बीएसई व एनएसई में मिलाकर हर दिन करीब तीन हजार कंपनियों के शेयरों में ट्रेडिंग होती है। इनमें से सैकड़ों शेयर हर दिन बढ़ते हैं। ऐसे में कोई चुनना चाहे तो हर दिन बढ़नेवाले दो-चार शेयर छांटना मुश्किल नहीं है। लेकिन हर दिन की बढ़त पर निगाह ट्रेडरों की रहती है जो दिन के दिन अपनी कमाई कर घर निकल लेते हैं। हमें तो ऐसे शेयर चुनने हैं जो छह महीने साल भर में एफडी से ज्यादाऔरऔर भी

कुछ लोग इसे धर्मांध मुसलमानों का तुष्टीकरण बता सकते हैं, लेकिन बिजनेसवालों के लिए यह ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने दायरे में लाकर धंधा बढ़ाने या वित्तीय समावेश का तरीका है। जी हां, सोमवार 27 दिसंबर से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) इस्लाम धर्म की मान्यताओं पर खरा उतरनेवाला एक सूचकांक शुरू कर रहा है। उसने इसे तक़वा एडवाइजरी एंड शरीया इनवेस्ट सोल्यूशंस (तासिस) के सहयोग से बनाया है। इनका नाम है बीएसई तासिल शरीया 50 इनडेक्स।औरऔर भी

नाम है तिलकनगर इंडस्ट्रीज, धंधा है दारू का। कुछ लोगों को परहेज हो सकता है कि शराब, सिगरेट व गुटखा जैसी नशीली चीजें बनानेवाली कंपनियों में निवेश नहीं करेंगे। अच्छी बात है। हालांकि धंधा तो धंधा होता है और हमें यही देखना है कि हमारी पूंजी कहां बढ़ सकती है। महाभारत खत्म होने पर श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को धर्म की शिक्षा लेने के लिए एक कसाई के पास भेजा था। खैर, तिलकनगर इंडस्ट्रीज (बीएसई – 507205,औरऔर भी

बाजार सुरक्षित हाथों में है। कृपया चिंता करना छोड़ दें। इस सेटलमेंट में जिन स्टॉक्स में तेजी का दम रहेगा, वे हैं – आरआईएल, आईएफसीआई, आईडीबीआई बैंक, सेंचुरी टेक्सटाइल्स, एचडीआईएल, यूनिटेक, डीएलएफ, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और ऑर्किड केमिकल्स। इन पर सेटलमेंट के आखिरी दिन गुरुवार का असर आप 30 दिसंबर 2010 को देखिएगा। एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) का दिन 31 दिसंबर 2010 है क्योंकि तमाम म्यूचुअल फंड अब भी एनएवी के लिए कैलेंडर वर्ष का इस्तेमालऔरऔर भी

कंसोलिडेटेड कंस्ट्रक्शन कंसोर्टियम लिमिटेड (सीसीसीएल) का शेयर पिछले एक महीने में 72 रुपए से 15 फीसदी से भी ज्यादा गिरकर 61 रुपए पर आ चुका है। इस दरम्यान वह 26 नवंबर को 60 रुपए तक चला गया है जो 52 हफ्तों का उसका न्यूनतम स्तर है। इस शेयर की बुक वैल्यू 33.52 रुपए है, जबकि उसका ठीक पिछले बारह महीनों का ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 4.88 रुपए है। इस तरह कल बीएसई (कोड – 532902) में 60.90औरऔर भी

प्लेथिको फार्मास्यूटिकल्स जड़ी-बूटी पर आधारित फॉर्मूलेशन, पोषण से जुड़े उत्पाद और एलोपैथिक दवाएं बनाती है। जड़ी-बूटी व पोषण सेगमेंट में उसके प्रमुख ब्रांड हैं ट्राविसिल, माउंटेन हर्ब्स व कोच फॉर्मूला, जबकि एलोपैथिक दवाओं के उसके खास ब्रांड हैं थेरासिल और इफरटैब। लेकिन स्टॉक के लिहाज से इसमें सबसे खास बात यह लगती है कि प्रवर्तक इससे एकदम चिपके हुए हैं। उन्होंने कंपनी की 34.07 करोड़ रुपए की इक्विटी का 87.01 फीसदी अपने पास रख रखा है। एफआईआईऔरऔर भी

हमने हीरो होंडा में बेचने की सलाह दी और यह स्टॉक गिर गया जो साबित करता है कि दोपहिया वाहनों की इस भीमकाय कंपनी तक के बारे में हमारी अंतर्दृष्टि कितनी गहरी है। हमने कल ही इस्पात इंडस्ट्रीज से निकल जाने की सलाह दी, जबकि हल्ला था कि जेएसडब्ल्यू स्टील के साथ उसकी डील 30 से 33 रुपए पर हो सकती है। यहां तक कि आज के इकनॉमिक टाइम्स ने भी 30 से 33 रुपए की खबरऔरऔर भी

गैमन इंडिया का शेयर (बीएसई – 509550, एनएसई – GAMMONIND) तीन हफ्ते पहले 29 नवंबर को 150.55 रुपए का न्यूनतम स्तर छूने के बाद उठता जा रहा है। यह 2 दिसंबर को ऊपर में 187 रुपए तक जा चुका है। हालांकि कल यह पिछले भाव से 0.56 फीसदी गिरकर 170 रुपए पर बंद हुआ है। लेकिन यकीन मानिए, इस कंपनी में दम है और इसका शेयर 52 हफ्ते के अपने उच्चतम स्तर 276 रुपए (20 जनवरी 2010)औरऔर भी

उम्मीद के मुताबिक एक और उतार-चढ़ाव से भरा दिन। सेंसेक्स बंद तो हुआ 24 अंक बढ़कर, लेकिन दिन भर में इसने 295 अंकों की पेंग भरी। वैसे, आज के स्टार परफॉर्मर रहे – हीरो होंडा और इस्पात इंडस्ट्रीज। इन दोनों की शिनाख्त में हम सबसे आगे रहे हैं। इस्पात ने कहानी को मुकाम पर पहुंचाने में पूरे बारह महीने लगा दिए। लेकिन हम खुश हैं क्योंकि इस स्टॉक ने 30 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया हैऔरऔर भी

पुंज लॉयड का शेयर (बीएसई – 532693, एनएसई – PUNJLLOY) दो महीने पहले 15 अक्टूबर को ऊपर में 134.20 रुपए तक गया था। इसके बाद गिरते-गिरते 26 नवंबर को 81 रुपए की तलहटी पर चला गया। अब बीते हफ्ते 16 दिसंबर तक ऊपर की दिशा पकड़कर 106.30 रुपए पर पहुंच गया। उसमें बढ़त का ताजा सिलसिला 10 दिसंबर को शुरू हुआ है। उसी दिन उसने थाईलैंड की कंपनी पीटीटी पब्लिक लिमिटेड से 1292 करोड़ और भारत कीऔरऔर भी