इस समय देश की आर्थिक स्थिति बड़ी विचित्र है। अंदर-अंदर मूल अर्थव्यवस्था ठंडी पड़ी है। औद्योगिक निवेश अटका है तो वास्तविक वेतन/मजदूरी भी। असली कमाई नहीं बढ़ रही तो लोगबाग कमाने के लिए म्यूचुअल फंड में एसआईपी कर रहे हैं। जमकर परसनल लोन भी ले रहे हैं। यहां तक कि गाढ़े वक्त के लिए रखा गया सोना तक गिरवी रखकर लोन ले रहे हैं। ठहरी औद्योगिक मांग और बढ़ते कर्ज पर टिकी खपत ने गजब का असंतुलनऔरऔर भी