किसी गाड़ी के लिए शॉक एब्जॉर्वर जो काम करता है, वैसी ही भूमिका किसी कर्जदार के लिए मोर्गेज इंश्योरेंस की है। आपने यदि किसी प्रकार का कर्ज लिया है तो मोर्गेज इंश्योरेंस काफी उपयोगी हो सकता है। खास कर उस स्थिति में और ज्यादा, जब कर्ज लेने के बाद आपकी असामयिक मौत हो जाती है। तब मोर्गेज इंश्योरेंस ही आपके परिवार की चिंताएं दूर करता है। कैसे काम करता है: मान लीजिए कि आपने 50 लाख रुपएऔरऔर भी

हमारे तमाम फिल्मी सितारे टेलिविजन पर शो की एंकरिंग के लिए एक दिन के एक करोड़ रुपए से ज्यादा लेते हैं और चैनल इन्हें खुशी-खुशी दे भी देते हैं क्योंकि एक करोड़ देकर वे उनकी लोकप्रियता के आधार पर कई करोड़ कमा लेते हैं। खबरों के अनुसार स्टार प्लस हृतिक रौशन को डांस रियालिटी शो की होस्टिंग के लिए प्रति एपिसोड 2 करोड़ रुपए देने जा रहा है। अक्षय कुमार को मास्टर शेफ शो के लिए प्रतिदिनऔरऔर भी

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के अंतिम कायाकल्प की तैयारी है। अप्रैल 2009 में महिंद्रा समूह ने इसे खरीदने के बाद इसका नाम बदल कर महिंद्रा सत्यम कर दिया था और छह से आठ महीने के भीतर बाकायदा इसका विलय टेक महिंद्रा में कर दिया जाएगा। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बाजार के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि 29 सितंबर महिंद्रा सत्यम का निदेशक बोर्ड अपनी बैठक में वित्त वर्ष 2008-09औरऔर भी

कई यूरोपीय देशों द्वारा भारतीय जेनेरिक दवाओं को जब्त किए जाने को लेकर जारी विवाद विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में एक लंबी लड़ाई का रूप लेने लगा है क्योंकि दोनों पक्ष इस संबंध में किसी हल पर नहीं पहुंच सके हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम इस बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं। विश्व व्यापार संगठन की पहल पर भारत और यूरोपीय संघ के बीच जिनेवा में पहले ही दो दौर की बातचीत हो चुकी है।औरऔर भी

देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) ने मोबाइल पर शेयरों की ट्रेडिंग शुरू करने में सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) से बाजी मार ली है। उसने मंगलवार पर मोबाइल आधारित ट्रेडिंग की शुरुआत कर दी और पहले ही दिन तीस प्रमुख ब्रोकर फर्मों ने उसकी सेवा को अपना लिया है। इसमें शेयरखान, जेएम फाइनेंशियल, एनाम सिक्यूरिटीज, एसटीसीआई कैपिटल, एसएमसी ग्लोबल, एंजेल ब्रोकिंग, मारवाड़ी शेयर्स, मोतीलाल ओसवाल, ज़ेन सिक्यूरिटीज, जेपी कैपिटल,औरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज धीरूभाई के जमाने से ही शेयर बाजार की उस्ताद कंपनी है। शेयर बाजार के ऐसे-ऐसे खेल उसकी अंगुलियों के इशारों पर चलते हैं जिनकी हवा बड़े-बड़ों तक को नहीं लग पाती। इधर उसके शेयर 31 अगस्त को 915 तक जाने के बाद फिर से उठना शुरू हुए हैं और अब 1042.90 रुपए तक चले गए हैं। कैश सेगमेंट में बीएसई में रोजाना का औसत कारोबार 10-11 लाख शेयरों का रहता है तो एनएसई में 70-72औरऔर भी

सोमवार 20 सितंबर से शुरू हुआ हफ्ता 1995 के बाद से भारत के प्राइमरी बाजार का सबसे व्यस्ततम हफ्ता है। इस हफ्ते कैंटाबिल रिटेल व वीए टेक समेत आठ नई कंपनियों के आईपीओ खुल रहे हैं। इस हफ्ते पहले से खुले तीन आईपीओ शामिल कर दिए जाएं तो निवेश के लिए कुल 11 आईपीओ उपलब्ध हैं। साल 2007 में जब शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी का आलम था, तब भी एक हफ्ते में ज्यादा से ज्यादा 10औरऔर भी

स्टॉक एक्सचेंजों के स्वामित्व का आधार व्यापक होना चाहिए। उसमें विविधता होनी चाहिए ताकि इन व्यवस्थागत रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों को अच्छी तरह चलाया जा सके। यह राय है वित्तीय क्षेत्र की दो शीर्ष नियामक संस्थाओं – भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) की। स्टॉक एक्सचेंज पूंजी बाजार का हिस्सा हैं और उन पर सीधा नियंत्रण सेबी का है। इसलिए बैंकिंग नियामक का उनके स्वामित्व पर दो-टूक राय रखना काफी मायने रखता है।औरऔर भी

इस साल फरवरी से म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या में शुरू हुआ घटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह संख्या म्यूचुअल फंड फोलियो से गिनी जाती है। म्यूचुअल फंडों के साझा मंच एम्फी (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड एसोसिएशन इन इंडिया) के आंकड़ों के अनुसार फरवरी से अगस्त 2010 के बीच म्यूचुअल फंड फोलियो की संख्या में 5.84 लाख की कमी आ चुकी है। फरवरी में कुल म्यूचुअल फोलियो 483.09 लाख थे, जबकि अगस्त अंतऔरऔर भी

चीन में ब्लॉगरों की अनुमानित संख्या सात करोड़ पर पहुंच गई है। चीन की आबादी अभी करीब 135 करोड़ है। इसमें से 20 फीसदी 14 साल से नीचे के बच्चे हैं। इस तरह 15 साल या इससे ऊपर के चीनियों की संख्या 108 करोड़ है। इसका मतलब हुआ कि चीन में समझदार हो चुके हर पंद्रह लोगों में से एक शख्स ब्लॉगिंग कर रहा है। असल में चीन के पारंपरिक मीडिया में केवल रसूख वाले लोगों केऔरऔर भी