डाबर इंडिया का शेयर है कि बढ़ता ही नहीं। 16 जून को 94.03 रुपए पर बंद हुआ था और पांच महीने बाद कल 16 नवंबर को भी कमोबेश उसी स्तर 93.30 पर बंद हुआ है। वह भी तब, जब कंपनी ने कल ही घोषणा की है कि उसकी अमेरिकी इकाई डर्मोविवा स्किन एसेंसियल्स अमेरिका की ही परसनल केयर कंपनी नमस्ते लैबोरेटरीज का अधिग्रहण 10 करोड़ डॉलर में कर रही है। इससे डाबर समूह को नमस्ते लैब्स कीऔरऔर भी

मैंने कल बिजनेस स्टैंडर्ड में एक रिपोर्ट पढ़ी जिसमें संवाददाता ने किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड श्रेणी में डालने के तौर-तरीकों को लेकर स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों पर कुछ खरे-खरे आरोप लगाए हैं। इसमें भ्रष्टाचार तक का आरोप शामिल है। इन आरोपों की वाकई जांच-पड़ताल की जानी चाहिए और पुष्टि के लिए प्रमाण भी जुटाए जाने चाहिए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि किसी शेयर को ट्रेड टू ट्रेड से दोबारा सामान्य श्रेणी मेंऔरऔर भी

डीसीडब्ल्यू लिमिटेड (बीएसई कोड – 500117, एनएसई कोड – DCW) बहुत पुरानी बाप-दादा के जमाने की कंपनी है। कास्टिक सोडा, क्लोरीन व उसके यौगिक, पीवीसी रेजिन, सोडा एश और अमोनियम बाईकार्बोनेट जैसे कई बुनियादी रसायन बनाती है। घोड़े की नाल इसका लोगो है। सवाल उठता है कि बैंकिग, आईटी, मल्टी मीडिया और रीयल्टी के लकदक जमाने में ऐसी कंपनी को कौन पूछेगा? लेकिन ऐसा नहीं है। कल बीएसई में इसके 11.21 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं,औरऔर भी

पावर ग्रिड का पब्लिक इश्यू (एफपीओ) पूरा हो गया और बाजार एक बार फिर करेक्शन के मोड में चला गया। ऐसा लगा जैसे बाजार के लिए और कोई ट्रिगर ही नहीं था और वह बस पावर ग्रिड के इश्यू के बीतने का इंतजार कर रहा था। लेकिन ऐसा है नहीं। बहुत सारे ट्रिगर हैं जिनके आधार पर बाजार की नए सिरे से रेटिंग होती रहेगी। अभी तो चूंकि निफ्टी 6357 को पार नहीं कर पा रहा हैऔरऔर भी

बाजार कैसे और क्यों उठता-गिरता है, इसे परिभाषित करने के लिए आपको हमारी जरूरत नहीं है। यह तो आपको खुद समझना होगा। जहां तक हमारी बात है तो बाजार के 8000 अंक से 21,000 तक पहुंचने के अनुमान में हम एकदम सटीक रहे हैं और आगे आपको कम से कम 42,000 तक ले जाएंगे। हालांकि राकेश झुनझुनवाला ने किसी को बताया है कि बाजार 50,000 अंक तक जाएगा। मजे की बात यह है कि वे यहां बीएसईऔरऔर भी

लॉयड इलेक्ट्रिक (बीएसई कोड – 517518, एनएसई कोड – LLOYDELENG) का शेयर सतह से उठने लगा है। पिछले एक महीने में यह 15 फीसदी बढ़ चुका है। 8 अक्टूबर को यह 71.50 रुपए पर बंद हुआ था। कल 9 नवंबर को यह (5.72 फीसदी बढ़कर) 82.25 रुपए पर बंद हुआ है। जल्दी ही इसके 120 रुपए से ऊपर पहुंच जाने के आसार हैं। हालांकि दूसरी तिमाही के उसके नतीजे बहुत खास नहीं रहे हैं। सितंबर 2010 मेंऔरऔर भी

मुंबई की कंस्ट्रक्शन व इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्रतिभा इंडस्ट्रीज में इधर हलचल कुछ ज्यादा ही तेज हो गई है। कंपनी को पिछले हफ्ते तीन खास कांट्रैक्ट मिले हैं। पहला, गोदावरी मराठवाडा इरिगेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, औरंगाबाद से 37.44 करोड़ रुपए का। दूसरा, रहेजा यूनिवर्सल की तरफ से मुंबई में तीन रिहाइशी इमारतें बनाने के लिए 63 करोड़ रुपए का कांट्रैक्ट, जिसमें 20 फ्लोर की तीन इमारतें बनाई जानी हैं। तीसरा कांट्रैक्ट है तमिलनाडु वॉटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड का।औरऔर भी

सांघवी मूवर्स (बीएसई कोड – 530073, एनएसई कोड – SANGHVIMOV) के साथ भारी समस्या यह है कि उसके स्टॉक में ज्यादा ट्रेडिंग नहीं होती। जैसे, कल बीएसई में उसके केवल 1459 शेयरों के सौदे हुए हैं और पिछले दो हफ्ते का औसत कारोबार 4227 शेयरों का रहा है। इसी तरह एनएसई में कल इसके मात्र 2825 शेयरों में कारोबार हुआ है जिसमें से 1782 या 63.08 फीसदी शेयर ही डिलीवरी के लिए थे। बीएसई के बी ग्रुपऔरऔर भी

अरेवा टी एंड डी इंडिया लिमिटेड के नाम में टी एंड डी का मतलब ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से। कंपनी मुख्यतः बिजली के पारेषण और वितरण से जुड़े उपकरण बनाती है। कंपनी ने शनिवार को ही सितंबर तिमाही के जबरदस्त नतीजे घोषित किए हैं। उसने 1047.85 करोड़ रुपए की आय पर 62.95 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है, जबकि साल भर पहले की सितंबर तिमाही में उसकी आय 750.95 करोड़ रुपए और शुद्ध लाभ 22.40 करोड़ रुपएऔरऔर भी

शेयर की बुक वैल्यू 23.83 रुपए और बाजार में भाव चल रहा है 27.75 रुपए। जी हां, फर्स्टसोर्स सोल्यूशंस का शेयर कल बीएसई (कोड – 532809) में 3.98 फीसदी गिरकर 27.75 रुपए पर बंद हुआ है। एनएसई (कोड – FSL) में यह गिरावट 4.15 फीसदी रही है, लेकिन बंद भाव 27.75 रुपए ही है। करीब साल भर पहले 17 नवंबर 2009 को यह शेयर 40 रुपए के उच्चतम स्तर पर गया था, जबकि इसका न्यूनतम स्तर 24.15औरऔर भी