बाज़ार कस के गिरेगा दो हफ्ते बाद

विद्वानों के मुताबिक कई तरह के संकट भारतीय अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहे हैं। यूरो ज़ोन के संकट का खिंचना इस पर भारी पड़ेगा। मनमोहन सिंह की सरकार नीतिगत फैसलों में पंगु बनी हुई है। यूपीए गठबंधन में ममता ने ऐसा बवाल मचा रखा है कि सरकार को राष्ट्रीय आंतकवादी विरोधी केंद्र (एनसीटीसी) तक पर झुकना पड़ रहा है। ऊपर से घोटाले हैं कि थमने का नाम तक नहीं ले रहे। कोयला तो काला था ही। पवित्र गाय मानी जानेवाली सेना में भी घोटालों के अनार बराबर फूट रहे हैं।

फिर, राजकोषीय घाटे का जीडीपी का 5.9 फीसदी होना, चालू खाते के घाटे का जीडीपी का अक्टूबर-दिसंबर 2011 के दौरान 4.3 फीसदी हो जाना। 2जी टेलिकॉम लाइसेंसों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, वोडाफोन के टैक्स विवाद के बाद आयकर कानून में विदेशियों को नाराज करनेवाला संशोधन। हालत यह हो गई है कि दुनिया के बड़े उद्योग संगठनों को सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखना पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था से आगे क्या उम्मीद की जाए?

लेकिन विद्वानों की राय के विपरीत, शेयर बाजार है कि बढ़ता ही जा रहा है। आज लगातार तीसरे दिन निफ्टी और सेंसेक्स में बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स 0.68 फीसदी बढ़कर 17,597.42 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.76 फीसदी की बढ़त लेकर 5358.50 पर पहुंच गया। पौने दो बजे के आसपास यह ऊपर में 5378.75 तक चला गया था। कल बहुत मुमकिन है कि 5400 का लक्ष्य हासिल हो जाए। निफ्टी फ्यूचर्स तो आज दिन में ऊपर में 5402 तक चला भी गया, जबकि आखिरी भाव उसका 5383.10 का रहा है।

असल में बाजार का बढ़ना-गिराना इस वक्त भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती या मजबूरी को लेकर नहीं, बल्कि बहती आ रही तरलता के चलते हो रहा है। धन आ रहा है। लग रहा है। नई पोजिशन बनाई जा रही हैं। गिरने का सिलसिला दो हफ्ते या साफ-साफ कहा जाए तो 17 अप्रैल को रिजर्व बैंक की सालाना मौद्रिक नीति के आने के बाद शुरू होगा। बहाना होगा कि रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की। ज्यादा संभावना इसी बात की है। अगर ब्याज दर में कटौती कर दी गई, बाजार तब भी गिरेगा और कहा जाएगा कि बाजार तो ब्याज दर में कमी को पहली ही डिस्काउंट करके चल रहा था।

इस बीच खबरों पर शेयरों के बढ़ने का क्रम चलता रहेगा। जैसे, आज भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) ने अंनतिम नतीजों में बताया कि 2011-12 में उसका शुद्ध लाभ 14.3 फीसदी बढ़कर 6870 करोड़ रुपए हो गया है और नए वित्त वर्ष में कंपनी 50,000 करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल कर लेगी तो उसका शेयर 1.11 फीसदी बढ़कर 263.70 रुपए पर पहुंच गया। समझदार निवेशक भेल में इस मौके पर निवेश कर सकते हैं क्योंकि यह फिलहाल 223.35 रुपए के न्यूनतम स्तर के काफी करीब है, जबकि 450 रुपए के उच्चतम स्तर से काफी दूर है।

इस हफ्ते कारोबार का अब एक ही दिन बचा है। फिर गुरुवार को महावीर जयंती और शुक्रवार को गुड फ्राईडे की छुट्टी है। जन्म और फिर से जीवन पाने का यह सिलसिला अगले हफ्ते बाजार को गति देता रहेगा। किंगफिशर एयरलाइंस के बारे में हल्ला है कि संकट का समाधान निकल आया है। उधर सरकार विदेशी एयरलाइंस को घरेलू कंपनियों में इक्विटी लगाने की इजाजत देगी और इधर यह शेयर छलांग लगा जाएगा। ऐसी ही उम्मीदों के बीच किंगफिशर आज भी 10.26 फीसदी बढ़कर 16.65 रुपए पर पहुंच गया। कहा जा रहा है कि यह कल सीधे 20 फीसदी के सर्किट ब्रेकर 18.10 रुपए पर खुलेगा। ट्रेडिंग के लिए लिहाज से इस पर आप चाहें तो दांव लगा सकते हैं।

लेकिन निवेश के लिए आज ही नहीं, हमेशा का सबक याद रखिए कि किसी भी एयरलाइन कंपनी में कभी भी निवेश नहीं करना चाहिए क्योंकि उनका धंधा सरासर घाटे का ही सौदा है। तो, कल निफ्टी के 5400 पर पहुंचने की उम्मीद के साथ कल फिर मिलते हैं लगभग इसी समय, इसी जगह। तब तक…

यह सच है कि गड़बड़ियां बहुत हैं। लेकिन यह भी सच है कि गड़बड़ियां करनेवालों से अलग एक खेमा उन्हें ठीक करने की पुरजोर कोशिश में भी लगा है। इसलिए सिर्फ धारा को ही नहीं, उसके नीचे बहती अंतर्धारा को भी देखिए। और, मस्त रहिए।

3 Comments

  1. Anilji, your this column looks a better replacement of Chakri.

  2. Kam se kam IndiGo ko toh rehne dijiye Anil G 🙂

    Regards

  3. anil ji bohat badhiya likha hai waise agar baazar girney ka dar hai toh jaldi sey itc ya hul mey entry maar leni chahiye yahi dono stock girtey baazaar mey thoda bohat positive return detey he hai …. aap ka kya khayal hai ?

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