हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन (एचडीएफसी) का धंधा एकदम सीधा सरल है। पहले हमारे बाप-दादा रिटायर होने के बाद ही घर बना पाते थे। लेकिन आज 30-35 साल के नौकरीपेशा लोग भी मुंबई व दिल्ली जैसे शहर में अपना घर बना ले रहे हैं तो इसे सुगम बनाने और इस ख्वाहिश को बिजनेस म़ॉडल बनाने का श्रेय एचडीएफसी के संस्थापक हंसमुख ठाकुरदास पारेख को जाता है। 1977 में उन्होंने आम मध्य वर्ग के लोगों को हाउसिंग फाइनेंस देनेऔरऔर भी

कुछ कंपनियां ऐसी होती हैं जिनमें लंबे समय के निवेश को लेकर ज्यादा कुछ आगा-पीछा सोचने की जरूरत नहीं होती। बस यही देखना पड़ता है कि उन्हें सस्ते में पकड़ने का वक्त है कि नहीं। एचडीएफसी ऐसी ही कंपनी है। हाउसिंग फाइनेंस की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी कंपनी। हमारे यहां 30-32 साल के नए-नए नौकरी करनेवाले लोग भी जो लोन लेकर खटाक से घर के मालिक बन जा रहे हैं, वो पूरी सहूलियत और इस धंधेऔरऔर भी

बाजार के लोगों में डर बना हुआ है कि इसमें कभी भी करेक्शन आ सकता है, गिरावट आ सकती है। जब तक लोगों में यह डर कायम है और बहुत सारे शॉर्ट सौदे हुए पड़े हैं, तब तक बड़ा करेक्शन आने की कोई गुंजाइश नहीं है। हां, थोड़ा-बहुत ऊपर नीचे हो ही सकता है। फिर भी सावधानी बरतनी जरूरी है। हेजिंग जरूरी है यानी एक जगह का घाटा दूसरी जगह के भरने का इंतजाम जरूरी है। यकीनऔरऔर भी

निवेश एक कला है और विज्ञान भी। कला अनुशासन से निखरती है और विज्ञान अध्ययन से आता है। इसे साबित कर दिखाया है आईआईएम लखनऊ के छात्रों ने। 2009-11 के बैच के छात्रों के स्वैच्छिक सहयोग से बनाए गए फंड क्रेडेंस कैपिटल ने इक्विटी शेयरों में निवेश पर 17.96 फीसदी और डेरिवेटिव सौदों पर 25.84 फीसदी रिटर्न हासिल किया है, जबकि इसी दौरान निफ्टी में 5.56 फीसदी की ही बढ़त दर्ज की गई। निवेश की अवधि जुलाईऔरऔर भी

हमने आईडीएफसी (इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी) की चर्चा इसी कॉलम में 31 मई 2010 को थी। तब 25 मई को 141.35 रुपए की तलहटी पकड़ने के बाद यह 28 मई को 154.15 रुपए तक पहुंचा था। हमने उस वक्त कहा था कि यह शेयर अगले कुछ महीनों में 180 रुपए तक जाने की सामर्थ्य रखता है। वाकई यह शेयर बढ़ते-बढ़ते 8 नवंबर को 218.20 रुपए तक जा पहुंचा। लेकिन अब फिर गिरते-गिरते 168.25 रुपए पर आ चुकाऔरऔर भी

नए साल का पहला कारोबारी सत्र। आपके लिए क्या पेश करूं? उलझन में हूं। सोचता हूं निवेश के माध्यमों में सबसे ज्यादा जोखिम शेयरों में है तो क्यों न साल की शुरुआत सुरक्षा के बजाय भरपूर जोखिम से की जाए। पहले ही दिन बहुत बच-बचकर क्यों चला जाए! तो ऐसा शेयर जो 36.53 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। इतने पी/ई का कोई भी शेयर महंगा ही कहा जाएगा। लेकिन जब पूरा सेक्टर तेजी सेऔरऔर भी

देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी, सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) इसे बड़ा हाउसिंग लोन घोटाला मानती है। लेकिन वित्त मंत्रालय कहता है कि बैंकिंग रिश्वतखोरी का यह मामला व्यवस्थागत खतरा नहीं है। देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख भी कहते हैं कि यह बहुत पुरानी समस्या है। इसलिए इसमें कोई ‘सिस्टेमिक रिस्क’ नहीं है। लेकिन यह कहीं से भी सामान्य बात नहीं है कि एलआईसी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और सेंट्रल बैंक ऑफऔरऔर भी

एचडीएफसी सिक्यूरिटीज के वी के शर्मा जी कहते हैं कि आइम्को इलेकॉन (इंडिया) लिमिटेड लंबे निवेश के लिए अच्छी कंपनी है। उन्होंने 19 अगस्त को जब यह शेयर खरीदने की सिफारिश की थी, तब इसका बंद भाव 310.55 रुपए था। उसके बाद से लगातार गिरते-गिरते यह 25 अगस्त को 296 रुपए पर पहुंच गया। कल 26 अगस्त को जाकर यह बीएसई (कोड – 523708) में 20 पैसे बढ़कर 296.20 रुपए पर बंद हुआ है तो एनएसई (कोडऔरऔर भी

रिजर्व बैंक द्वारा रेपो में चौथाई और रिवर्स रेपो में आधा फीसदी वृद्धि करने के बावजूद अक्टूबर से पहले होम या ऑटो लोन पर ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद नहीं है। यह कहना है ज्यादातर बैंकरों का। उनका मानना है कि मौद्रिक नीति के उपायों से ब्याज पर दबाव जरूर बढ़ जाएगा, लेकिन अक्टूबर से कर्ज की मांग बढ़ने पर ही वे इसकी दरें बढ़ाने की स्थिति में होंगे। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के चेयरमैनऔरऔर भी

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) ने सस्ते या टीजर होम लोन की स्कीम 30 अप्रैल 2010 तक बढा दी है। पहले यह स्कीम 31 मार्च 2010 को खत्म होनी थी। इस स्कीम के तहत होम लोन लेनेवाले को पहले साल केवल 8 फीसदी सालाना की दर से ब्याज देना होता है। अभी तक दूसरे व तीसरे साल ब्याज की दर 8.5 फीसदी रखी गई है। लेकिन 1 अप्रैल या उसके बाद होम लोनऔरऔर भी