सच्चाई कभी धारणाओं में बंधकर नहीं चलती। वो धारणाओं को तोड़ देती है। 27 फरवरी को जीडीपी की नई सीरीज़ जारी करते वक्त सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा था कि देश के रीयल जीडीपी की विकास दर वित्त वर्ष 2023-24 में 7.2%, 2024-25 में 7.1% और 2025-26 में 7.6% रही है। इसका 7% से ऊपर रहना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि कम से कम इतनी विकास दर से ही भारत 2047 तक विकसित बन सकता है। लेकिन अमेरिका-इज़राइल और ईरान में छिड़े युद्ध ने सारा फच्चर कर दिया। पहले विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भारत के जीडीपी की विकास दर का अनुमान 7% से घटाकर 6.6% कर दिया। अब आईएमएफ का ताज़ा अनुमान है कि भारत की रीयल विकास दर 2026-27 में 6.5% रह सकती है। हालांकि यह जनवरी में पेश उसके 6.4% के आकलन से ज्यादा है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भारत 2026-27 में दुनिया में छठें स्थान पर रहेगा। यही नहीं, 2025-26 में भी भारत 3.92 ट्रिलियन डॉलर के साथ चौथे नही, बल्कि अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान व ब्रिटेन से नीचे छठे स्थान पर था। भारत का नॉमिनल जीडीपी 2026-27 में 4.15 ट्रिलियन डॉलर रहेगा, जबकि ब्रिटेन 4.26 ट्रिलियन के साथ इससे ऊपर रहेगा। अब गुरुवार की दशा-दिशा…
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