पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने शेयर बाजार में अल्गोरिदम ट्रेडिंग को बैन करने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। लेकिन इससे जुड़े उत्पादों के तेजी से बढ़ने पर वो चिंतित जरूर है। सेबी के चेयरमैन यू के सिन्हा मे मंगलवार को मुंबई में उद्योग संगठन सीआईआई और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्यूरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) द्वारा पूंजी बाजार पर आयोजित एक समारोह में यह बात कही। उन्होंने अलग से मीडिया से बात करते हुए कहा, “सेबीऔरऔर भी

यूपीए सरकार मल्टी-ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लेकर उसी तरह व्यग्र हो गई है जैसे तीन साल पहले वह जुलाई 2008 में भारत-अमेरिका परमाणु संधि को लेकर हुई थी। जहां एक तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ कर दिया है कि सरकार इस फैसले से पीछे नहीं हटेगी, वहीं उनके करीबी और वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने तो यहां तक कह दिया कि अगर विदेशी सुपरमार्केट्स को भारत में आनेऔरऔर भी

देश में 31 जुलाई 2011 तक एलोपैथिक डॉक्टरों की संख्या 8,56,065 रही है। इनमें से करीब 6 लाख डॉक्टर ही नियमित प्रैक्टिस करते हैं। देश की आबादी करीब 121 करोड़ है। इस तरह हर 2016 लोगों पर देश में एक एलोपैथिक डॉक्टर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानक है कि हर 1000 लोगों पर एक एलोपैथिक डॉक्टर होना चाहिए। योजना आयोग के एक विशेषज्ञ दल का अनुमान है कि भारत यह मानक साल 2028 तक हासिल करऔरऔर भी

दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट, फेसबुक अगले साल अप्रैल से जून के बीच पूंजी बाजार में उतर सकती है। वह अपना आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लाने का विचार कर रही है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक अपने शेयर बेचकर बाजार से 10 से 12 अरब डॉलर (500 से 600 अरब रुपए) की पूंजी जुटाना चाहती है। लेकिन फेसबुक के प्रवक्ता लैरी यू ने कहा है कि वे आईपीओ केऔरऔर भी

संसद में छाया राजनीतिक गतिरोध सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को रिटेल में एफडीआई या सिविल एविएशन को विदेशी एयरलाइंस के लिए खोलने जैसे बड़े फैसले नहीं लेने देगा। अभी तक इस सेटलमेंट में इन दोनों ही सेक्टरों के स्टॉक्स काफी ज्यादा खरीदे जा चुके हैं। अब वे कैश सेटलमेंट के नए शिकार हैं। इसलिए इनमें खरीद करते वक्त काफी सावधान रहने की जरूरत है। पिछले सेटलमेंट में मैंने आपको डिश टीवी के बारे में जो बताया था, वोऔरऔर भी

भारत सरकार का प्राथमिक घाटा चालू वित्त वर्ष 2011-12 में अप्रैल से सितंबर तक के पहले छह महीनों में 1,58,311 करोड़ रुपए रहा है, जबकि पूरे वित्त वर्ष के 12 महीनों के लिए बजट में इसका निर्धारित लक्ष्य 1,44,831 करोड़ रुपए का है। इस तरह साल के छह महीने में ही देश का प्राथमिक घाटा पूरे साल के लिए निर्धारित लक्ष्य का 109.3 फीसदी हो चुका है। यह इसलिए भी चिंता की बात है क्योंकि पिछले वित्तऔरऔर भी

एस्कोर्ट्स लिमिटेड बनी तो 1960 में। लेकिन इसके बनने की शुरुआत देश को आजादी मिलने से तीन साल पहले 1944 में ही हो गई थी। कंपनी ट्रैक्टर व अन्य कृषि उपकरण ही नहीं, ऑटो कंपोनेंट और रेलवे व कंस्ट्रक्शन के काम के उपकरण भी बनाती है। उसने बाकायदा अलग से अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी एस्कोर्ट्स कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट नाम से बना रखी है। कंपनी ने कल ही वित्त वर्ष 2010-11 के सालाना नतीजे घोषित किए हैं। आपऔरऔर भी

सत्ता के सच को कभी सच मानने की गलती नहीं करनी चाहिए। वो अपने काम का ही सच पेश करती है। जब श्रीकृष्ण तक शंख के शोर में अधूरे सच को पूरा सच बना देते हैं तो औरों का क्या भरोसा?और भीऔर भी

अमेरिका की जानी-मानी पत्रिका फॉरेन पॉलिसी ने साल 2011 में दुनिया के शीर्ष 100 चिंतकों में विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी और गांधीवादी कार्यकर्ता अण्णा हज़ारे समेत छह भारतीयों को शामिल किया है। सूची में शामिल चार अन्य भारतीय हैं – लेखिका अरुंधति रॉय, अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, शोधकर्ता दीपा नारायण व अरविंद सुब्रहमण्यम। फॉरेन पॉलिसी पत्रिका अपने विश्लेषण और विदेश नीति संबंधी लेखों के लिए जानी जाती है। पत्रिका हर साल दुनिया के 100 शीर्ष चिंतकों कीऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सहारा समूह को फौरी राहत दे दी। उसने सिक्यूरिटीज अपीलीय ट्राइब्यूनल (सैट) के 18 अक्टूबर 2011 के उस आदेश पर स्टे दे दिया जिसमें सहारा समूह की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रीयल एस्टेट (वर्तमान नाम, सहारा कमोडिटी सर्विसेज) और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉरपोरेशन को ओएफसीडी (ऑप्शनी फुली कनर्टिबल डिबेंचर) इश्यू के 2.3 करोड़ निवेशकों को छह हफ्ते के भीतर उनके द्वारा जमा कराए गए करीब 17,400 करोड़ रुपए लौटाने को कहाऔरऔर भी