चीन का भ्रष्टाचार निरोधी सुप्रीम पीपुल्स प्रोक्युरैटोरेट (एसपीपी) भ्रष्ट अधिकारियों पर नजर रखने की नीति के तहत भ्रष्टाचार के मामलों में सजा पाए व्यक्तियों का एक राष्ट्रीय ऑनलाइन डाटाबेस स्थापित करेगा। एसपीपी का नया डाटाबेस इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा। चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एसपीपी के बयान के हवाले बताया है कि यह डाटाबेस नीलामी और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं के लिए एक नियंत्रण तंत्र के तौर पर काम करेगा। बता दें किऔरऔर भी

देश में सक्रिय 77,850 एनजीओ को 2005-06 से लेकर 2008-09 के दौरान विदेशी स्रोतों से करीब 40,000 करोड़ रुपए मिले हैं। यह जानकारी गृह राज्यमंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने राज्यसभा में दी है। उन्होंने बताया कि 2005-06 में 18,650 एनजीओ को 7889.12 करोड़ रुपए मिले थे। इसके बाद 2006-07 में 19,462 एनजीओ को 11,111.12 करोड़ रुपए, 2007-08 में 19,247 एनजीओ को 9723.96 करोड़ रुपए और 2008-09 में 20,499 एनजीओ को 10,837.49 करोड़ रुपए के बराबर सहायता राशि याऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश में हर तरफ फैले भ्रष्टाचार को आर्थिक उदारीकरण व सुधारों का नतीजा मानने के बजाय नैतिक ताने-बाने से जुड़ी समस्या करार दिया है। लेकिन आईआईटी खड़गपुर के छात्रों ने उनके हाथ से डिग्री लेने से इनकार कर खुद उनकी नैतिकता पर सवालिया निशान लगा दिया है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को कोलकाता में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार आम आदमी के रोजमर्रा केऔरऔर भी

सत्ता के शीर्ष पदों को लोकपाल के दायरे में लाने से डरी सरकार का गजब हाल है। जिस तिहाड़ जेल में राष्ट्रमंडल खेलों के परम भ्रष्टाचारी सुरेश कलमाड़ी को रखा गया है, उसी जेल संख्या चार में भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगानेवाले अण्णा हज़ारे को भी कैद कर दिया है। अण्णा को सात दिन की न्यायिक हिरासत के तहत जेल में रखा जाएगा। हालांकि अण्णा की टीम ने सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौतीऔरऔर भी

कभी सोचा है आपने कि केवल भारतीय ट्रेडरों और निवेशकों को ही इतनी ज्यादा वोलैटिलिटी, इतना भयंकर झंझावात क्यों झेलना पड़ता है? क्या आपने कभी सुना है कि अमेरिका का डाउ जोन्स सूचकांक लेहमान संकट व डाउनग्रेड जैसे विशेष हालात के अलावा सामान्य स्थिति में कभी दो दिन के अंदर 5% ऊपर-नीचे हुआ हो? लेकिन भारत में हर तीन महीने पर ऐसा होता है। बाजार को 5% का फटका लगता है, निवेशकों की दौलत में भारी सेंधऔरऔर भी

बाजार में पहले से छाए पस्ती के आलम को और हवा तब मिल गई, जब अमेरिकी ऋण संकट के समाधान के बावजूद एशिया के बाजार गिर गए। मंदड़ियों का खेमा मान बैठा है कि अमेरिका में हुआ राजनीतिक समझौता तात्कालिक समाधान है। इसलिए इस पर चहकने की कोई जरूरत नहीं है। बाजार फिर से 5500 के नीचे चला गया तो उन्होंने फिर से बिक्री का बटन दबा दिया है। फिर वही बात उठा ली है कि अबऔरऔर भी

कैबिनेट ने लोकपाल विधेयक के मसौदे को गुरुवार को मंजूरी दे दी और इस विधेयक को अगले हफ्ते सोमवार, एक अगस्त से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में एक-दो दिन के भीतर ही पेश कर दिया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक के तहत केंद्रीय मंत्री से लेकर सांसद और ए ग्रुप के अफसर तक लोकपाल के दायरे में आएंगे। उन्हे दंडित करने के लिए लोकपाल को सीआरपीसी, 1973 के सेक्शन 197 या भ्रष्टाचार निरोधक अधनियम 1988 केऔरऔर भी

सरकार देशी-विदेशी निवेशकों के मनचाहे सुधारों की राह पर चल पड़ी है। रिलायंस-बीपी के करार को कैबिनेट की मंजूरी और सचिवों की समिति द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में 49 के बजाय 51 फीसदी विदेशी निवेश (एफडीआई) की सिफारिश यूपीए सरकार के साहसी रुख को दर्शाती है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह विपक्ष के हमले की धार कुंद करने में लगी है। सरकार का यह अंदाज उन चंद बड़े एफआईआई की तरफ से पेश की गई तस्वीर सेऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम जैसे घोटालों पर सीएजी की रिपोर्टों ने बवाल मचा रखा है। लेकिन देश की यह शीर्ष ऑडिट संस्था हमारे रक्षा तंत्र पर भी ऐसी तमाम रिपोर्ट जारी करती रहती है जिनमें रक्षा खरीद में हो रही धांधलियों को उजागर किया जाता है। लेकिन उन पर कोई चर्चा नहीं करता। ऊपर से तुर्रा यह कि रक्षा मंत्री ए के एंटनी कहते हैं कि रक्षा खरीद में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रक्षा मंत्री ने मंगलवार कोऔरऔर भी

अपने को ‘कमज़ोर’ प्रधानमंत्री बताए जाने के आरोपों को खारिज करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें कांग्रेस पार्टी ने यह जिम्मेदारी सौंपी है और उसकी ओर से उन्हें ऐसी कोई ‘प्रतिकूल’ टिप्पणी सुनने को नहीं मिली है। अरसे बाद बुधवार को मीडिया से सीधे बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार को ‘निष्क्रिय’ और ‘कमजोर’ बताए जाने को विपक्ष का ‘कुशल दुष्प्रचार’ बताया और कहा कि मीडिया का एक वर्ग भी इसके प्रभावऔरऔर भी