कई महीनों की अनिश्चितता के बाद सरकार ने नए राष्ट्रीय खुफिया तंत्र, नेशनल ग्रिड (नेटग्रिड) को प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। नेटग्रिड गृहमंत्री पी चिदंबरम के दिमाग की उपज है और वित्त मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय इसका विरोध करते रहे हैं। गृह मंत्रालय का दावा है कि इससे आतंकवादी खतरों के खिलाफ कार्यरत एजेंसियों को जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने में आसानी हो जागी। सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की सुरक्षा मामलोंऔरऔर भी

आखिरकार नॉर्थ ब्लॉक में राजनीतिक गतिरोध टूटता हुआ दिख रहा है। आठ सालों बाद वित्त मंत्रालय विनिवेश का पल्लू छोड़कर पूरी तरह निजीकरण की तरफ निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। स्कूटर्स इंडिया को बेचने का फैसला हो चुका है। राज्यों के चुनाव नतीजों ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच व कार्रवाई को लेकर सारी उहापोह खत्म कर दी है। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) इसकी जांच कर ही रही है। डीएमके को अवाम ने सत्ता से बाहरऔरऔर भी

एलआईसी के इतिहास में ऐसा आज तक नहीं हुआ था। सरकार ने देश की इस सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के चेयरमैन टी एस विजयन का कार्यकाल बढ़ाने के बजाय उन्हें डिमोट तक प्रबंध निदेशक (एमडी) बना दिया है। फिलहाल वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के अतिरिक्त सचिव राकेश सिंह को एलआईसी का चेयरमैन बना दिया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह तात्कालिक व्यवस्था है। खुद राकेश सिंह ने कहा है कि एलआईसी का चेयरमैनऔरऔर भी

अपैल खत्म, मई आ गया। अप्रैल में तो शेयर बाजार कंपनियों के नतीजों के हिसाब से डोलता रहा। जिन कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर नतीजे घोषित किए, उनके शेयर ठीकठाक चले, जबकि जो कंपनियां बाजार की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं, उनके शेयरों को तोड़ दिया गया। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, इनफोसिस व सेल जैसी कंपनियां शामिल हैं। ऐसा होना एकदम स्वाभाविक था। इसलिए इसमें किसी अचंभे की बात नहीं है। वैसे, अभी अगले दो हफ्ते तक मिडऔरऔर भी

एक अच्छी खबर है जो पूंजी बाजार में खुशी ला सकती है। नॉर्थ ब्लॉक के मेरे सूत्रों ने बताया है कि आखिरकार वित्त मंत्रालय ने आईपीओ की लिस्टिंग के पहले दिन होनेवाले खेल पर चिंता जताई है। अमूमन लिस्टिंग के बाद शेयर धड़ाम से गिरते हैं जिससे लाखों-करोड़ों निवेशकों की पूंजी स्वाहा हो जाती है। यहां तक कि सरकार को भी अपनी कंपनियों के आईपीओ रिटेल व असली निवेशकों को बेचने में समस्या होती है। दुखद बातऔरऔर भी

कंपनियों के नतीजों का मौसम खत्म होने को है। अब तक तस्वीर यह बनी है कि जहां इनफोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी तमाम बड़े स्तर की कंपनियां बाजार की अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम रही हैं, वहीं पोलारिस, एचसीएल टेक्नो व हिंदुस्तान जिंक जैसे मध्यम स्तर की कंपनियों ने उम्मीद के बेहतर नतीजे हासिल किए हैं। कुल मिलाकर कॉरपोरेट क्षेत्र का लाभार्जन बीते वित्त वर्ष 2010-11 में पहले से 20 फीसदी ज्यादा रहेगा। लेकिन चालू वित्तऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने डाक जीवन बीमा निदेशालय को 7000 करोड़ रुपए के विशेष बांड जारी करने का फैसला किया है। ये बांड डाकघर जीवन बीमा निधि और ग्रामीण डाकघर जीवन बीमा निधि की जब्त रकम के एक हिस्से के रूप में जारी किए जा रहे हैं। वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक की तरफ से जारी सूचना के अनुसार इसके तहत जारी प्रतिभूतियों का नाम ‘पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस गवर्नमेंट ऑफ इंडिया सिक्यूरिटी’ होगा। ये प्रतिभूतियां दो तरह कीऔरऔर भी

आगे से देश भर में कहीं भी सरकारी जमीन अगर गलत तरीके से बेची या लीज पर दी गई है तो उसके लिए सीधे आप केंद्रीय मंत्रिमंडल को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं क्योंकि उसकी मंजूरी के बिना ऐसा नहीं किया जा सकता। कैबिनेट सचिवालय ने सभी प्रमुख मंत्रालयों और विभागों को निर्देश भेजा है कि सरकार या सरकारी संस्थाओं की जमीन बेचने या लीज पर देने पर पहले वित्त मंत्रालय के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरीऔरऔर भी

कृषि मंत्री शरद पवार ने खेल मंत्री अजय माकन, सूचना प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी व पर्यटन मंत्री कुमारी शैलजा लेकर वित्त मंत्रालय तक के एतराज के बावजूद आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) को भारत में खेले गए सभी विश्व कप मैचों पर टैक्स में छूट दिला दी है। इससे आईसीसी को कम से कम 45 करोड़ रुपए का फायदा होगा। पवार ने गुरुवार को कैबिनेट से यह प्रस्ताव पास करवा लिया। इसमें उनकी पार्टी एनसीपी के सदस्य औरऔरऔर भी