाजार को पछाड़ने वाले नए दबंग स्टॉक्स बनेंगे। इस साल मंच संभालने वाले सेक्टर होंगे – इंफ्रास्ट्रक्चर, रीयल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल, चाय और फर्टिलाइजर। निफ्टी 5700 तक नीचे जाने के बाद वापस 6200 के करीब पहुंच चुका है जहां से उसकी नई ऊंचाई ज्यादा दूर नहीं है। आखिर निफ्टी इतनी तेजी से नई ऊंचाई पर क्यों पहुंचेगा? इसके बड़े वाजिब आधार हैं।

पूरे दिसंबर माह में हमने शॉर्ट सौदे बनते हुए देखे हैं। जनवरी भी इसका अपवाद नहीं रहेगा। शुक्रवार को 58 लाख पुट ऑप्शन के सौदे हुए थे। आज भी शॉर्ट सौदों का भरपूर सिलसिला चला है जिसकी वजह है बाजार की अग्रगति में विश्वास का अभाव और राजनीतिक गतिरोध। इसके ऊपर से कंपनियों के तिमाही नतीजों का दौर ऐसा मौका देगा जिसमें शॉर्ट सौदों को काटा जा सकता है। बाजार में इसका नतीजा सामने आएगा जबरदस्त खेल और जबरदस्त उतार-चढ़ाव के रूप में।

क्या आपने मोटरसाइकिल को एक झटके में 25 मीटर की दूरी छलांगते हुए देखा है? ऐसा तब होता है जब मोटरसाइकिल को एक किलोमीटर पीछे ले जाकर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी जाए और 25 मीटर के दायरे के एक सिरे पर पहुंचकर क्लच व गियर का बखूबी इस्तेमाल किया जाए। ऐसा संभव है और फिल्मों में ऐसे करतब हम देख भी चुके हैं।

निफ्टी ने भी यही करतब दिखाया है। 5700 अंक तक पीछे गया। फिर तेजी से बढ़ता गया। आज 6200 के एकदम करीब 6178.55 तक जा पहुंचा। अब पहला सिरा 6300 का और दूसरा सिरा 6350 अंक का है। और, बहुत मुमकिन है कि निफ्टी 6350 के आगे भी छलांग लगा जाए। मंदड़ियों ने इस ऊंची कूद के लिए आदर्श स्थितियां तैयार कर दी हैं।

2011 की शुरूआत के लिए इससे बेहतर थ्रिल कुछ और हो ही नहीं सकता था। इसके बाद हम 6500 अंक पर जाकर ही सांस लेंगे क्योंकि 6500 के स्तर की जमीन मंदड़िए तैयार कर चुके हैं। इस दौरान ए ग्रुप के वे सभी स्टॉक्स बाजार की रफ्तार को मात देंगे जिन्होंने साल 2010 में सेंसेक्स की रफ्तार से मात खाई है।

लीक पकड़ने के बजाय ऐसी राह निकालो जिससे दूसरों को मंजिल तक मिल जाए।  अपने यहां कहा भी गया है कि लीक लीक कायर चलैं, लीकहिं चलैं कपूत; लीक छोड़ि तीनों चलैं शायर, सिंह, सपूत।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ हैलेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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