भारत के जन-जन, बच्चे से लेकर बूढ़े व भिखारी तक प्रत्यक्ष व परोक्ष टैक्स राजस्व सरकार को देते हैं। टैक्स से बनी आस्तियां बेचकर सरकार अतिरिक्त धन जुटाती है। जन-जन की जमा और बचत से ही वो 99% ऋण हासिल करती है। यही नहीं, देश के बाहर कमाने गए अनिवासी भारतीय (एनआरआई) अगर विदेशी मुद्रा भेजना बंद करें तो भारत सरकार भयंकर भुगतान संतुलन के संकट में फंस सकती है। सरकार ने जो नीतियां बना रखी हैं,औरऔर भी