कल की शानदार रैली के बाद आज कमजोर शुरूआत होनी ही थी। लेकिन अमेरिका में बेरोजगारी के आंकडों का भी असर होना था जो काफी सकारात्मक रहे। अप्रैल 2008 में वहां बेरोजगारी भत्ते का आवेदन करनेवालों की संख्या में अप्रत्याशित कमी आई है। इसके ऊपर से खाद्य मुद्रास्फीति के आंकड़े आ गए तो हर तरफ ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद दौड़ गई। खाद्य मुद्रास्फीति की दर 1.81 फीसदी पर पहुंच गई है जो करीब चार सालोंऔरऔर भी

जैन इरिगेशन सिस्टम्स ड्रिप व स्प्रिंकल सिंचाई उपकरणों के अलावा पीवीसी, पोलि इथिलीन व पॉलि प्रोपिलीन पाइप सिस्टम, प्लास्टिक शीट, डिहाइड्रेटेड प्याज व सब्जियां, टिश्यू कल्चर, बायो फर्टिलाइजर, सोलर वॉटर हीटिंग सिस्टम और सोलर फोटो वोल्टिक उपकरण भी बनाती है। वह फसलों के चयन से लेकर बंजर व असिंचित भूमि के समुचित उपयोग से जुड़ी सलाहकार सेवाएं भी देती है। राजस्थान से निकलकर महाराष्ट्र के जलगांव में बसे जैन परिवार ने व्यापार से शुरू कर ईंट-दर-ईंट इसऔरऔर भी

निफ्टी के 4000 तक पहुंच जाने के अंतहीन अनुमान और भारत के अंतहीन डाउनग्रेड का सिलसिला पूरा घूम चुका है। हालांकि सेंसेक्स कंपनियों के निचले लाभार्जन का अनुमान इस सूचकांक को 11,600 पर पहुंचा देता है। मतलब यह कि सेंसेक्स अगर 11,000 पर पहुंचता है तो बाजार को 9.48 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड होना पड़ेगा। लेकिन ऐसी नौबत तो 1991 में भी नहीं आई थी, जब भारत दीवालियेपन की कगार तक पहुंच गया था। पिछले 15औरऔर भी

ऑप्टो सर्किट्स भांति-भांति के मेडिकल उपकरण बनाती है। ईसीजी से लेकर दिल के स्टेंट तक। 1992 में बनी बेंगालुरू की कंपनी है। लेकिन अमेरिका, यूरोप, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, रूस व चीन समेत दुनिया के 150 से ज्यादा देशों में अपने उत्पाद बेचती है। अमेरिका की औषधि नियामक संस्था, यूएसएफडीए की सूची में है। कंपनी के पास फिलहाल 168 पेटेंट हैं, जबकि 53 पेटेंट विचाराधीन हैं। पिछले तीन सालों में उसकी बिक्री 50.18 फीसदी और लाभ 39.43 फीसदीऔरऔर भी

बाजार और गिर गया। सेंसेक्स 204.26 अंक गिरकर 15,175.08 पर तो निफ्टी 68.90 अंक गिरकर 4544.20 पर पहुंच गया। सैंकड़ों शेयर और नीचे उतर गए। एनडीटीवी 24.75 रुपए, पुंज लॉयड 37.05 रुपए, सुज़लॉन एनर्जी 17.50 रुपए, 3आई इनफोटेक 12.10 रुपए, केईसी इंटरनेशनल 31.80 रुपए, ज़ी न्यूज़ 8.65 रुपए, फर्स्टसोर्स सोल्यूशंस 6.35 रुपए, क्विटेंग्रा सोल्यूशंस 1.91 रुपए, सूर्यचक्रा पावर 3.43 रुपए, रिलायंस पावर 70.15 रुपए, राज ऑयल 9.35 रुपए, एनएचपीसी 18.40 रुपए, डीबी कॉर्प 180.35 रुपए, श्रीगणेश ज्वेलरीऔरऔर भी

बीएसई में कल कुल 2950 प्रपत्रों या स्क्रिप्स में ट्रेडिंग हुई। इनमें से चार ने अब तक का ऐतिहासिक उच्चतम स्तर हासिल कर लिया। ये हैं – तिलक फाइनेंस, कृष्णा वेंचर्स, इंडियन ब्राइट और सुलभ इंजीनियर्स। ये चारों ही टी ग्रुप की कंपनियां हैं जिनमें कोई सट्टेबाजी नहीं चलती और 100 फीसदी डिलीवरी लेना जरूरी है। दूसरी तरफ कल 175 कंपनियों के शेयर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। इससे एक इशारा तो यहऔरऔर भी

शेयर बाजार में आया आतंकवादी धन आखिर है कहां? मीडिया ने जब तीन साल पहले इस पर जमकर हल्ला मचाया था, तब क्यों नहीं इसकी तहकीकात की गई? अब अचानक आतंकवादी धन का मसला उछाल दिया गया जिससे भारतीय शेयर बाजार को करीब 600 अंकों का धक्का लग चुका है। क्या कोई इसके पीछे का कोई तर्क या तुक समझा सकता है? सबसे अहम बात यह है कि इसे तब उछाला गया है जब संसद में बहसऔरऔर भी

बाजार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां कुंडली मारकर बैठे उस्तादों के आगे निवेशकों व ट्रेडरों की कोई बिसात नहीं है। निफ्टी में फ्यूचर्स का वोल्यूम 3.39 करोड़ का रहा है, जबकि सामान्य वोल्यूम 1.8 करोड़ से ज्यादा का हो ही नहीं सकता। फ्यूचर्स में सामान्य का दोगुना कारोबार! पहले बाजार ने खुद को 4800 के ऊपर टिकाया। 4820 पर सभी मंदडियों के स्टॉप लॉस चालू हो गए। वे मजबूरन लांग होने लगे। जोऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ठान ही चुका है कि वह विदेशी मुद्रा बाजार में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा तो स्वाभाविक रूप से रुपए का बेरोकटोक गिरना जारी है। डॉलर के सापेक्ष अब तक वह 56 रुपए के करीब पहुंच चुका है। हो सकता है कि कल तक एकदम 56 भी हो जाए। तब रुपए को हीरो बनाकर नई फिल्म बनेगी जिसका शीर्षक होगा – अब तक छप्पन। खैर, तीखी गिरावट ने हमें इस समय एकदम तलहटी के करीब पहुंचाऔरऔर भी

गिरे हुए बाजार में भी महंगे शेयर हो सकते हैं और चढ़े बाजार में भी सस्ते। हम बाजार का रुझान निफ्टी और सेंसेक्स से नापते हैं। लेकिन सेंसेक्स के 30 निफ्टी के 50 में शामिल हैं तो दोनों सूचकांकों में कुल मिलाकर 50 शेयर ही हुए। जबकि बाजार में लिस्टेड कुल लिस्टेड कंपनियों की संख्या इस समय 5105 है जिनकी कुल 8536 स्क्रिप्स (प्रपत्र या प्रतिभूतियां) लिस्टेड हैं। टाटा मोटर्स जैसी कई कंपनियों के शेयर, डीवीआर (डिफरेंशियलऔरऔर भी