राजीव गांधी के नाम पर सीधे शेयरों में 50,000 रुपए लगाओ। तीन साल तक उसे हाथ न लगाओ और इस निवेश का 50 फीसदी हिस्सा आयकर में रियायत पाओ। जी हां, वित्त मंत्री ने नए साल के बजट में रिटेल निवेशकों को शेयर बाजार में खींचने के लिए पहली बार राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम शुरू की है। इसका पूरा ब्योरा तो बाद में अलग से जारी किया जाएगा। लेकिन वित्त मंत्री के प्रस्ताव के मुताबिक, जिनऔरऔर भी

सरकार ने अपने अनुमानों को जमीनी हकीकत से मिलाने की कोशिश की है। उसने अर्थव्यवस्था की छमाही समीक्षा में चालू वित्त वर्ष 2011-12 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बढ़ने का अनुमान 7.25 फीसदी से 7.50 फीसदी कर दिया है। फरवरी में बजट पेश करते वक्त इसके 9 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया गया था। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को संसद में देश के आर्थिक हालात की मध्य-वार्षिक समीक्षा पेश की। इस समीक्षा रिपोर्ट मेंऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने यह तो माना है कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है, लेकिन उनका कहना है कि अब भी हालत इतनी खराब नहीं है कि हमारे सामने ‘छिपकली खाने’ की नौबत आ गई हो। वित्त मंत्री अंग्रेजी में ही बोलते हैं तो उनका असली कहा पेश है। उन्होंने बुधवार को लोकसभा में 2011-12 के बजट की अनूपूरक मांगों का प्रस्ताव पेश करते हुए लोकसभा में कहा: The economy is inऔरऔर भी

दो दिन पहले तक वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी कह रहे थे कि चालू वित्त वर्ष 2011-12 में देश की आर्थिक विकास दर घटकर 7.3 फीसदी पर आ जाएगी। लेकिन अब उनका कहना है कि यह दर 7.5 फीसदी रहेगी जो इस साल के बजट में बताए गए 9 फीसदी के अनुमान से काफी कम है। मुखर्जी ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मुझे भरोसा है कि हम वृद्धि दर में आईऔरऔर भी

केन्द्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने स्पष्ट किया है कि इस बार के बजट में सिलेसिलाए कपड़ों और परिधानों पर लगाया गया उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) दर्जी को नाप देकर सिलाए गए कपड़ों अथवा ऑर्डर के अनुसार सिले गए कपड़ों, धोतियों या फिर साड़ियों पर लागू नहीं है। बजट में ब्रांडेड रेडीमेड गारमेंट और मेडअप्स पर 10 फीसदी की दर से उत्पाद शुल्क लगाया गया है। सीबीईसी ने इस शुल्क के संबंध में स्पष्टीकरण केऔरऔर भी

केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित अपने कुल बाजार उधारी का लगभग 60 फीसदी हिस्सा पहली छमाही में ही जुटाएगी। इस तरह सरकार अप्रैल से सितंबर 2011 के बीच कुल 2.5 लाख करोड़ रुपए के बांड जारी कर सकती है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक विभाग के सचिव आर गोपालन ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। बता दें कि केंद्र सरकार ने 2011-12 के बजट में बाजार से कुलऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने हर तरफ से हो रहे विरोध को देखते हुए वातानुकूलित निजी अस्पतालों और डाइग्नोस्टिक सेंटरों पर पांच फीसदी सर्विस टैक्स लगाने का प्रस्ताव को वापस ले लिया है। बजट में 25 बिस्तरों से ज्यादा के वातानुकूलित अस्पतालों पर 5 फीसदी सर्विस लगाने की घोषणा की गई थी। वित्त मंत्री ने ब्रांडेड परिधान निर्माताओं पर उत्पाद शुल्क अनिवार्य करने के प्रस्ताव में भी कुछ रियायत दी है जिससे उन्हें अब केवल 45 फीसदीऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने स्वास्थ्य और शिक्षा में किए गए निवेश को भी इंफ्रास्ट्रक्चर में शामिल करने का एलान किया है। इससे पहले 28 फरवरी को पेश बजट में वे कोल्ड स्टोरेज चेन और उर्वरक उद्योग में किए गए पूंजी निवेश को इंफ्रास्ट्रकर में शामिल करने की पेशकश कर चुके हैं। शुक्रवार को लोकसभा में बजट 2011-12 पर हुई बहस का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माणऔरऔर भी

मौजूदा कानूनों के तहत देश में हाइब्रिड कारों को आयात करने की पूरी स्वतंत्रता है और इस तरह के वाहनों के लिए व्यापक अनुसंधान, डिजाइन, विकास और प्रदर्शन कार्यक्रम लागू किया जा रहा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने लोकसभा में शिवकुमार उदासी के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘मोटर वाहन कानून, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के प्रावधानों के तहत देश में मोटर वाहनों (हाइब्रिडऔरऔर भी