यूरोप के निवेशक जल्द ही भारतीय शेयरों पर भी दांव लगा सकेंगे। देश का सबसे पुराना शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) जर्मनी में फ्रैंकफर्ट स्थित डॉयचे बोर्स से बातचीत कर रहा है ताकि वहां बीएसई सेंसेक्स आधारित डेरिवेटिव सौदों की ट्रेडिंग शुरू की जा सके। जर्मन भाषा में बोर्स का मतलब बाजार या एक्सचेंज होता है। बीएसई के एक एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक डॉयचे बोर्स में में सेंसेक्स फ्यूचर्स और सेंसेक्स ऑप्शंस में कारोबार शुरूऔरऔर भी

सेंसेक्स अब 18,000 के जादुई आंकड़े से सिर्फ 170 अंक दूर है और अगर सोमवार को 9 बजे बाजार खुलने पर यह मुकाम हासिल हो जाए तो मुझे जरा-सा भी अचरज नहीं होगा। कल मेरी टीम ने जब मुझे बताया कि स्लोएन (Sloane) नाम के एक फंड ने भारती एयरटेल के 10.3 लाख शेयर खरीदे हैं, तभी मैंने उनसे कह दिया था कि भारती कल आराम कल 300 रुपए को पार कर जाएगा और पक्के तौर परऔरऔर भी

विदेशी बाजार से अच्छी हवाएं आईं तो हमारा बाजार भी बढ़ गया। लेकिन यह बहुत तात्कालिक नजरिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के अपने फंडामेंटल इतने मजबूत हैं कि हमारे बाजार को बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अच्छा मानसून, पेट्रोलियम पदार्थों से मूल्य नियंत्रण हटाने जैसे साहसी सरकारी कदम, मुद्रास्फीति के दिसंबर तक 6 फीसदी पर आ जाने का भरोसा और इस साल कंपनियों की आय में 25 फीसदी से ज्यादा वृद्धि के संकेत। यह सारा कुछ कोराऔरऔर भी

रिलायंस पावर का 3.91 फीसदी बढ़कर 182 रुपए और आरएनआरएल का 27.10 फीसदी घटकर 46.40 रुपए पर बंद होना विलय के अनुपात के हिसाब से मूल्यों का समायोजन है। ऐसा तो होना ही था। श्राडेर डंकन को भी आज बढ़ना था और उस पर ऊपरी सर्किट ब्रेकर भी लगना ही था। कारण, समाचार एजेंसी ने वह खबर चला दी थी और प्रमुख आर्थिक अखबार ने छाप दी थी जिसकी हांक हम महीने भर पहले से लगा रहेऔरऔर भी

रोलओवर में केवल एक दिन बचा है। चूंकि बाजार (निफ्टी) ने खुद को 5300 के स्तर पर जमा लिया है, इसलिए लगता है कि नए सेटलमेंट में यह धमाके के साथ 5800 की ओर बढ़ सकता है। आईएफसीआई अभी के लिए प्यारा स्टॉक रहेगा। इस्पात, सेंचुरी व एस्सार ऑयल में गदर मचेगी और मेटल स्टॉक्स में फिर से रैली शुरू होगी। अभी तक हमने साबित कर दिया है कि निफ्टी में हमारी कॉल सबसे बेहतर रही हैंऔरऔर भी

अजीब भेड़चाल चलती है हमारे बाजार में। धारा के साथ बहना लोगों की आदत हो गई है। निफ्टी जब 4800 पर चला गया था तो एक भी शख्स ऐसा नहीं था जो कहता कि यह फिर से 5300 तक जाएगा, वह भी इसी सेटलमेंट में। लेकिन ऐसा हो गया। निफ्टी एक तरह से नए शिखर पर पहुंच गया है जबकि बीएसई सेंसेक्स 18,000 को पार करने से ज़रा-सा चूक गया। तो, अब पूरा बाजार एक ही रागऔरऔर भी

शेयर बाजार बढ़त पर है। निफ्टी 4800 से 5200 अंक पर आ गया है और अब सारा कुछ उसी तरह हो गया है जैसी मैंने उम्मीद जताई थी। मैं स्वभाव से अपनी स्थिति बदलने में काफी धीमा रुख रखता हूं और इसलिए चाहता हूं कि बाजार का गुबार थोड़ा और ठंडा पड़ जाए। मैंने संस्थागत निवेशकों की अपनी डेस्क को अब सलाह दे दी है कि वे हर बढ़त पर मुनाफा वसूली करें और वे ऐसा करऔरऔर भी

अमेरिकी बाजारों की गिरावट और हंगरी के संकट के बावजूद अगर बाजार (बीएसई सेंसेक्स) 431 अंक तक गिर गया और बंद हुआ करीब 337 अंक की गिरावट के साथ तो इसमें बहुत परेशान होने की बात नहीं है। एनएसई निफ्टी में इसी तरह का करेक्शन आया है। ध्यान दें कि ऐसे हर करेक्शन के बाद बाजार ने वापसी की है और एनएसई निफ्टी पूरी दृढ़ता के साथ 5000 और 5100 का स्तर पार कर गया है। आजऔरऔर भी

जी-20 के सम्मेलन तक में दुनिया भारत की ओर देख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति को लगा कि अब भारत के साथ रिश्ते मधुर बनाने का वक्त आ गया है क्योंकि भारत जिस रफ्तार से विकास कर रहा है, उससे वह एक दिन सारी दुनिया का चहेता बन जाएगा और विश्व अर्थव्यवस्था को मंदी से बाहर निकाल सकता है। यह भी बड़ी विचित्र बात है कि निवेशक और ट्रेडर बड़ी आसानी से चीन को किनारे कर रहे हैं।औरऔर भी

एक बार फिर यह बात साबित हो गई कि ज्यादातर ट्रेडर और निवेशक अपना दिमाग ही इस्तेमाल नहीं करते। वे बिजनेस चैनलों पर आनेवाले मुट्ठी भर एनालिस्टों की बातों पर यकीन करके गुमराह हो जाते हैं। असल में ये लोग ट्रेडरों और निवेशकों का एकदम ब्रेन-वॉश कर देते हैं। जब कंप्यूटर पर पंचिंग की एक गलती से रिलायंस को झटका लगा और बाजार (सेंसेक्स) 400 अंक गिर गया तो अधिकांश एनालिस्ट कहने लगे कि अब तो बाजारऔरऔर भी