क्रॉम्प्टन ग्रीव्स बहुत बदल चुकी है। खासकर पिछले पांच सालों में वह नया कलेवर पकड़ती जा रही है। 1937 में बनी थापर समूह की यह कंपनी साठ के दशक तक मोटर, ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, सर्किट ब्रेकर और बिजली से जुड़े तमाम उपभोक्ता सामान बनाती थी। अब वह दुनिया की मशहूर इंजीनियरिंग कंपनियों में गिनी जाती है। पहले सिर्फ भारत में थी। अब इसका मैन्यूफैक्चरिंग आधार बेल्जियम, कनाडा, हंगरी, इंडोनेशिया, आयरलैंड, फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका तक पहुंच गया है।औरऔर भी

मैने हाल ही में अखबार में एक लेख पढ़ा जिसमें बताया गया है कि 1.60 लाख करोड़ रुपए के बाजार में महज 250 करोड़ रुपए से किसी भी एफ एंड ओ (फ्यूचर्स व ऑप्शंस) सौदे को नचाया जा सकता है। यह संभव भी लगता है। जरा गौर कीजिए। बाजार में कल तक का ओपन इंटरेस्ट 1.66 लाख करोड़ रुपए का था और इसमें से करीब एक लाख करोड़ रुपए निफ्टी के पुट व कॉल ऑप्शन के हैं।औरऔर भी

बॉम्बे डाईंग के साथ ऐसा क्या बुरा हो गया जो उसे इस सेटलमेंट में ठोंककर 575 रुपए से 458.75 रुपए तक पहुंचा दिया गया? आज भी यह 525.90 और 510.10 रुपए के बीच झूला  है। 2 दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच तो इसे  575 रुपए से गिराकर 458.75 रुपए पर पटक दिया गया। इसके डेरिवेटिव के साथ भी यही हरकत हुई है। इस दरम्यान कंपनी के साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ जो उसके स्टॉक कोऔरऔर भी

कंसोलिडेटेड कंस्ट्रक्शन कंसोर्टियम लिमिटेड (सीसीसीएल) का शेयर पिछले एक महीने में 72 रुपए से 15 फीसदी से भी ज्यादा गिरकर 61 रुपए पर आ चुका है। इस दरम्यान वह 26 नवंबर को 60 रुपए तक चला गया है जो 52 हफ्तों का उसका न्यूनतम स्तर है। इस शेयर की बुक वैल्यू 33.52 रुपए है, जबकि उसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 4.88 रुपए है। इस तरह कल बीएसई (कोड – 532902) में 60.90औरऔर भी

गैमन इंडिया का शेयर (बीएसई – 509550, एनएसई – GAMMONIND) तीन हफ्ते पहले 29 नवंबर को 150.55 रुपए का न्यूनतम स्तर छूने के बाद उठता जा रहा है। यह 2 दिसंबर को ऊपर में 187 रुपए तक जा चुका है। हालांकि कल यह पिछले भाव से 0.56 फीसदी गिरकर 170 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन यकीन मानिए, इस कंपनी में दम है और इसका शेयर 52 हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर 276 रुपए (20 जनवरी 2010)औरऔर भी

कल बाजार डीएमके से जुडे नेताओं पर सीबीआई के छापों के कारण गिर गया। लेकिन इसे तूल देना एकदम गलत है क्योंकि डीएमके सत्ता से बाहर रहना गवारा नहीं कर सकती। विपक्ष ठीक ही कह रहा है कि इतनी देर से छापे मारना महज दिखावा है क्योंकि इस बीच गुनहगारों को इतना वक्त मिल गया कि वे तमाम कागकाज इधर से उधर कर चुके होंगे। इसलिए छापों से सीबीआई को काम का कुछ नहीं मिला होगा। असलऔरऔर भी

फर्स्टसोर्स सोल्यूशंस (एनएसई–FSL, बीएसई–532809) आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रवर्तित कंपनी है। दुनिया की तमाम कंपनियों को हेल्थकेयर, टेलिकॉम व मीडिया और बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं से जुड़ी बीपीओ सेवाएं उपलब्ध कराती है। फॉर्च्यून-500, फुटसी-100 और निफ्टी-50 में शामिल कई कंपनियां उसकी ग्राहक हैं। वह अपने कामकाज का संचालन भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और फिलीपींस से करती है। इन सभी केंद्रों में उसके कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 25,000 है। इसका शेयर 10 दिसंबर, शुक्रवार को 19.40 रुपएऔरऔर भी

आज निफ्टी के 5920 के पार जाते ही बाजार ने पहली जंग जीत ली। अब कम से कम इतना तय हो गया है कि बाजार इससे ज्यादा नीचे नहीं जाएगा। बुधवार,15 दिसंबर एक ऐसा दिन है जिस पर मैं दो वजहों से जमकर दांव लगा रहा हूं। एक, मॉयल की लिस्टिंग और दो, एडवांस टैक्स जमा करने का आखिरी दिन। एडवांस टैक्स के आंकड़ों से शेयरों के मूल्यों को आवेग मिलेगा क्योंकि तीसरी तिमाही में अभी तकऔरऔर भी

कभी-कभी शेयर बाजार से आ रही खबरों को देखकर लगता है कि यहां चालबाजों और संस्थाओं का ही खेल चलता है। चालबाज भावों के साथ खेलते हैं और देशी-विदेशी संस्थाओं का अपना जोड़तोड़ है। लेकिन यही पूरा सच नहीं है। शेयर बाजार में वाजिब निवेशक भी है और उनकी खरीद भी समझदारी भरी होती है। ऐसे निवेशक इस समय बॉटम फिशिंग या तलहटी पर पहुंचे मजबूत शेयरों को खरीदने में जुट गए हैं। इसका छोटा-सा अंदाज इससेऔरऔर भी

कभी देश के भीतर के घोटाले तो कभी देश के बाहर के घटनाक्रम। शेयर बाजार पर इनकी ऐसी वक्री दृष्टि पड़ी हुई है कि आम निवेशकों के मन में तमाम भय व आशंकाओं ने घर कर लिया है। वे अपने हाथ बांधकर बैठ गए हैं। उनको लगता है कि बाजार अब तक के शिखर के करीब पहुंच चुका है तो कहीं पलीता न लग जाए। लेकिन हमें लगता है कि उनकी तमाम आशंकाएं निराधार हैं। यूरोप केऔरऔर भी