सेटलमेंट का आखिरी दिन। निफ्टी 5600 के ऊपर डटा रहा। 5657.90 तक जाने के बाद 5634.90 पर बंद हुआ। साफ संकेत अगली बढ़त का। महीने का अंत आते-आते मैंने अपना जो लक्ष्य आपको बताया था, वह 5735 पर कायम है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और एसबीआई ने बाजार को उठने में मदद की है। हालांकि आरआईएल में अब भी बढ़त की काफी गुंजाइश बाकी है। जब तक यह 880 रुपए के नीचे नहीं जाता, तब तक इसमें रुझानऔरऔर भी

वित्त मंत्री ने वॉशिंगटन में इतना भर कहा कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 8.5 फीसदी रहेगी और मुंबई में हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी और कॉलगेट पामोलिव के शेयर कम से कम बीस सालों के शिखर पर पहुंच गए। इनमें सबसे ज्यादा 10.33 फीसदी की बढ़त कॉलगेट में दर्ज की गई जो 1011.10 रुपए पर जा पहुंचा। हालांकि बंद हुआ 7.75 फीसदी की बढ़त के साथ बीएसई (कोड – 500830) में 987.50 रुपए और एनएसई (कोडऔरऔर भी

बाजार तेजी का हो तो मुझे अलग से अपनी राय या विचार रखने की जरूरत नहीं है। निफ्टी 5600 तक जा पहुंचा है। यह अपने-आप में ही बहुत कुछ कह जाता है। इसने उन तमाम पंटरों व विशेषज्ञों को गलत साबित कर दिया जो कह रहे थे कि इसका 5500 तक पहुंचना भी असंभव है। मैं बाजार के टिके रहने और इस सेटलमेंट में आगे बढ़ने की चार खास वजहें देखता हूं। एक, ग्रीस के ऋण संकटऔरऔर भी

धूमिल की मशहूर कविता है – एक आदमी रोटी बेलता है। एक आदमी रोटी खाता है। एक तीसरा आदमी भी है जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है। वह सिर्फ़ रोटी से खेलता है। थोड़े भिन्न अर्थ में कुछ यही अंदाज है पीटीसी इंडिया का। वह न बिजली बनाती है, न खुद बिजली सोखती है। वह सिर्फ बिजली से खेलती है, उसका व्यापार करती है। तार पर बहने और बैटरी में रखी जानेवाली अमूर्त चीजऔरऔर भी

हम इस सेटलमेंट में निफ्टी के उच्च स्तर को अब पार कर चुके हैं। इससे 5500 पर फंसे सभी निवेशकों को निकलने की राह मिल गई है। हालांकि बहुत दूर की कौड़ी यह भी है कि इस स्तर भी लांग रहा जा सकता था। दूसरी तरफ निफ्टी नीचे में 5185 तक चला गया। यह फिसलन इतनी तेज थी कि ट्रेडर लगातार बेचते हुए अपनी औसत लागत घटाते रहे ताकि वह 5300 पर आ जाए। फिर भी बाजारऔरऔर भी

मैंने आपसे कहा था कि मंदड़ियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और आप खुद देख रहे हैं कि सेटलमेंट की समाप्ति के ठीक पहले तेजड़ियों ने मंदड़ियों को कैसा धर दबोचा है। बाजार के एक बड़े उस्ताद एसबी (शरद बोबदा) के बारे में सुना गया है कि आज उन्होंने सबसे पहले निफ्टी में शॉर्ट सौदे काटे। दूसरों का अभी उनके पीछे चलना बाकी है। 5530 पर प्रतिरोघ का बहुत तगड़ा स्तर था। लेकिन निफ्टी इसे तोड़कर 5552.65औरऔर भी

गुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनी लिमिटेड गुजरात सरकार की कंपनी है जिसने इसमें अपनी चार कंपनियों गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स, गुजरात एल्कलीज एंड केमिकल्स, गुजरात ऊर्जा विकास निगम और पेट्रोफिल्स को-ऑपरेटिव के जरिए इसकी 58.21 फीसदी इक्विटी ले रखी है। वित्त वर्ष 2010-11 में कंपनी की बिक्री 14.78 फीसदी बढ़कर 1077.95 करोड़ और शुद्ध लाभ 52.60 फीसदी बढ़कर 162.95 करोड़ रुपए हो गया। कंपनी ने दस रुपए अंकित मूल्य के शेयर पर 2.50 रुपए (25 फीसदी) लाभांशऔरऔर भी

एक तरफ कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मूल्य गिरने की भविष्यवाणी हो रही है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार आज ही मंत्रियों के समूह की बैठक के बाद डीजल व रसोई गैस के दाम बढ़ा सकती है। ऐसे माहौल में न जाने कौन-सा आशावाद काम कर गया कि करीब 1.90 लाख करोड़ रुपए के वोल्यूम के साथ बाजार आज बल्ले-बल्ले कर उठा। सेंसेक्स 513.19 अंक (2.89 फीसदी) बढ़कर 18,240.68 और निफ्टी 151.25 अंक (2.84 फीसदी) बढ़त लेकर 5471.25 परऔरऔर भी

एक 15 दिसंबर 2010 का दिन था जब सरकारी कंपनी मॉयल (पूरा पुराना नाम मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड) की लिस्टिंग हुई थी और 375 रुपए पर जारी किया गया उसका शेयर पहले ही दिन 591.05 के शिखर पर जा बैठा था। उस दिन उन तमाम पंटरों के कपड़े उतर गए थे जो लिस्टिंग के पहले अनधिकृत बाजार में इन शेयरों को 200-250 रुपए में बेच रहे थे। और, एक कल 23 जून 2011 का दिन रहा, जबऔरऔर भी

बाजार अब भी खुद को संभालने की जद्दोजहद में लगा है। सुबह की पस्ती के बाद चीते की तरह बढ़ा। निफ्टी 5330 और सेंसेक्स 17,755 तक जाकर थोड़ा नीचे आया है। इस बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) का करीब 3 फीसदी बढ़ जाना थोड़ा सुकून दे रहा है क्योंकि अंततः कंपनी को डी-6 ब्लॉक में कुछ गैस मिल गई है और भारत सरकार की तरफ से सकारात्मक बयान आए हैं। क्या इसके बाद अब आरआईएल में दूसरी बारऔरऔर भी