ऊपर-ऊपर चमकते-दमकते जीडीपी के नंबरों के झाग के नीचे भारतीय अर्थव्यवस्था में ऐसी विसंगतियां पनप रही हैं जो अभी तो नहीं, लेकिन भविष्य में कभी भी देश को विकराल संकट में धकेल सकती है। सारे हो-हल्ले के बावजूद भारत में निजी क्षेत्र का पूंजी निवेश नहीं हो रहा। अर्थव्यवस्था में पूंजी निवेश को दिखाता है सकल स्थाई पूंजी निर्माण (ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन) या जीएफसीएफ। यह वित्त वर्ष 2003-04 से 2007-08 के दौरान जीडीपी का 35.8% हुआऔरऔर भी