राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत देश भर में व्यापक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हम इसके जरिए साल 2022 तक 50 करोड़ कुशल कामगार तैयार कर लेंगे। इससे जहां उद्योगों की आवश्‍यकता पूरी होगी, वहीं युवाओं में रोजगार पाने की काबिलियत बढ़ेगी। वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को विभिन्‍न ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बजट-पूर्व बैठक में यह बात कही। यह बजट-पूर्व विचार-विमर्श के लिए हुई तीसरी बैठक थी। प्रथमऔरऔर भी

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी इनफोसिस टेक्नोलॉजीज के संस्थापक एन आर नारायण मूर्ति ने सवाल उठाया है कि चीन ने अपनी सस्ती मैन्यूफैक्चरिंग के दम पर दुनिया के तमाम देशों में औसत नौकरियों के मौके खत्म कर दिए है, लेकिन उसके खिलाफ कहीं शोर नहीं होता। जबकि भारत ने आउटसोर्सिंग के काम से नौकरियों के सीमित अवसर ही खत्म किए हैं, लेकिन भारत के खिलाफ खूब हल्ला मचाया जा रहा है। नारायण मूर्ति मंगलवारऔरऔर भी

अगले दस सालों में आईटी और बीपीओ उद्योग में प्रत्यक्ष रूप से एक करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा। यह कहना है सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के शीर्ष संगठन नैस्कॉम (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज) के अध्यक्ष सोम मित्तल का। उन्होंने गुरुवार को चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान बताया कि पिछले दस सालो में इस क्षेत्र में प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त लोगों की संख्या में छह गुना वृद्धि हुई है। 2001 में यह संख्याऔरऔर भी

हफ्ते भर में कभी फुरसत ही नहीं मिलती कि आपसे कोई सीधी बात हो सके। तीन महीने बीत गए, चौथा बीतने जा रहा है। देखिए, एक बात तो तय मानिए कि हमारा रिश्ता लंबा होने जा रहा है। अर्थकाम को धीरे-धीरे ऐसा बना देना है कि वह हमारी-आपकी दुनिया की देखभाल में सक्षम हो जाए। मेरे एक अभिन्न मित्र ने शुरुआत के वक्त कहा कि चलिए आप अर्थ-काम देखिए, हम धर्म-मोक्ष संभाल लेते हैं। बात मुझे अचानकऔरऔर भी

देश में औद्योगिक व कारोबारी गतिविधियों में सुधार के साथ कॉरपोरेट क्षेत्र में नौकरियां भी बढ़ने लगी हैं। जॉब पोर्टल नौकरी डॉट काम के अनुसार इस साल जून में कंपनियों ने पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 21 फीसदी ज्यादा नौकरियां दी हैं। नौकरी डॉट काम का मासिक जॉब इंडेक्स जून 2010 में 947 अंक पर पहुंच गया जबकि एक साल पहले यह 784 अंक पर था। जून के मासिक रोजगार सूचकांक में एक महीनेऔरऔर भी

हमारे कपड़ा निर्यात का 60 फीसदी हिस्सा अमेरिका और यूरोप के बाजारों में होता है। इसलिए यूरोप व अमेरिका में कुछ भी गड़बड़ होती है तो देश का कपड़ा निर्यात बुरी तरह प्रभावित होता है। यूरोप के संकट के संदर्भ में केंद्रीय कपड़ा मंत्री दयानिधि मारन का कहना है कि हमारा एक पैर अब भी कब्र में है। वित्त वर्ष 2009-10 में देश का कपड़ा निर्यात 19 अरब डॉलर का रहा है। चालू वित्त वर्ष में कुलऔरऔर भी

अर्थकाम पर अपने ही प्रयासों को पूरा होता हुआ देख रहा हूँ। मैं कई बार खुद के हिन्दी भाषी होने पर परेशान हो उठता हूं। आर्थिक बुद्धिमता देश के युवा के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अभाव में देश का युवावर्ग आज बेरोजगारी और अकर्मण्यता के भीषण दौर से गुजर रहा है। कहीं एक रोजगार विज्ञप्ति निकलती है तो आवेदकों की तादाद देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य क्या हो सकता है। आजऔरऔर भी