पिछले कुछ दिनों से देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के खिलाफ आ रही खबरों पर शुक्रवार को तब विराम लग गया जब बीमा नियामक संस्था, आईआरडीए (इरडा) के चेयरमैन जे हरिनारायण ने उसे क्लीनचिट दे दी। कह दिया कि एलआईसी ने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है और पहले 14,000 करोड़ रुपए की कमी की जो बात कही गई थी, वह असल में मौजूदा बीमांकन अनुमान की तुलना में बताईऔरऔर भी

सरकारी कंपनी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) का एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) 30 नवंबर को आएगा। इश्यू क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बिडर्स या क्यूआईबी के लिए 2 दिसंबर और आम निवेशकों के लिए 3 दिसंबर तक खुला रहेगा। कंपनी ने बीएसई में दाखिल सूचना में यह जानकारी दी है। कंपनी ने इस एफपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस सेबी और कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय के पास जमा करा दिया। वह इस इश्यू से करीब 1450 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है।औरऔर भी

देश की इकलौती लिस्टेड माइक्रो फाइनेंस कंपनी एसकेएस माइक्रोफाइनेंस का शेयर गुरुवार को तीखी गिरावट के साथ 20 फीसदी के निचले सर्किट ब्रेकर तक पहुंच गया। वो 639.45 रुपए की तलहटी बनाने के बाद 640.70 रुपए पर बंद हुआ जो मंगलवार के आखिरी भाव से 19.84 फीसदी नीचे है। यह जबरदस्त गिरावट सबह-सुबह कंपनी की तरफ से जारी बयान के बाद आई कि आंध्र प्रदेश में 15 अक्टूबर को अध्यादेश आने के बाद से 15 नवंबर तकऔरऔर भी

जिस वित्तीय सेवा कंपनी को वल्लभ भंसाली में 1984 में अपने बड़े भाई (स्वर्गीय) मानेक भंसाली और दो दोस्तों नेमिश शाह व जगदीश मास्टर के साथ मिलकर बनाया था, उसे अब उन्होंने निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े बैंक, एक्सिस बैंक को बेचने का फैसला कर लिया है। बुधवार को ईल-उल-जुहा के दिन एक्सिस बैंक की सीईओ शिखा शर्मा और एनम सिक्यूरिटीज के चेयरमैन वल्लभ भंसाली ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। वल्लभ भंसाली नेऔरऔर भी

आइए हम आपको बताते हैं कि अपनी कार का बीमा कराते समय फायदा ही फायदा कैसे प्राप्त करें? हम कोई भी खरीदारी करते हैं तो हमारी इच्छी रहती है कि वह चीज या सेवा सस्ती से सस्ती मिल जाए। दरअसल, मनमर्जी का सौदा सभी को प्रिय होता है, मन को संतोष देता है। अपनी मनपसंद कार खरीदने के बाद अब आपको उसका बीमा भी सस्ते से सस्ता मिल जाए तो आप अब यही कहेंगे कि मेरी पांचोंऔरऔर भी

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के निर्देश के बावजूद प्रवर्तन निदेशालय ने स्विटजरलैंड के बैंकों में जमा काले धन के बारे में जानकारी देने से इनकार किया है। सूचना आयोग की पूर्ण पीठ ने निदेशालय को इस मुद्दे पर सूचना उपलब्ध कराने को कहा था क्योंकि यह भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय सूचना अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे में नहीं आता। लेकिन भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जानकारी देना उसकी जिम्मेदारी है। आटीआई कानून कीऔरऔर भी

दुनिया के 20 प्रमुख देशों के समूह जी-20 की बैठक जब शुरू हो रही हो, अमेरिका व यूरोप समेत तमाम विकसित देशों की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई हों, प्रमुख मुद्राओं में युद्ध की स्थिति आ गई हो, तमाम केंद्रीय बैंक व बड़े निवेशक सुरक्षा के लिए सोने की तरफ भाग रहे हों, ठीक उस वक्त विश्व बैंक भी सोने की अहमियत बताने लगे तो किसी का भी चौंकना स्वाभाविक है। लेकिन विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जॉयलिक नेऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने पिछले हफ्ते चलनिधि समायोजन सुविधा (एलएएफ) के तहत बैंकों को शाम को धन उपलब्ध कराने की खिड़की बंद कर दी थी। लेकिन इस हफ्ते के पहले दो दिनों में बैंकों ने जिस तरह एलएएफ के तहत भारी रकम उठाई, उसे देखते हुए रिजर्व बैंक ने यह विशेष सुविधा दोबारा शुरू करने का फैसला किया है। अब 16 दिसंबर तक बैंक हर कामकाजी दिन में शाम 4.15 बजे रिजर्व बैंक से रेपो दर पर सरकारीऔरऔर भी

देश के सबसे बड़े बैक एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मात्र 0.45 फीसदी बढ़ा है, जबकि ब्रोकर समुदाय 21.64 फीसदी वृद्धि की उम्मीद लगाए बैठा था। नतीजे बाजार बंद होने के बाद घोषित किए गए। इसलिए शेयर के भाव पर इसका असर नहीं देखा गया। एसबीआई का शेयर सोमवार को 3515 रुपए तक पहुंच गया, जो उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर है। हालांकि बंद हुआ मुहूर्त केऔरऔर भी