हम निफ्टी में 4650 से ही लांग रहने की सलाह दे रहे थे और निफ्टी वाकई 4820 का बहुप्रतीक्षित प्रतिरोध स्तर पार कर गया है। आज यह 2.25 फीसदी की बढ़त लेकर 4849.55 पर बंद हुआ है। तेजी का एक माहौल परवान चढ़ रहा है। इसके पीछे तमाम कारक हैं। जैसे, दुनिया के बाजारों में सुधार, कमोडिटी के भावों में गिरावट जिससे वहां से निकलकर धन दूसरे माध्यमों में जाने लगा है, भारत में खाद्य मुद्रास्फीति काऔरऔर भी

निश्चित तौर पर बाजार इस समय खुद को जमा रहा है क्योंकि तमाम मिड कैप स्टॉक्स अब पलटकर उठने लगे हैं। निश्चित तौर पर बाजार इस समय खुद को जमा रहा है क्योंकि तमाम मिड कैप स्टॉक्स अब पलटकर उठने लगे हैं। साथ ही बहुत से मिड कैप व स्मॉल कैप स्टॉक्स भी काफी संभावना दिखा रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू), फर्टिलाइजर और अब यहां तक कि चीनी जैसे क्षेत्रों में भी तेजी की दिपदिपऔरऔर भी

जनवरी 2008 में 130.35 रुपए और जून 2009 में 91.75 रुपए पर रहा जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर का एक रुपए का शेयर जून 2010 में जब 54.40 रुपए तक आ गया तो बाजार के लोगों ने बताया और हमें भी लगा कि यह शेयर जरूर ऊपर जाएगा। 15 जून 2010 को इसके बारे में हमने पहली बार लिखा तो ठीक एक दिन पहले यह 55.40 रुपए पर था और बीएसई व एनएसई को मिलाकर उसमें कुल करीब 35 लाखऔरऔर भी

बाजार में 11 बजे से 12.45 बजे तक का विशेष ट्रेडिंग सत्र। पौने दो घंटे का कारोबार। बाजार लगभग सपाट। निफ्टी व सेंसेक्स में मामूली गिरावट। लेकिन फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयर सब्सिडी की खबर के चलते उछल गए। लेकिन उनकी यह उठान समय के साथ थम जाएगी। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हमने पिछले हफ्ते के शुरू में ही खरीद की सलाह दी थी और हमने जो कहा था, उसे हासिल कर लिया है। शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफऔरऔर भी

बाजार में ढाई बजे तक गिरावट का माहौल रहा। फिर वह उठने लगा। लेकिन 4794.90 तक जाने के बावजूद कमोबेश कल के समान स्तर 4754.10 पर बंद हुआ। वैसे, इस बार की गिरावट भी मुझे बेहतर लग रही है क्योंकि बहुत सारे स्टॉक्स खास किस्म की चमक दिखा रहे हैं जिसका मतलब है कि उनके जमने की प्रक्रिया जारी है। बाजार जमने में जितना ज्यादा वक्त लगाएगा, उसमें बढ़त का लक्ष्य उतना ही उठता जाएगा। खाद्य मुद्रास्फीतिऔरऔर भी

सरकार के पास सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की हिस्सेदारी बेचकर धन जुटाने के लिए बस 60 दिन और बचे हैं। चूंकि प्रवर्तकों का हिस्सा नीलामी के जरिए बेचने के लिए सरकार ने स्टॉक एक्सचेंजों में विशेष विंडो खोलने की घोषणा की है, इसलिए विनिवेश की योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। वैसे, अगले 60 दिनों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की तरफ से धड़ाधड़ लाभांश की घोषणा होनी है। हमारा अभी के लिए चुनाऔरऔर भी

उड़ीसा मिनरल्स डेवलपमेंट कंपनी (ओएमडीसी) सार्वजिनक क्षेत्र की कंपनी है। देश भर में इसकी छह खदानें हैं जिनमें 20.6 करोड़ टन लौह अयस्क और 4.4 करोड़ टन मैंगनीज अयस्क का भंडार है। माना जाता है कि इन खदानों का फिर से आकलन किया जाए तो भंडारों की मात्रा दोगुनी हो सकती है। फिलहाल कंपनी पिछले तीन-चार साल से ठंडी पड़ी थी। लेकिन उड़ीसा के क्योंझर जिले में बरबिल के आसपास स्थित उसकी दो खदानों – कोल्हा रोएडाऔरऔर भी

बाजार के पंटर भाई लोग सुबह से ही यह मानकर शॉर्ट हो चले थे कि कल की तेजी टिक नहीं पाएगी क्योंकि बाजार में चहक लाने जैसा तो कुछ है नहीं। अब एक एफआईआई ब्रोकिंग हाउस ने रिपोर्ट जारी कर दी है कि राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के पार चला जाएगा। इसलिए कुछ भी संभावनामय नहीं लग रहा। क्या आप मेरे केवल एक सवाल का जवाब दे सकते हैं कि बाजार जब 15,500 पर कमजोर दिख रहाऔरऔर भी

साल भर में करीब 25,500 करोड़ रुपए का धंधा। करीब डेढ़ लाख लोगों को सीधा रोजगार। अभी सितंबर तिमाही में करीब 7500 करोड़ रुपए की आय पर 1822 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ। मौजूदा बाजार पूंजीकरण 1.65 लाख करोड़ रुपए। इनफोसिस है तो देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी। उसका नंबर टाटा समूह की कंपनी टीसीएस के बाद आता है जिसकी सालाना आय करीब 30,000 करोड़ और मौजूदा बाजार पूंजीकरण 2.34 लाख करोड़ रुपए है।औरऔर भी

बाजार लोगों की सोच का गुलाम नहीं है। दिसंबर का महीना मंदड़ियों की जकड़ में रहा, जबकि बाजार के लोग अच्छी रैली की उम्मीद कर रहे थे। जनवरी में बाजार के लोग 10 फीसदी गिरावट की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन डेरिवेटिव सौदों में कैश सेटलमेंट की व्यवस्था के चलते बाजार वर्तमान सेटलमेंट के अंतिम दिन 25 जनवरी तक निफ्टी को 5000 तक ले जा सकता है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे जो चाहते हैं, उन्हेंऔरऔर भी