जितना बड़ा जोखिम, उतना बड़ा बीमा। दुनिया ने 1 सितंबर की तारीख को अब तक का सबसे बड़ा जोखिम झेला है क्योंकि दूसरा विश्व युद्ध 1 सितंबर 1939 को शुरू हुआ था। लेकिन देश में भी 1 सितंबर की तारीख और बीमा उद्योग के बीच गहरा रिश्ता है। 1 सितंबर 2000 को भारतीय बीमा उद्योग निजी क्षेत्र के लिए खोला गया। 1 सितंबर 2010 से यूलिप के कायाकल्प के लिए इरडा के नए दिशानिर्देश लागू हुए हैं।औरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने 1 सितंबर 2010 से लागू नए नियमों को पूरा करनेवाले 51 यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी) उत्पाद मंजूर कर दिए हैं। इरडा के चेयरमैन जे हरिनारायण ने बुधवार को मुंबई में एसोचैम द्वारा आयोजित ग्लोबल इंश्योरेंस समिट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके पास कुल 68 यूलिप के प्रस्ताव आए थे, जिनमें से 51 को मंजूरी दे दी गई है। इनमें से दो पेंशन प्लान हैं। एक प्लान एलआईसीऔरऔर भी

निजी क्षेत्र की जीवन बीमा कंपनियों में रिलायंस लाइफ ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सबसे अधिक रफ्तार से पॉलिसियां बेची हैं। अनिल अंबानी समूह की इस कंपनी ने अप्रैल-जून 2010 की तिमाही में 4.93 लाख पॉलिसियां बेची हैं। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस लाइफ ने बीते वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4.06 लाख पॉलिसियां बेची थीं। इस तरह से उसने इस बार पहले की अपेक्षा 21 फीसदी अधिकऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) और पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के बीच यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसी) को लेकर मची जंग के पटाक्षेप के बाद अब बीमा कंपनियों के लिए संभवत: यूलिप का आकर्षण कम हो सकता है। लिहाजा अब वे यूनिवर्सल लाइफ पॉलिसी (यूएलपी) लाने की संभावनाएं तलाश कर रही हैं। एक उत्पाद में दो फायदे: यूएलपी दरअसल एक उत्पाद में दो प्रकार की पॉलिसियों के फायदे देती है। यह यूलिप व परंपरागत प्लान कीऔरऔर भी

सरकार रिजर्व बैंक के साथ इस मसले पर बातचीत कर रही है कि होम लोम को कैसे प्राकृतिक आपदाओं से होनेवाले नुकसान से बचाने के बीमा के साथ जोड़ा जा सकता है। बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के चेयरमैन जे हरिनाराणन ने बुधवार को दिल्ली में फिक्की द्वारा आयोजित सेमिनार में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, “हम अब भी प्राकृतिक आपदाओं से व्यक्ति को बीमा देने का तरीका तलाशने में लगे हैं, लेकिन ऐसा कोई इकलौताऔरऔर भी

मुंबई की एक बीपीओ कंपनी में कार्यरत 52 वर्षीय अंकुश सावंत के पास हालांकि अपने नियोक्ता की ग्रुप मेडीक्लेम पॉलिसी है। पिछले दिनों उन्हें लगा कि हेल्थकेयर के बढ़ती खर्च की वजह से आज के जमाने में परिवार के हर सदस्य के पास पर्याप्त हेल्थ इंश्योरेंस कवर भी होना चाहिए। लेकिन बीमा एजेंट ने जब उन्हें प्रीमियम बताया तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। सावंत कहते हैं कि अगर यह हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी मैं 30औरऔर भी

यूलिप पर पूंजी बाजार नियामक संस्था सेबी और बीमा नियामक संस्था आईआरडीए (इरडा) की तकरार का नतीजा भले ही कानून बनाकर इरडा को बचाने के रूप में सामने आया हो, लेकिन इसने इरडा को पॉलिसीधारकों के प्रति ज्यादा जबावदेह बनने को मजबूर कर दिया है। वह लगातार नए-नए कदम उठा रही है। ताजा दिशानिर्देश में उसने तय किया है कि जीवन बीमा और साधारण बीमा कंपनियों को पॉलिसीधारकों की शिकायतों की निपटारा तीन दिन से लेकर दोऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) ने प्रस्ताव रखा है कि लोगों को झांसा देकर बीमा पॉलिसी बेचनेवाले एजेंट का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। तमाम बीमा कंपनियों की बहुत-सी पॉलिसियों का नवीनीकरण न होने की बढती समस्या के कारण इरडा ने यह प्रस्ताव किया है। बीमा नियामक का प्रस्ताव है कि अगर किसी एजेंट द्वारा बेची गई 50 फीसदी पॉलिसियों का सालाना नवीकरण नहीं होता है तो उस एजेंट का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इरडाऔरऔर भी

बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) पॉलिसीधारकों के हितों से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी में जुट गया है। इस सिलसिले में उसने नए संशोधित नियमों का प्रारूप पिछले महीने की 18 तारीख को जारी किया था, जिस पर सभी संबंधित पक्षों से 5 जुलाई तक प्रतिक्रिया व सुझाव मांगे गए थे। अब सारे सुझावों के मिल जाने के बाद इरडा की कोशिश है कि नए नियमों को जल्दी से जल्दी कानूनी स्वरूप दे दिया जाए। हालांकिऔरऔर भी

बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) का कोई जवाब नहीं। बीमा उद्योग के इस रेगुलेटर ने यूलिप पर जो नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उनसे यूलिपधारकों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। यह एक प्रकार से सबसे ज्यादा बिकनेवाले बीमा उत्पाद यूलिप की ओवरहॉलिंग हैं। इससे एजेंटो द्वारा की जा रही मिस-सेलिंग पर रोक लगेगी और पॉलिसीधारक को ज्यादा बीमा कवर भी मिलेगा। ज्यादा इंश्योरेंस: नए यूलिप ज्यादा इंश्योरेंस देनेवाले हैं। अब सभी यूलिप में मेडिकलऔरऔर भी