अगर आप मेडिक्लेम पॉलिसी देनेवाली बीमा कंपनी की सेवाओं से संतुष्ट नहीं हैं तो जल्दी ही आप बीमा कंपनी बदल सकते हैं और उतने ही प्रीमियम पर नई कंपनी से मेडिक्लेम प़ॉलिसी ले सकते हैं। मोटर बीमा पॉलिसी पर भी यही नियम लागू होगा। यह किसी ऐरे-गैरे का नहीं, बल्कि खुद बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के चेयरमैन जे हरिनारायण का कहना है। वे मंगलवार को मुंबई में उद्योग संगठन सीआईआई द्वारा आयोजित बीमा सम्मेलन में बोलऔरऔर भी

देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने आम निवेशकों से कम से कम 500 करोड़ रुपए उधार लेने की पूरी तैयारी कर ली है। उसने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के पास बांडों का पब्लिक इश्यू लाने का ड्रॉफ्ट प्रॉस्पेक्टस जमा करा दिया है। इस इश्यू के जरिए वह अपना पूंजी पर्याप्तता अनुपात बढ़ाने के लिए टियर-2 श्रेणी के बांडों से 500 करोड़ रुपए जुटाना चाहता है। साथ ही उसने अतिरिक्त सब्सक्रिप्शन का 100औरऔर भी

वोडाफोन तीन साल पहले 2007 में हचिसन के भारतीय कारोबार को खरीदने पर कोई टैक्स देने के मूड में नहीं है। इसी महीने 8 सितंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट फैसला सुना चुका है कि यह भारतीय संपत्ति के हस्तांतरण का मसला है। इसलिए इस पर वोडाफोन को कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ेगा। लेकिन वोडाफोन टैक्स न देने के अपने दावे पर कायम है। उसने सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है, जिस पर अगलीऔरऔर भी

हाजिर बाजार और विदेशी बाजारों में मजबूती के रूख के बाद सोमवार को सटोरियों की आक्रामक लिवाली से वायदा कारोबार में चांदी की कीमतें 160 रुपए की तेजी के साथ 33,152 रुपए प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड नई उंचाई को छू गईं। वैश्विक बाजारों में चांदी की कीमतों के 30 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद घरेलू बाजार में भी यही रुख कायम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में चांदी के अगले साल जुलाई कीऔरऔर भी

साल 2021 तक भारत में महानगरों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा होगी और हर महानगर में एक करोड़ से ज्यादा लोग रह रहे होंगे। अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन ऐसा मानता है। वहीं, भारत सरकार की जनगणना के मुताबिक भी बीते एक दशक में गांवों से तकरीबन 10 करोड़ ने पलायन किया है, जबकि निवास स्थान छोड़ने के आधार पर 30 करोड़ 90 हजार लोगों ने अपना निवास स्थान छोड़ा है। योजना आयोग के मुताबिक 1999-2000 में अप्रवासीऔरऔर भी

एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज गुरुवार को अपने खिलाफ सुनाए गए सेबी के आदेश पर अगले कदम की उधेड़बुन में लगा है। इस बीच शुक्रवार को सेबी चेयरमैन सी बी भावे ने इस बाबत पूछे गए सवाल पर कहा कि हर किसी को तय नियमों का पालन करना पड़ेगा। लेकिन एमसीएक्स-एसएक्स लगातार इक्विटी ट्रेडिंग की इजाजत न मिलने को सेबी द्वारा एनएसई को बचाने की कोशिश बताता रहा है। जवाब में एनएसई भी उसे नीचा दिखाने से बाज नहींऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने आईपीओ में शेयरों के दाम अधिक रखने पर चिंता जताई है। सेबी के चेयरमैन सी बी भावे में शुक्रवार को मुंबई में मर्चेंट बैंकिंग उद्योग पर आयोजित एक समारोह में कहा कि इनवेस्टमेंट बैंकरों को आपसी होड़ में पब्लिक इश्यू में जारी शेयरों के दाम बढ़ाने के बजाय निवेशकों के हितों का भी ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब बहुत सारे इश्यू आ रहे हों और बाजार अच्छा हो तोऔरऔर भी

इस समय छह से आठ ऑपरेटरों व एफआईआई के 1.25 करोड़ से ज्यादा निफ्टी के शॉर्ट सौदे फंसे पड़े हैं जो उन्होंने 5400 के स्तर के बाद से किए हैं। इन्हें वे काट ही नहीं पा रहे। काटने जाते हैं तो निफ्टी और बढ़ जाता है। यह स्थिति निफ्टी को नीचे नहीं आने दे रही। हर मंदड़िया भगवान से दुआ कर रहा है कि निफ्टी में कमजोरी आ जाए। लेकिन अभी तो तेजड़िए ही भगवान बने हुएऔरऔर भी

पूंजी बाजार की नियामक संस्था, सेबी ने एमसीएक्स स्टॉक एक्सचेंज को बीएसई या एनएसई की तरह इक्विटी शेयरों और ऋण प्रपत्रों वगैरह में ट्रेडिंग की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। यही नहीं, उसने गुरुवार को जारी किए गए अपने 68 पन्नों के आदेश में उसे बार-बार बेईमान कहा है। एक्सचेंज के सारे तर्कों को सेबी के पूर्णकालिक निदेशक के एम अब्राहम ने इस आधार पर खारिज कर दिया है कि अगर सेबी संतुष्ट नहीं हैऔरऔर भी

सरकार, दूसरी छमाही के लिए बजट में जितना तय है, उससे कम उधार बाजार से जुटाएगी। यह कहना है वित्त सचिव अशोक चावला का। उनके मुताबिक अक्टूबर से मार्च के बीच सरकारी बांडों के जरिए 1.70 लाख करोड़ रुपए का कर्ज जुटाया जाना था। लेकिन अब यह रकम 1.63 लाख करोड़ रुपए ही रहेगी। इस तरह अब बाजार पर 7000 करोड़ रुपए के सरकारी बांडों का बोझ कम हो जाएगा। हालांकि यह अपेक्षाकृत इतनी छोटी रकम हैऔरऔर भी