एरीज एग्रो (बीएसई – 532935, एनएसई – ARIES) के बारे में यूं समझ लीजिए कि वो कृषि रयासनों के धंधे में लगी भारत की बहुराष्ट्रीय कंपनी है। अभी तीन दिन पहले ही 21 फरवरी को उसकी सब्सिडियरी अमरक केमिकल्स ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा औद्योगिक क्षेत्र में सल्फर बेंटोनाइट की इकाई में व्यावसायिक उत्पादन शुरू किया है। कंपनी की बिजनेस रणनीति की झलक इस बात से मिल सकती है कि दुनिया में कृषि क्षेत्र में सल्फरऔरऔर भी

हमारे स्टॉक एक्सचेंज निवेशकों के हितों के लिए बड़े चिंतित हैं। खासकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) तो कुछ ज्यादा ही परेशान हैं। बाकायदा विज्ञापन जारी कर निवेशकों को समझाता है कि सोच कर, समझ कर, इनवेस्ट कर। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल से मिलकर रिसर्च रिपोर्ट जारी करता है ताकि निवेशक को निवेश की निष्पक्ष राय मिल सके और उनका पैसा सुरक्षित रहे। कैसे? एक ताजा बानगी पेश है। एनएसई ने क्रिसिल की तरफ से इसी 7 फरवरी कोऔरऔर भी

हम में हर कोई शेयरों में निवेश फायदा कमाने के लिए करता है, घाटा उठाने के लिए नहीं। और, फायदा तब होता है जब शेयरों के भाव बढ़ते हैं। शेयरों के भाव तब बढते हैं जब किसी भी दूसरी चीज की तरह उसे खरीदनेवाले बेचनेवालों से ज्यादा होते हैं। अगर बेचनेवाले खरीदनेवालों से ज्यादा हो गए तो शेयर नई तलहटी पकड़ता जाता है। यह अलग बात है कि शॉर्ट सेलिंग करनेवाले शेयरों के भाव गिरने से हीऔरऔर भी

एवरेस्ट कांटो सिलिंडर लिमिटेड (बीएसई – 532684, एनएसई – EKC) को जानी-मानी रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने 22 सितंबर 2009 को अपनी स्वतंत्र इक्विटी रिसर्च रिपोर्ट में पांच में से चार का फंडामेंटल ग्रेड और पांच में पांच का वैल्यूएशन ग्रेड दिया था। तब यह शेयर 212 रुपए पर चल रहा था। क्रिसिल ने कहा था कि वित्त वर्ष 2009-10 में कंपनी का ईपीएस 9.3 रुपए रहेगा और शेयर अभी उससे 22.8 गुने यानी पी/ई अनुपात पर ट्रेडऔरऔर भी

मित्रों! 1 अप्रैल 2010 से लेकर अब तक हर हफ्ते सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन एक-एक कर इसी जगह करीब ढाई सौ कंपनियों से आपका परिचय करा चुका हूं। बीएसई में कुल लिस्टेड कंपनियां सात हजार के आसपास हैं। अगर यह सिलसिला यूं ही हर दिन चलाता रहूं तब भी सभी लिस्टेड कंपनियों से आपका परिचय कराने में उन्नीस साल और लग जाएंगे। यह बात कहकर मैं दो चीजें जाहिर करना चाहता हूं। एक यह किऔरऔर भी

एल्डर फार्मास्यूटिकल्स का शेयर (बीएसई – 532322, एनएसई – ELDRPHARM) 9 फरवरी से धीरे-धीरे लगातार बढ़ रहा है। छह कारोबारी सत्रों में यह 358.45 रुपए से बढ़कर कल 367.90 रुपए पर बंद हुआ है। हालांकि बीते एक महीने के दौरान यह ऊपर में 396 रुपए (27 जनवरी 2011) और नीचे में 355 रुपए (10 फरवरी 2011) तक जा चुका है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 440 रुपए (21 सितंबर 2010) और न्यूनतम स्तर 309.20 रुपए (25औरऔर भी

ईसाब इंडिया ने अपना कामकाज 1987 से शुरू किया। लेकिन इसकी कहानी 1904 में स्वीडन के शहर गोथेनबर्ग से तब शुरू हुई थी जब जहाजों व बॉयलरों पर काम कर रहे एक इंजीनियर ऑस्कर केलबर्ग ने पाया कि वहां रिपेयर के काम की क्वालिटी अच्छी नहीं है। बेहतर टेक्नोलॉजी की तलाश में केलबर्ग ने दुनिया के पहले कवर्ड इलेक्ट्रोड का आविष्कार कर डाला। वहीं से पैदा हुआ ईसाब (Elektriska Svetsnings Aktie Bolaget या ESAB) समूह जो इसऔरऔर भी

जब इकनॉमिक टाइम्स (ईटी) जैसा नंबर एक बिजनेस अखबार सुबह-सुबह पहले पन्ने पर मुख्य खबर लगाता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) पर 1500 करोड़ रुपए का जुर्माना लग सकता है तो आज का माहौल तो बिगड़ ही गया। सेंसेक्स में सबसे ज्यादा 11.61 फीसदी और निफ्टी में 9.49 फीसदी भार रखने के कारण आरआईएल अपने साथ बाजार को भी नीचे खींच ले जाएगा। जुर्माने की हद ईटी ने सूत्रों के हवाले 25 करोड़ रुपए से 1500 करोड़औरऔर भी

मधुसूदन सिक्यूरिटीज केवल बीएसई (कोड – 511000) में लिस्टेड है और फिलहाल ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में होने के नाते टी ग्रुप में पड़ी है, यानी इसमें डे-ट्रेडिंग नहीं, डिलीवरी वाले सौदे ही हो सकते हैं। 4 फरवरी से इस पर 5 फीसदी का ऊपरी सर्किट लगना शुरू हुआ है। तब इसका भाव पिछले दिन के बंद भाव 58.50 रुपए से बढ़कर 61.40 रुपए पर पहुंचा था और इसमें हुआ वोल्यूम 4.88 लाख शेयरों का था। उसकेऔरऔर भी

जब बाजार मंदड़ियों के पंजे में हो, सैकड़ों दिग्गज शेयर 52 हफ्ते की तलहटी बना रहे हों, वैसे माहौल में अगर कोई शेयर 52 हफ्ते का शिखर बना जाए तो जरूर उस पर नजर रखनी चाहिए। अमृत बनस्पति कंपनी (बीएसई कोड – 531728) ऐसा ही एक स्टॉक है जो कल 5.76 फीसदी बढ़ा है और जिसने 215 रुपए पर 52 हफ्ते का नया उच्चतम स्तर हासिल किया है। इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर 97.30 रुपए काऔरऔर भी