भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यस बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के खाताधारक मोबाइल फोन के जरिए एक-दूसरे के खाते में रकम भेज सकते हैं। इन सात बैंकों को यह इंटरबैंक मोबाइल पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) उपलब्ध करा रहा है। 31 मार्च 2011 तक वह बैंकों से इसके लिए कोई शुल्क नहीं लेगा। लेकिन उसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर वह 25 पैसे लेगा। बैंकऔरऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने तत्काल प्रभाव से वी के शर्मा को एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का नया सीईओ बना दिया है। श्री शर्मा अभी तक देश के दक्षिणी जोन के लिए एलआईसी के जोनल मैनेजर थे और चेन्नई में बैठते थे। उनकी नियुक्ति पर सोमवार को एलआईसी के निदेशक बोर्ड की बैठक में औपचारिक मुहर लगा दी जाएगी। इससे पहले बुधवार को एलआईसी हाउसिंग के तत्कालीन सीईओ आर रामचंद्रन नायर को हाउसिंग लोन घोटाले में सीबीआईऔरऔर भी

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के चेयरमैन टी एस विजयन के कहा है कि एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के नए सीईओ की नियुक्ति अगले दो-तीन दिन में हो जाएगी। उनका कहना था, “हमारी पहली प्राथमिकता इस वक्त एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस को सहयोग देने की है। इसके लिए हमने फिलहाल सबसे सीनियर जनरल मैनेजर चंद्रशेखरन को कार्यकारी सीईओ बना दिया है। दो अन्य महाप्रबंधक उनका सहयोग करेंगे।” बता दें कि एलआईसी हाउसिंग के सीईओ आर आर नायर को सीबीआईऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और बीमा कंपनियों को हिदायत दी है कि वे उन तमाम कंपनियों से जुड़े लेन-देन की कायदे से जांच करें जिनके नाम सीबीआई ने हाउसिंग लोन घोटाले के सिलसिले में अदालत में दाखिल अर्जी में लिखे हैं। उन्होंने इन सभी संस्थाओं से कहा कि वे नामजद कंपनियों को दिए गए ऋणों का स्वतंत्र आकलन करें और देखें कि इनमें निर्धारित मानकों का पालन कहां तकऔरऔर भी

हाउसिंग लोन घोटाले में सीबीआई ने 17 कंपनियों को नोटिस भेजा है। इनमें से पांच कंपनियों के बारे में सीबीआई का कहना है कि इन्होंने बैंक अधिकारियों को घूस देकर हासिल करीब 1000 करोड़ रुपए के कर्ज की रकम शेयर बाजार में लगा दी। दो प्रमुख बिजनेस चैनलों ने सूत्रों के हवाले यह खबर दी है। उनका कहना है कि इसमें से एक कंपनी ने 560 करोड़, दूसरी ने 300 करोड़ और बाकी तीन ने 50-60 करोड़औरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने एक आदेश जारी कर सहारा समूह के मुखिया सुब्रत रॉय और उनके तीन सहयोगियों वंदना भार्गव, रविशंकर दुबे और अशोक रॉय चौधरी पर बंदिश लगा दी है कि वे अगले आदेश तक किसी भी प्रपत्र (सिक्यूरिटी) के जरिए पब्लिक से धन जुटाने के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई विज्ञापन, प्रॉस्पेक्टस या अन्य दस्तावेज जारी नहीं कर सकते। यह आदेश सेबी के पूर्णकालिक निदेशक के एम अब्राहम ने सहारा समूहऔरऔर भी

देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी, सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) इसे बड़ा हाउसिंग लोन घोटाला मानती है। लेकिन वित्त मंत्रालय कहता है कि बैंकिंग रिश्वतखोरी का यह मामला व्यवस्थागत खतरा नहीं है। देश की सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख भी कहते हैं कि यह बहुत पुरानी समस्या है। इसलिए इसमें कोई ‘सिस्टेमिक रिस्क’ नहीं है। लेकिन यह कहीं से भी सामान्य बात नहीं है कि एलआईसी, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और सेंट्रल बैंक ऑफऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी की तरफ से भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में गठित समिति ने शेयर बाजार के तंत्र से जुड़ी तीन संस्थाओं – स्टॉक एक्सचेंजों, डिपॉजिटरी और क्लियरिंग कॉरपोरेशन के मालिकाने, स्वरूप और उनके आपसी संबंधों में व्यापक फेरबदल की सिफारिश की है। उसका कहना है कि किसी भी स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरी या क्लियरिंग कॉरपोरेशन की लिस्टिंग नहीं होनी चाहिए। समिति ने सोमवार, 22 नवंबर को अपनी रिपोर्ट सेबीऔरऔर भी

जो बात अभी तक शेयर बाजार से ताल्लुक रखनेवाला हर कोई शख्स दबी जुबान से कहता रहा है, वह अब भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर डॉ. वाई वी रेड्डी की जुबान पर आ गई है। उनका कहना है कि शेयर बाजार में कॉरपोरेट क्षेत्र, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (एनबीएफसी) के बीच जिस तरह के रिश्ते हैं, वैसे में ये बाजार के साथ खेल करते होंगे, इससे इनकार नहीं किया जा सकता। कमऔरऔर भी

भारत सरीखे उतार-चढ़ाव भरे मौसम वाले देश में, जहां के नागरिकों का सबसे पुराना पेशा कृषि है, फसल बीमा खेती-किसानी के लिए बड़ा कारगर है। इसे किसानों का संकटमोचक कहा जा सकता है। भारतीय बीमा कंपनियों ने इसे इतना सरल कर दिया है कि एक खास कंपनी से खाद खरीदने वाला किसान खुद-ब-खुद बीमाधारक बन जाता है। किसानों के लिए उपयोगी: ध्यान रहे कि अगर उचित प्रचार-प्रसार किया जाए तो फसल बीमा से देश के सबसे पुरानेऔरऔर भी