डीएस कुलकर्णी डेवलपर्स का शेयर पिछले एक महीने के दौरान ऊपर में 84 और नीचे में 71.10 रुपए तक गया है। थोड़ा और पीछे जाएं तो करीब पौने दो महीने पहले 23 अगस्त को उसने 91.10 रुपए पर पिछले 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर हासिल किया है। उसका सबसे कम भाव 60 रुपए का रहा है जो उसने इसी साल 31 मार्च को हासिल किया था। लेकिन जानते हैं इस शेयर की बुक वैल्यू कितनी है? 174.70औरऔर भी

स्टॉक एक्सचेंजों के स्वामित्व का आधार व्यापक होना चाहिए। उसमें विविधता होनी चाहिए ताकि इन व्यवस्थागत रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों को अच्छी तरह चलाया जा सके। यह राय है वित्तीय क्षेत्र की दो शीर्ष नियामक संस्थाओं – भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) की। स्टॉक एक्सचेंज पूंजी बाजार का हिस्सा हैं और उन पर सीधा नियंत्रण सेबी का है। इसलिए बैंकिंग नियामक का उनके स्वामित्व पर दो-टूक राय रखना काफी मायने रखता है।औरऔर भी

एचडीएफसी सिक्यूरिटीज के वी के शर्मा जी कहते हैं कि आइम्को इलेकॉन (इंडिया) लिमिटेड लंबे निवेश के लिए अच्छी कंपनी है। उन्होंने 19 अगस्त को जब यह शेयर खरीदने की सिफारिश की थी, तब इसका बंद भाव 310.55 रुपए था। उसके बाद से लगातार गिरते-गिरते यह 25 अगस्त को 296 रुपए पर पहुंच गया। कल 26 अगस्त को जाकर यह बीएसई (कोड – 523708) में 20 पैसे बढ़कर 296.20 रुपए पर बंद हुआ है तो एनएसई (कोडऔरऔर भी

कबाड़ी से धातु सम्राट बने वेदांता समूह के मालिक अनिल अग्रवाल ने सोमवार को लंदन में बाकायदा एलान कर दिया कि वे तेल व गैस भंडार के मामले में भारत की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी केयर्न इंडिया की 51 से 60 फीसदी इक्विटी खरीद रहे हैं। इसमें से 20 फीसदी इक्विटी वेदांता समूह की कंपनी सेसा गोवा ओपन ऑफर के जरिए खरीदेगी। बाकी कम से कम 40 फीसदी इक्विटी वेदांता समूह केयर्न इंडिया की ब्रिटिश प्रवर्तक केयर्नऔरऔर भी

मैंने कल ही आवेगी शेयरों से बचने की सलाह दी थी। आईएफसीआई आज इसका पहला शिकार हो गया। सरकार ने कहा है कि वो इससे लिए बांडों को इक्विटी में बदल देगी। इसका मतलब यह हुआ कि सरकार को आईएफसीआई के 52 करोड़ अतिरिक्त शेयर मिल जाएंगे। 520 करोड़ रुपए का यह निवेश इसकी 737.84 करोड़ रुपए की मौजूदा इक्विटी का लगभग 70 फीसदी है। जाहिर है कि इक्विटी बढ़ जाने के बाद कंपनी का मूल्यांकन अभीऔरऔर भी

दुनिया के जानेमाने अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस भारत के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज बीएसई में इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश में लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय समाचार पत्र फाइनेंशियल टाइम्स की एक ताजा खबर के मुताबिक सोरोस बीएसई में दुबई होल्डिंग्स की 4 फीसदी इक्विटी खरीदेंगे। इसके लिए वे 4 करोड़ डॉलर देने को तैयार हैं। इस आधार पर बीएसई का मूल्यांकन 100 करोड़ डॉलर का निकलता है। सेबी के नियमों के मुताबिक कोई एक विदेशी निवेशक देश केऔरऔर भी

सी अच्युतन कमिटी की तरफ से पेश किए गए नए टेकओवर कोड को अपनाने में अभी वक्त लगेगा। यह भी संभव है कि पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी 31 अगस्त तक प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद इसमें फेरबदल कर दे। लेकिन अगर इसकी मूल सिफारिशों को अपना लिया गया तो इससे देश की कम से कम 76 बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों के विदेशी अधिग्रहण का खतरा बढ़ जाएगा। ब्रोकर फर्म एसएमसी कैपिटल्स के एक अध्ययन के अनुसार बीएसई-500 मेंऔरऔर भी

गिरावट का आखिरी दौर अब निपट रहा है। इसके बाद निफ्टी कभी भी 5000 का स्तर नहीं छू सकता है। अब निफ्टी के 7000 तक पहुंचने की यात्रा शुरू हो चुकी है। अभी की गिरावट की बडी वजह रोलओवर है। क्या करें रोलओवर की अपनी अहमियत है और उससे गुजरने की अपनी तकलीफ भी। सब पाने के चक्कर में कुछ भी नहीं मिलता। इसलिए मेरा कहना है कि हमें बी ग्रुप के शेयरों पर केंद्रित करना चाहिएऔरऔर भी

संकटग्रस्त विमानन कंपनी एयर इंडिया का पुनर्गठन किया जा रहा है और सरकार कंपनी में अतिरिक्त इक्विटी के तौर पर 1200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह कहना है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली सालगिरह पर मंगलवार को जारी रिपोर्ट में प्रधानमंत्री ने कहा है कि एयर इंडिया चलाने वाली नेशनल एविएशन कंपनी आफ इंडिया (नासिल) का पुनर्गठन किया जा रहा है और सरकार ने कंपनी में 2000 करोड़ रुपए केऔरऔर भी