सरकार के लिए विदेशी ऋण कड़ा फंदा
2026-10-06
भारत सरकार के लिए आंतरिक ऋण कोई खास समस्या नहीं। साल-दर-साल वो ऋण से पूरा किया जानेवाला राजकोषीय घाटा भी कम करती जा रही है। वित्त वर्ष 2012-14 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.2% हुआ करता था। 2013-14 में जीडीपी का 4.4% पर आ गया। बीच में कोरोना महामारी के भीषण संकट के बावजूद 2025-26 तक इसे दोबारा 4.4% पर ले आया गया और 2026-27 में इसे 4.3% पर ले आया जाएगा। लेकिन सरकार विदेशी ऋण सेऔरऔर भी
