स्पाइसजेट, देश की सस्ती विमान सेवा कंपनी। हवाई यात्राओं के बाजार में 13.6 फीसदी हिस्सेदारी, लेकिन गुड़गांव के राकेश अग्रवाल व राहुल भाटिया की कंपनी इंडिगो एयरलाइंस के 19.7 फीसदी हिस्से से कम। स्पाइसजेट के पास 29 बोइंग-737 एयरक्राफ्ट हैं जो 23 शहरों में हर दिन कुल 192 उड़ाने भरते हैं। वह 11 बॉम्बार्डियर क्यू-400 एयरक्राफ्ट खरीदने वाली है और एक बोइंड 737 लीज पर लेगी, जिसके बाद उसके बेड़े में 43 एयरक्राफ्ट हो जाएंगे। कंपनी इसीऔरऔर भी

शिवालिक बाईमेटल, राठी बार्स, त्रिवेणी ग्लास, क्विंटेग्रा सोल्यूशंस, सूर्यचक्र पावर, एचसीसी और रोमान टारमैट ऐसे कुछ स्टॉक्स हैं जिनकी चर्चा इस कॉलम में साल भर के दौरान बार-बार हुई है। किसी न किसी आधार पर इनमें अच्छी बढ़त का अनुमान पेश किया गया था। लेकिन बताए जाने के बाद से इनमें से कई शेयरों के भाव 40-50 फीसदी तक गिर चुके हैं। आप में से कई लोगों ने इस बाबत अपनी शंकाएं और सवाल भी पेश किएऔरऔर भी

मास्टेक लिमिटेड के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और सीईओ भी सुधाकर राम हैं। मैं तो उनके विचारों का मुरीद हूं। आप भी पढेंगे तो कायल हो जाएंगे। करीब डेढ़ साल पहले शिक्षा पर मैंने उनका लेख पढ़ा था जिसमें उन्होंने एक अनुसंधान का जिक्र करते हुए लिखा था कि चार साल की उम्र तक लगभग हर बच्चा जीनियस होता है। फिर मैंने मास्टेक फाउंडेशन की तरफ से चलाई जानेवाली वेबसाइट पर उनके कई लेख पढ़े और इस शख्सऔरऔर भी

बिड़ला कॉरपोरेशन को भले ही एम पी बिड़ला समूह की फ्लैगशिप कंपनी कहा जाए। लेकिन हकीकत में वह आर एस लोढ़ा के दिवंगत हो जाने के बाद पूरी तरह उनके बेटों हर्ष व आदित्य लोढ़ा के नियंत्रण में है। माधव प्रसाद बिड़ला ने यह कंपनी 1919 में बनाई थी। उनके मरने के बाद इसका मालिकाना उनकी विधवा प्रियंवदा के हाथ में आ गया है। निःसंतान प्रियंवदा ने वसीयत अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट आर एस लोढ़ा के नाम लिखऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को लघु व मध्यम स्तर की कंपनियों (एसएमई) के लिए अलग एक्सचेंज शुरू करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। बीएसई के प्रबंध निदेशक व सीईओ मधु कन्नन ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा, “हमें खुशी है कि सेबी से हमें लघु व मध्यम उद्यमों के लिए नया एक्सचेंज शुरू करने का सैद्धांतिक अनुमोदन मिल गया है। यह भारत के निवेशकों को बेहतर उत्पाद वऔरऔर भी

टेक्समैको रेल एंड इजीनियरिंग लिमिटेड पहले के.के. बिड़ला समूह की कंपनी टेक्समैको लिमिटेड में समाहित थी। लेकिन अक्टूबर 2010 से हैवी इंजीनियरिंग व स्टील फाउंड्री डिवीजन को अलग कर नई कंपनी टेक्समैको रेल एड इंजीनियरिंग बना दी गई। अब मूल कंपनी टेक्समैको के पास रीयल एस्टेट व मिनी हाइडेल पावर प्लांट का धंधा ही बचा है। इस तरह टेक्समैको से निकली टैक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग ही एक तरह से असल कंपनी है जो मुख्यतः भारतीय रेल केऔरऔर भी

आईटीसी सिर्फ सिगरेट बनाती है, से सिगरेट भी बनाती है के सफर पर कायदे से बढ़ रही है। उसके धंधे का 57 फीसदी हिस्सा सिगरेट से इतर कामों से आने लगा है, हालांकि मुनाफे का 82 फीसदी हिस्सा अब भी सिगरेट से आता है। बाजार ने उसे सर-आंखों पर बिठा रखा है। इस साल सेंसेक्स का सबसे उम्दा स्टॉक बना हुआ है। पिछली तिमाही में सेंसेक्स गिरा है तो यह बढ़ा है। इस समय यह एक नहीं,औरऔर भी

अमर रेमेडीज इमामी, निरमा व घडी डिटरजेंट जैसी देशी कंपनी है जो फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) के बाजार में हिंदुस्तान यूनिलीवर व कॉलगेट जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को टक्कर देने की कोशिश में लगी है। इसकी शुरुआत 1984 में स्वामी औषधालय प्रा. लिमिटेड के रूप में हुई जिसने आयुर्वेदिक मेडिसिनल रिसर्च व डेवलपमेंट का बीड़ा उठाया। यहीं से उसका मौजूदा नाम निकला जो उसने 1995 से अपना रखा है। कंपनी के बारे में और जानने से पहलेऔरऔर भी

चेन्नई की कंपनी जेमिनी कम्युनिकेशंस ने 13 मई को अपने सालाना नतीजे घोषित किए। कंपनी ने बढ़-चढ़कर बताया कि वित्त वर्ष 2010-11 में उसकी कुल आय 51 फीसदी बढ़ी और शुद्ध लाभ बढ़ा 98 फीसदी। प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) हो गया अब 6.04 रुपए। मार्च 2011 की तिमाही में कुल आय में 116 फीसदी और शुद्ध लाभ में 227 फीसदी इजाफा। नतीजों के हो-हल्ले के बीच 13 मई को यह शेयर एकबारगी 19.90 रुपए से 18.34 फीसदीऔरऔर भी

केंद्र सरकार ने अपनी पूरी पूंजी निगल चुकी कंपनी स्कूटर्स इंडिया को आखिरकार निजी हाथों में सौंपने का निर्णय ले लिया है। गुरुवार को कैबिनेट ने तय किया कि स्कूटर्स इंडिया में सरकार अपनी सारी 95.38 फीसदी बेच देगी। बाकी बची 4.62 फीसदी इक्विटी बैंकों, वित्तीय संस्थाओं व कॉरपोरेट निकायों के पास पड़ी रहेगी। बता दें कि स्कूटर्स इंडिया लखनऊ की कंपनी है और यह विक्रम नाम के थ्री-ह्वीलर बनाती रही है जो उत्तर भारत में काफीऔरऔर भी