डर के आगे जीत है, ज़रा संभल कर

बाजार के लोगों में डर बना हुआ है कि इसमें कभी भी करेक्शन आ सकता है, गिरावट आ सकती है। जब तक लोगों में यह डर कायम है और बहुत सारे शॉर्ट सौदे हुए पड़े हैं, तब तक बड़ा करेक्शन आने की कोई गुंजाइश नहीं है। हां, थोड़ा-बहुत ऊपर नीचे हो ही सकता है। फिर भी सावधानी बरतनी जरूरी है। हेजिंग जरूरी है यानी एक जगह का घाटा दूसरी जगह के भरने का इंतजाम जरूरी है। यकीन मानिए, हम मजबूत तेजी के दौर में हैं। इस दौर में मूल्यवान स्टॉक्स की खरीद की जानी चाहिए और ऐसा हो भी रहा है।

अगर आप ट्रेडर हैं तो इस मौके का फायदा उठाइए। अगर नहीं हैं तो स्तरीय स्टॉक्स को खरीद लीजिए और बाकी काम बाजार पर छोड़ दीजिए। पहले आपने सोचा कि बाजार (निफ्टी) 4700 तक चला जाएगा। ऐसा नहीं हुआ। अब आप सोच रहे हैं कि बाजार पहले 6500 तक जाएगा। लेकिन बहुत मुमकिन है कि ऐसा न हो।

आज भी सेंसेक्स और निफ्टी लगभग पुराने स्तर पर बरकरार रहे। सेंसेक्स 19,590 और निफ्टी 5885 के ऊपर हैं। दोपहर में करीब दो-ढाई घंटे तक लगातार ये कल से बढ़े स्तर रहे। फिर नीचे आ गए। लेकिन मिड कैप व स्माल कैप में खरीद बदस्तूर जारी है। इनसे जुड़े सूचकांकों में आज भी ठीकठाक बढ़त दर्ज की गई है।

फिलहाल धोनी की तरह शांत चित्त होकर अपनी पारी खेलिए और जब मौका आए तो हर स्थिति से जूझने को तैयार रहिए। जो अपना आपा खोकर ज्यादा ही व्यग्र हो जाते हैं, वे हमेशा जंग हारते हैं। इस समय मेरे चुनिंदा स्टॉक्स हैं – रैनबैक्सी, जी ई शिपिंग, केयर्न, बी एफ यूटिलिटीज, जेट एयरवेज, आईएफसीआई, आईडीबीआई बैंक, सुजलॉन, एचडीआईएल, यूनिटेक, बॉम्बे डाईंग और सेंचुरी टेक्सटाइल्स।

जेट एयरवेज आज 494.45 रुपए तक उठने के बाद नीचे आ गया। लेकिन कल इसके 500 के ऊपर खुलने की उम्मीद है। इस समय एचडीएफसी, हिंडाल्को, टाटा पावर, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, एल एंड टी और हिंदुस्तान यूनिलीवर में एफआईआई की खरीद चल रही है। बीएफ यूटिलिटीज अभी तक बी ग्रुप में है। लेकिन बीएसई इसे 11 अप्रैल से इसे ए ग्रुप में डालने की घोषणा कर चुका है। इसमें अब एफ एंड ओ सौदे भी शुरू हो जाएंगे। इसलिए इसमें अच्छी बढ़त की पूरी गुंजाइश है। सिंटेक्स इंडस्ट्रीज और विम प्लास्ट पर नजर रखिए। दोनों के उठने का क्रम जारी है।

शब्दों में बड़ी ताकत होती है। बड़ी से बड़ी तकलीफ में सुकून दे सकते हैं। लेकिन ठंडे माहौल में आग भी लगा सकते हैं। इसलिए शब्दों का इस्तेमाल, जरा संभलकर, सोच-विचार कर।

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ है। लेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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