विदेशी बाजार की तरफ देखना बंद

विदेशी बाजार से अच्छी हवाएं आईं तो हमारा बाजार भी बढ़ गया। लेकिन यह बहुत तात्कालिक नजरिया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के अपने फंडामेंटल इतने मजबूत हैं कि हमारे बाजार को बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अच्छा मानसून, पेट्रोलियम पदार्थों से मूल्य नियंत्रण हटाने जैसे साहसी सरकारी कदम, मुद्रास्फीति के दिसंबर तक 6 फीसदी पर आ जाने का भरोसा और इस साल कंपनियों की आय में 25 फीसदी से ज्यादा वृद्धि के संकेत। यह सारा कुछ कोरा आशावाद नहीं है। अगर वैश्विक बाजारों के असर से कभी कोई करेक्शन आया भी तो वह बहुत थोड़े समय का ही हो सकता है।

यह सेटलमेंट आरएनआरएल के लिए तकलीफदेह होगा, लेकिन इतना तय है कि जिन्होंने इसकी डिलीवरी ले रखी है वे लंबे समय में फायदे में रहेंगे और उनका निवेश आर-पावर के विकास के साथ बढ़ेगा। वैसे, बेहतर निवेश के दूसरे अवसर भी उपलब्ध हैं। श्राडेर डंकन या एसएस डंकन में आज भी 20 फीसदी का सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा और वह 248.85 रुपए पर जा पहुंचा। इस तरह इसने महीने भर से भी कम समय में 75 फीसदी का रिटर्न दिया है।

एस्ट्रा माइक्रोवेव में बढ़त जारी है। यह जबरदस्त कंपनी है और इसे बहुत जल्दी ही पक्के तौर पर 500 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिल रहा है। अंततः होगा यह कि इसका प्रबंधन लार्सन एंड टुब्रो अपने हाथ में लेनेवाली है। एक और हमारा सुझाया स्टॉक जिनसे चुपचाप जगह बना ली अच्छे वोल्यूम और नई ऊंचाई पर बंद होने के साथ, वह था शिवालिक बाईमेटल।

ऐसा ही किस्सा गल्फ ऑयल, गिलैंडर्स, विमप्लास्ट, क्विंटेग्रा, आईओएल नेटकॉम, एसएनएल, स्टाइलम, विंडसर, ब्रशमैन, धामपुर शुगर स्पेशियलिटी और बोरैक्स वगैरह के साथ भी दोहराया जाना है। बस, इसके लिए इंतजार और धैर्य की जरूरत है। ट्रेडरों के प्रति बाजार को कोई दया-माया नहीं है और वे अगर अपना सब कुछ गंवा भी बैठते हैं तो इसके लिए वे खुद ही जिम्मेदार होंगे।

बाजार का और बढ़ना, और ऊपर जाना तय है। रुख तेजी का है। देर-सबेर धमाका होकर रहेगा। टाटा स्टील और इस्पात इंडस्ट्रीज मेरे सबसे अच्छे दांव हैं। मैं मेटल को सीधे-सीधे इसलिए पसंद करता हूं कि इन पर तेजी से चोट की जाती है और ये फौरन उठकर खड़े हो जाते हैं। विदेशी बाजारों की तरफ देखना बंद कर दें और आप खुश व मस्त रहेंगे। आपको समझना चाहिए कि आप कोई 20 फीसदी पर नहीं खरीद रहे हैं और इसलिए विदेशी बाजारों के इशारे पकड़ने की जरूरत नहीं है। जितना ज्यादा आप बाहर से संबंध जोड़ेगे, उतना ही डरेंगे। इसलिए घरेलू निवेश के विवेक के आधार पर फैसले करें।

ध्यान रखें कि बुरे से बुरा बाजार भी दिग्गजों को नई शिखर पर पहुंचने से नहीं रोक पाता। गल्फ ऑयल, गिलैंडर्स, एस्ट्रा माइक्रो वाकई बहुत तेज धावक साबित होंगे।

निराशावादी इंसान भरी दोपहर में भी टॉर्च लेकर चलता है यह सोचकर कि कहीं रास्ते में रात हो गई तो!

(चमत्कार चक्री एक अनाम शख्सियत है। वह बाजार की रग-रग से वाकिफ हैलेकिन फालतू के कानूनी लफड़ों में नहीं उलझना चाहता। सलाह देना उसका काम है। लेकिन निवेश का निर्णय पूरी तरह आपका होगा और चक्री या अर्थकाम किसी भी सूरत में इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा। यह कॉलम मूलत: सीएनआई रिसर्च से लिया जा रहा है)

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