धानुका एग्रीटेक कृषि रसायनों के अलावा उर्वरक व बीज भी बनाती है। तीन दशक पुरानी कंपनी है। इसके शेयर सिर्फ बीएसई (कोड – 507717) में ही लिस्टेड हैं। पिछले वित्त वर्ष के आखिरी दिन 31 मार्च 2011 को इसने 50.20 रुपए पर अपनी तलहटी पकड़ी थी। कल 28 मार्च 2011 को यह एकबारगी 6.73 फीसदी बढ़कर 73.70 रुपए पर बंद हुआ है, वो भी 2.31 लाख शेयरों के अच्छे-खासे वोल्यूम के साथ जिसमें से 88.58 फीसदी शेयरऔरऔर भी

मित्रों! मैं बड़े-चढ़े दावे नहीं करना चाहता। यह भी नहीं जानता कि यह एकालाप है या संवाद। लेकिन मेरी कोशिश यही है कि अपनी भाषा में वह सहज ज्ञान आपको उपलब्ध करवा दूं ताकि आप अपनी बचत को सही तरीके से निवेश करने का हुनर सीख लें, कोई आपको बड़े-बड़े झांसे देकर उल्लू न बना सके और आप जोखिम उठाएं तो आंखें मूंदकर नहीं, आंखें खोलकर। एक बहुत मोटा-सा सूत्र है कि जब तक आप किसी स्टॉकऔरऔर भी

बाजार में ऐसा बहुत कुछ अजब-गजब चलता रहता है जिस पर हम ध्यान नहीं देते, जबकि ध्यान देते रहना चाहिए। हालांकि ध्यान देने का असली काम तो स्टॉक एक्सचेंजों और सेबी का है। वे ध्यान देंगे, तभी हालात सुधर सकते हैं। हम तो ध्यान देकर बस ‘विचित्र, किंतु सत्य’ का आनंद ही ले सकते हैं। जैसे, कल बीएसई में एनसीसी लिमिटेड (कोड – 500294) के 8.02 लाख शेयरों का कारोबार हुआ, लेकिन आप यकीन नहीं करेंगे किऔरऔर भी

बीजीआर एनर्जी सिस्टम्स मुख्य रूप से बिजली और तेल व गैस परियोजनाओं के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट व कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) का काम करती है। अभी 4 मार्च को उसे अडानी पावर की तिरोडा (महाराष्ट्र) और कवाई (राजस्थान) की बिजली परियोजनाओं के लिए सीपीयू (कंडेंसेट पॉलिशिंग यूनिट) बनाने का 29.96 करोड़ रुपए का कांट्रैक्ट मिला। इसके तीन दिन बाद 7 मार्च को उसे फिर सरकारी कंपनी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन से ऑप्टिक फाइबर ग्राउंड वायर लगाने का 36.61 करोड़ रुपएऔरऔर भी

टाटा केमिकल्स इतने सारे रसायन बनाती है कि आम जनजीवन, खेती-किसानी और उद्योग तक इससे अछूते नहीं हैं। उर्वरक से लेकर नमक, सोडा एश, सीमेंट व बायोडीजल तक। चर्चा है कि उसे जापान से नमक का बड़ा ऑर्डर मिलनेवाला है। इस समय भूकंप व सुनामी से तबाह जापान के तमाम इलाकों में रूह कंपा देनेवाली ठंड पड़ रही है। जापान को अभी भारी मात्रा में नमक चाहिए। लेकिन उसके पास नमक के अपने स्रोत खत्म होने लगेऔरऔर भी

जिस तरह इंसान का हर वक्त एक जैसा नहीं होता, उसी तरह कंपनियों के साथ भी ऊंच-नीच चलती रहती है। सबेरो ऑर्गेनिक्स गुजरात लिमिटेड की दिसंबर तिमाही कतई अच्छी नहीं रही। उसकी बिक्री 109.41 करोड़ से 15.11 फीसदी घटकर 92.87 करोड़ और शुद्ध लाभ 10.25 करोड़ से 89.85 फीसदी घटकर 1.04 करोड़ रुपए रह गया। कंपनी ने ये नतीजे 14 फरवरी को घोषित किए थे। उसके बाद से इसका शेयर (बीएसई – 524446, एनएसई – SABERORGAN) 45.70औरऔर भी

आप हमें हंस मानें या न मानें, लेकिन हम समुंदर की तलहटी से आपके लिए मोती चुगकर लाने की कोशिश में लगे हैं। ऐसा ही एक मोती है सूर्या फार्मास्यूटिकल। इसका एक रुपए अंकित मूल्य का शेयर (बीएसई – 532516, एनएसई – SURYAPHARM) अभी 21.40 रुपए पर चल रहा है। कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (शुद्ध लाभ प्रति शेयर) 5.42 रुपए है तो शेयर का पी/ई अनुपात मात्र 3.95 निकलता है। इस शेयर कीऔरऔर भी

यूं तो कम पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहे स्टॉक दूरगामी निवेश के लिए सबसे मुफीद होते हैं। लेकिन कभी-कभी कोई कंपनी इतनी नामी हो जाती है, उसकी साख, उसका खास अंदाज, उसकी भावी योजनाएं उसके बारे में निवेशकों को आशा से भर देती हैं और उसका स्टॉक ज्यादा पी/ई पर ट्रेड होने लगता है। किशोर बियानी के फ्यूचर समूह का हिस्सा पैंटालून रिटेल (बीएसई – 523574, एनएसई – PANTALOONR) ऐसी ही कंपनी है। उसका दो रुपएऔरऔर भी

हनुंग टॉयज एंड टेक्सटाइल्स कल बीएसई (कोड – 532770) में 2.19 फीसदी बढ़कर 198.50 रुपए और एनएसई (कोड – HANUNG) में भी 2.19 फीसदी बढ़कर 198.60 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन यह अब भी बहुत सस्ता है। कारण, कंपनी का ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस (शुद्ध लाभ प्रति शेयर) 48.59 रुपए है। इस तरह मौजूदा भाव पर यह मात्र 4.09 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। शेयर की बुक वैल्यू ही 190.11औरऔर भी

सिकागेन इंडिया (बीएसई – 533014, एनएसई – SICAGEN) कभी सिकाल लॉजिस्टिक्स का हिस्सा हुआ करती थी। सिकाल लॉजिस्टिक्स ने करीब तीन साल पहले मद्रास हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अपने नॉन-लॉजिस्टिक्स बिजनेस को सिकागेन इंडिया के रूप में डीमर्ज कर दिया। तब सिकाल लॉजिस्टिक्स के हर शेयरधारक को सिकागेन इंडिया का 10 रुपए अंकित मूल्य का शेयर 74.50 रुपए प्रीमियम यानी, 84.50 रुपए पर एलॉट किया गया था। आज सिकागेन का वही शेयर गिरते-गिरते 19औरऔर भी