दुनिया की सबसे बड़ी पीसी चिप निर्माता इंटेल ने क्लाउड कंप्यूटिंग को अपनाने का खाका तैयार करने के लिए बीएमडब्ल्यू, लोकहीड मार्टिन तथा जेपी मार्गन चेज जैसी कंपनियों से गठजोड़ किया है। यह जानकारी इंटेल की तरफ से शुक्रवार को दी गई। ओपन डेटा सेंटर एलायंस (ओडीसीए) नाम के इस गठजोड़ में बीएसई सहित 70 कंपनियां हैं। भारत से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज व सीटीआरएलएस इसमें शामिल है। यह गठजोड़ भविष्य में क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए हार्डवेयर वऔरऔर भी

पीएसएल लिमिटेड का शेयर कल एनएसई, बीएसई दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों में 52 हफ्ते की तलहटी पर पहुंच गया। वो बीएसई (कोड – 526801) में 114.15 रुपए और एनएसई (कोड – PSL) में 113.60 रुपए तक गिर गया। ऐसा क्यों हुआ, नहीं पता। हां, कंपनी ने महीने भर पहले 29 सितंबर को इतना जरूर बताया था कि सितंबर 2005 में जारी 4 करोड़ डॉलर के जीरो कूपन विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांडों (एफसीसीबी) की अदायगी 7 सितंबर 2010औरऔर भी

एमआरपीएल (मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड) ने कल ही अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। कंपनी का 13,964 करोड़ रुपए का विस्तार कार्यक्रम भी समय से आगे चल रहा है। फिर भी उसका शेयर दो फीसदी से ज्यादा गिरकर एनएसई (कोड – MRPL) में 82.30 रुपए और बीएसई (कोड – 500109) में 82.50 रुपए पर बंद हुआ। पिछले चार महीने से वो 75 से 85 रुपए के बीच डोल रहाऔरऔर भी

इंडोको रेमेडीज ने हफ्ते भर पहले दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे उम्मीद के बेहतर रहे हैं। यही वजह है कि पिछले पांच कारोबारी सत्रों में उसका शेयर 430.10 रुपए से बढ़कर 519.90 रुपए तक जा चुका है। हालांकि कल बीएसई में बंद हुआ 505.50 रुपए पर। इस तरह चंद दिनों में यह शेयर करीब 20 फीसदी की बढ़त ले चुका है। आईसीआईसीआई सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि यह शेयर आरामऔरऔर भी

हमारी दृढ़ धारणा नहीं बदल सकती। हमारा मानना था कि निफ्टी के 6200 के आपपास पहुंचने पर बिकवाली का थोड़ा दबाव आ सकता है और हमने लगभग दिन के सर्वोच्च स्तर 6178 पर मुनाफावसूली की। आपने पहली बार देखा होगा कि निफ्टी में पूरे सत्र के दौरान खरीद की कोई कॉल नहीं थी। हम कल का रुझान कल तय करेंगे। अभी तो हमारा मानना है कि इस सेटलमेंट में निफ्टी 6290 के ऊपर नहीं जाएगा। लेकिन वोऔरऔर भी

जिंदल सॉ बीएसई के ए ग्रुप और बीएई-200 सूचकांक में शामिल है। इसलिए कैश सेगमेंट के साथ ही उसमें डेरिवेटिव सौदे (फ्यूचर एंड ऑप्शन) भी होते हैं। उसके अक्टूबर सीरीज के फ्यूचर्स में वोल्यूम एक करोड़ शेयरों के पार जा चुका है, जबकि नवंबर सीरीज के फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट एक ही सत्र में 103 फीसदी बढ़ गया है। इससे साफ पता चलता है कि इस स्टॉक में बड़े लोग घुस रहे हैं। शुक्रवार को कंपनी काऔरऔर भी

माइक्रो टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड की कीमत बाजार अभी नहीं समझ रहा। उसकी बुक वैल्यू 284.93 रुपए है, जबकि शेयर चल रहा है 206.75 रुपए पर। उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर भी बुक वैल्यू से कम 228.60 रुपए रहा  है। कंपनी ने 2009-10 में 310.22 करोड़ रुपए की आय पर 63.64 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था और उसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 57.92 रुपए था। जून 2010 की तिमाही में उसने 82.39 करोड़ रुपए कीऔरऔर भी

बाजार में निवेश का निर्णय कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है। जैसे, अगर हम इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट (बीएसई कोड – 532832, एनएसई कोड – IBREALEST) का मामला लें तो इसका प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) और पी/ई अनुपात इसमें कतई निवेश की इजाजत नहीं देता। इसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 1.12 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 2.07 फीसदी बढ़कर 209.65 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह उसका पी/ई अनुपात निकलता है 187.36। इतनेऔरऔर भी

ईक्लर्क्स सर्विसेज (बीएसई कोड – 532927, एनएसई कोड – ECLERX) की बुक वैल्यू अभी 82.83 रुपए है। वित्त वर्ष 2009-10 में ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 38.23 रुपए रहा है। उसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 31.10 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 600.05 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह वह 19.29 (600.25/31.10) के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। जाहिर है, यह शेयर कहीं से भी सस्ता नजर नहीं आ रहा। लेकिन एचडीएफसीऔरऔर भी

हमने इसी कॉलम में 6 अगस्त की सुबह बाजार खुलने से पहले जब बिलकेयर लिमिटेड (बीएसई कोड – 526853) के बारे में लिखा था, तब पिछली शाम 5 अगस्त, गुरुवार को उसका बंद भाव 474.30 रुपए था। तब तक उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 600 रुपए था और एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट के हवाले हमने बताया था कि यह शेयर एक साल के भीतर 615 रुपए तक जा सकता है। लेकिन इसमें तो कमाल होऔरऔर भी