बहुत साफ-सी बात है कि मूल्य सामाजिक लेनदेन का पैमाना है। मूल्य किसी चीज को उतना ही मिलता है, जितना लोग उसे भाव देते हैं। और, लंबे समय तक भाव पाने के लिए उस चीज की अपनी औकात और दमखम होना जरूरी है। हम लंबे समय में फलने-फूलनेवाली ऐसी ही सामर्थ्यवान और संभावनामय कंपनियां आपके लिए छांटकर लाने की कोशिश करते हैं। साथ ही आपसे अपेक्षा भी करते हैं कि निवेश करने से पहले खुद एक बारऔरऔर भी

पहले लंगोटी हुआ करती थी। कहा जाता था कि भागते भूत ही लंगोटी ही भली। लंगोटी फिर चड्ढी हो गई। और, अब चड्ढी में भी तमाम ब्रांड हो गए। लोकल से लेकर ग्लोबल तक। अमेरिका का ऐसा ही ब्रांड है जॉकी। देखे होंगे आपने इसके विज्ञापन। अमेरिकी कंपनी जॉकी इंटरनेशनल के इस ब्रांड को भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल व संयुक्त अरब अमीरात में बेचने का इकलौता लाइसेंस मिला हुआ है पेज़ इंडस्ट्रीज़ को, जिसके एवज में उसेऔरऔर भी

मित्रों, इस कॉलम में जब भी हम किसी शेयर में निवेश की सिफारिश करते हैं तो अक्सर आगाह करते रहते हैं कि खुद ठोंक-बजाकर देख लेने के बाद ही निवेश करें। जैसे, 11 अप्रैल 2011 को हमने यहां सुप्रीम इंडस्ट्रीज में निवेश की सलाह देने के साथ लिखा था, “कोई कंपनी जब अच्छी तरह में समझ में आ जाए, उसमें भावी विकास की गुंजाइश नजर आए, तभी उसके शेयरों में निवेश करें। हमारे या किसी और केऔरऔर भी

सब वही। धंधा वही। बरक्कत वही। लेकिन बाजार ने किसी भी वजह से नजरों से गिरा दिया तो कंपनी का शेयर धड़ाम से नीचे आ जाता है। हरियाणा में गुड़गांव से संचालित होनेवाली कंपनी एचएसआईएल लिमिटेड के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है। करीब नौ महीने पहले, 29 जुलाई 2011 को उसका दो रुपए अंकित मूल्य का शेयर 245.80 रुपए पर इसलिए था क्योंकि बाजार से उसे एकबारगी चढ़ा दिया था और वो 19.71 के पी/ई अनुपातऔरऔर भी

हल्ला था कि धनलक्ष्मी बैंक का अधिग्रहण होने जा रहा है और वह अपनी कम से कम 30 शाखाएं बंद कर देगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में बैंक के सीईओ व प्रबंध निदेशक पीजी जयकुमार ने स्पष्ट कह दिया, “शाखाओं को बंद करने की हमारी कोई योजना नहीं है। हम बढ़ना चाहते हैं।” बता दें कि अधिग्रहण की चर्चाओं के बीच धनलक्ष्मी बैंक का शेयर पिछले एक महीने में 57.20 रुपए सेऔरऔर भी

आइशर मोटर्स का दस रुपए अंकित मूल्य का शेयर 4 मई 2011 को बीएसई में 1119 रुपए की तलहटी पर था। ठीक 11 महीने बाद पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, 4 अप्रैल 2012 को 2210 रुपए की चोटी पर जा पहुंचा। इसी दौरान एनएसई में यह 1114 रुपए से 2214 रुपए तक पहुंचा है।. न्यूनतम से उच्चतम के बीच करीब-करीब दोगुना फासला! 11 महीने में 98 फीसदी का रिटर्न!! यह है शेयर बाजार में निवेश कीऔरऔर भी

निफ्टी 5400 तो छोड़िए, 5338.40 को भी पार नहीं कर सका और 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 5322.90 पर बंद हुआ। किंगफिशर एयरलाइंस खुला तो थोड़ा बढ़कर। लेकिन 18.70 रुपए तक जाने के बाद 11.11 फीसदी की बढ़त लेकर 18.50 रुपए पर बंद हुआ। गिरते बाजार में भी शेयर बढ़ते हैं। बाजार से कमाई के लिए इसी पारखी नजर को विकसित करने की जरूरत है। यह नज़र या कला अभ्यास से एक न एक दिन आऔरऔर भी

विद्वानों के मुताबिक कई तरह के संकट भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहे हैं। यूरो ज़ोन के संकट का खिंचना इस पर भारी पड़ेगा। मनमोहन सिंह की सरकार नीतिगत फैसलों में पंगु बनी हुई है। यूपीए गठबंधन में ममता ने ऐसा बवाल मचा रखा है कि सरकार को राष्ट्रीय आंतकवादी विरोधी केंद्र (एनसीटीसी) तक पर झुकना पड़ रहा है। ऊपर से घोटाले हैं कि थमने का नाम तक नहीं ले रहे। कोयला तो काला था ही। पवित्र गायऔरऔर भी

संजय लालभाई का समूह कंपनियों के ऐसे नाम रखता है जैसे बेटों का नाम रख रहा हो। अनिल, अतुल, अमोल, अरविंद। जी हां, इस समूह की बहुत पुरानी कंपनी है अरविंद लिमिटेड। किसी नाम की मोहताज नहीं। डेनिम में दबदबा है। जहां ली, रैंगलर, ऐरो व टॉमी हिलफिगर जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भारत में इसी कंपनी के जरिए चलते हैं, वहीं फ्लाइंग मशीन, न्यूपोर्ट, एक्ज़ालिबर और रफ एंड टफ इसके अपने ब्रांड हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगाऔरऔर भी

मैंने कहा था कि सेंसेक्स अगले कुछ सत्रों में 500 अंक बढ़ जाएगा। 250 अंक तो वो पहले ही बढ़ चुका था और आज ही एनएवी के चलते 300 से ज्यादा अंकों की बढ़त उसने और ले ली। यह कोई करिश्मा नहीं, पहले से तय था। इसका श्रेय डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट की व्यवस्था को दिया जाना चाहिए। आईएफसीआई जैसे स्टॉक को पहले तोड़कर 39.5 रुपए तक ले जाया गया और वापस 42.5 रुपए पर पहुंचाऔरऔर भी