अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पूर्व प्रमुख डोमिनिक स्ट्रॉस काह्न को कठिन शर्तो के साथ शुक्रवार को जमानत मिल गई। लेकिन इसके लिए उन्हें 10 लाख डॉलर नकद जमा कराने के साथ-साथ 50 लाख डॉलर का बांड भरना पड़ेगा। यह भी शर्त है कि वे न्यूयॉर्क के अपने अपार्टमेंट में नजरबंद रहेंगे और सशस्त्र गार्ड उनकी निगरानी करेंगे। उन्हें अपने सभी यात्रा दस्तावेज जमा करने का आदेश दिया गया है। होटलकर्मी महिला के साथ यौन दुर्व्‍यवहार सेऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने 1992 के प्रतिभूमि घोटाले में कस्‍टोडियन की तरफ से जारी उन अधिसूचनाओं को सही ठहराया है जिसमें इस घोटाले में हर्षद मेहता की मां रसिला मेहता और भाभी रीना मेहता को शामिल बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई 2011 के आदेश में विशेष न्‍यायालय के आदेश के विरुद्ध उनकी अपील को रद्द कर दिया। इससे कंस्‍टोडियन द्वारा जारी जनवरी 2007 की अधिसूचनाओं की पुष्टि हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेशऔरऔर भी

बाजार को कल ही आईआईपी (औद्योगिक उत्पादन सूचकांक) के शानदार आंकड़ों के बाद 5600 के पार चला जाना चाहिए था। लेकिन भारतीय बाजार ने एक बार फिर साबित कर दिखाया कि वह कुछ ट्रेडरों और एफआईआई के कार्टेल के शिकंजे में है जो फिजिकल सेटलमेंट के अभाव में बाजार को जब चाहें, मनमर्जी से नचा सकते हैं। रिटेल निवेशक आईआईपी के घोषित होने के बाद उत्साहित होकर खरीद बढ़ाने लगे तो इस कार्टेल ने निफ्टी पर चोटकरऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने देश में अगले आठ हफ्तों तक विवादास्पद कीटनाशक एंडोसल्फान के उत्पादन, ब्रिकी व इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। उसका कहना है कि मानव जीवन इस दुनिया में किसी भी चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण है। शुक्रवार को इस मसले पर गौर कर रही प्रधान न्यायाधीश एस एच कापडिया की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत इस अदालत के विभिन्न फैसलों और खासकर सतर्कताऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी को सहारा समूह की दो कंपनियों के ओएफसीडी इश्यू की तहकीकात जारी रखने का आदेश दिया है। कोर्ट का कहना है कि हो सकता है कि निवेशकों को इन उत्पादों (डिबेंचरों) का कोई आगा-पीछा ही न मालूम हो और वे बाद में खुद को हर्षद मेहता जैसी धोखाधड़ी का शिकार हुआ महूसस करें। कोर्ट ने गुरुवार को सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन के ओएफसीडीऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने पुणे के घोड़ा कारोबारी हसन अली खान के खिलाफ चल रहे काले धन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लताड़ पिलाई है। प्रवर्तन निदेशालय ने काले धन को सफेद करने के इस संवेदनशील मामले की जांच की निगरानी के लिए सरकार की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति को सूचित किए बिना चार्जशीट दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की इस हरकत को गलत माना है। सर्वोच्च न्यायालय ने 4 मई कोऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) और उसके सचिव को किसी दूसरे की खातिर जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करने के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। साथ ही एनजीओ पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह मामला एनजीओ द्वारा सुप्रीम कोर्ट व गुजरात हाईकोर्ट में स्टील लॉबी की तरफ से पीआईएल दाखिल करने का है। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस एस एच कापड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ ने कल्याणेश्वरी नामक गैर सरकारी संगठनऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार 12 मई तक सहारा समूह से उन सभी एजेंटों की सूची मांगी है जिन्होंने उसकी कंपनी सहारा इंडिया रीयल एस्टेट कॉरपोरेशन के ओएफसीडी (ऑप्शनली फुली कनर्विटल डिबेंचर) स्कीम के लिए घन जुटाया है। लेकिन एजेंटों की सूची पर सहारा इंडिया की सफाई देखने लायक होनी चाहिए क्योंकि सहारा समूह की सभी कम्पनियों की अधिकृत एजेंट तो अकेली सहारा इंडिया है। यह फर्म देश भर में अपनी शाखाएं खोल कर एजेंट नियुक्त करती है।औरऔर भी

पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि निरमा इंडस्ट्रीज का भावनगर, गुजरात में प्रस्तावित सीमेंट संयंत्र पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है और इसे यहां से स्थानांतरित करना पड़ेगा। मंत्रालय ने एक हलफनाफा दायर करके सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह संयंत्र ए-जोन में स्थित है जहां मीठे पानी के स्रोत हैं। इसके अलावा मंत्रालय ने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के अनुसार यह संयंत्र पर्यावरण के लिहाज सेऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी से गए हुए चंद्रशेखर भास्कर भावे को अभी तीन महीने भी नहीं बीते हैं कि उनके पुराने कर्मों की स्थगित पड़ताल शुरू हो गई है। सेबी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसका बोर्ड 2003-06 के आईपीओ घोटाले में डिपॉजिटरी सेवा कंपनी, एनएसडीएल को क्लीनचिट देने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को तैयार है। उक्त तीन सालों में एनएसडीएल के प्रमुख सी बी भावे ही थे। सुप्रीम कोर्ट की एकऔरऔर भी