अहमदनगर फोर्जिंग्स (बीएसई कोड – 513325, एनएसई कोड – AHMEDFORGE) का शेयर पिछले एक महीने में 18.75 फीसदी बढ़ चुका है। 22 अक्टूबर को यह बंद हुआ था 142.15 रुपए पर और कल 22 नवंबर को इसका बंद भाव रहा है 168.80 रुपए। इस बीच में यह 9 नवंबर को 209.90 रुपए का शिखर भी बना चुका है। सवाल उठता है कि क्या इसमें अब भी उठने की ऊर्जा बची है? जवाब है – हां। कारण, इसकीऔरऔर भी

मंगलम ड्रग्स एंड ऑर्गेनिक्स (बीएसई कोड – 532637, एनएसई कोड – MANGALAM) कोई बड़ी कंपनी नहीं है। कुल बाजार पूंजीकरण अभी (शेयर के भाव और कुल जारी शेयरों की संख्या का गुणनफल = 20.45 X 1.318 करोड़) 26.953 करोड़ रुपए है। उसकी चुकता शेयर पूंजी 13.18 करोड़ रुपए है जो 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बंटी है। गुरुवार को दुरुस्त नतीजे घोषित करने के बाद शुक्रवार को उसका शेयर 6.23 फीसदी बढ़कर 20.45 रुपए परऔरऔर भी

रॉयल ऑर्किड होटल्स ने अच्छे नतीजे घोषित किए तो क्या? उसकी अच्छी-खासी विस्तार योजनाएं हैं तो क्या? उसकी प्रति शेयर बुक वैल्यू 74.91 रुपए है तो क्या? कोई देखेगा नहीं, पूछेगा नहीं तो शेयर के भाव कैसे बढ़ेंगे! खिलाड़ियों की दिलचस्पी नहीं। रिटेल निवेशक डरे हुए हिरन की तरह बाजार से चौकड़ी मारकर भागे हुए हैं। इसलिए रॉयल ऑर्किड होटल्स में चंद हजार शेयरों का कारोबार होता है और भाव 75 रुपए के आसपास डोल रहा है।औरऔर भी

रामको इंडस्ट्रीज बड़ी पुश्तैनी किस्म की कंपनी है। उसके संस्थापक चंदन का तिलक धारण करनेवाले पीएसी रामासामी राजा है। कंपनी ने अपना पहला एस्बेस्टस शीट प्लांट 1967 में तमिलनाडु के आराक्कोणम में लगाया। दूसरा शीट प्लांट करूर (कर्णाटक) में 1974 में और तीसरा प्लांट माक्सी (मध्य प्रदेश) में 1987 में लगाया। इससे पहले माक्सी में ही उसने 1983 में 5 मीटर लंबी और 80 मिमी से लेकर 1000 मिमी व्यास वाली एस्बेस्टस सीमेंट प्रेशर पाइप बनाने काऔरऔर भी

डाबर इंडिया का शेयर है कि बढ़ता ही नहीं। 16 जून को 94.03 रुपए पर बंद हुआ था और पांच महीने बाद कल 16 नवंबर को भी कमोबेश उसी स्तर 93.30 पर बंद हुआ है। वह भी तब, जब कंपनी ने कल ही घोषणा की है कि उसकी अमेरिकी इकाई डर्मोविवा स्किन एसेंसियल्स अमेरिका की ही परसनल केयर कंपनी नमस्ते लैबोरेटरीज का अधिग्रहण 10 करोड़ डॉलर में कर रही है। इससे डाबर समूह को नमस्ते लैब्स कीऔरऔर भी

मैंगलोर केमिकल्स एंट फर्टिलाइजर्स का शेयर इसी 3 नवंबर को 52 हफ्ते के शिखर 48.25 रुपए पर जा पहुंचा था। उसके बाद से ढलान पर है। कल बीएसई (कोड – 530011) में 1.28 फीसदी की गिरावट के साथ 42.40 रुपए और एनएसई (MANGCHEFER) में 1.40 फीसदी की गिरावट के साथ 42.35 रुपए पर बंद हुआ है। जहां बीएसई में इसके 7.64 लाख शेयरों का, वहीं एनएसई में 10.44 लाख शेयरों का कारोबार हुआ है। यह अच्छी कंपनीऔरऔर भी

भाई लोगों ने नतीजे घोषित होने से पहले महिंद्रा सत्मय की क्या धुनाई की है? बीएसई में यह शेयर खुला पहले से बढ़कर 87 रुपए पर। दोपहर साढ़े बारह बजे तक 88.40 रुपए तक पहुंच गया। शेयर कमोबेश इसी दायरे में चल रहा था कि अचानक पौने दो बजे के आसपास खिलाड़ी लोग इसे गिराकर 81.90 रुपए तक ले गए। फिर तो शाम को बाजार की समाप्ति तक यह दबा-दबा ही रहा और बंद हुआ शुक्रवार केऔरऔर भी

सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज का नाम भारतीय कॉरपोरेट जगत के इतिहास में काले अक्षरों से लिखा जा चुका है। लेकिन यह नाम अब खुद धीरे-धीरे मिटता जा रहा है। अभी महिंद्रा सत्यम बना है। साल-छह महीने में पूरी की पूरी कंपनी टेक महिंद्रा में विलीन हो सकती है। लेकिन आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि महिंद्रा सत्यम राजू की प्रेतछाया से पूरी तरह मुक्त होने के बाद आज चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों (जून वऔरऔर भी

डीसीडब्ल्यू लिमिटेड (बीएसई कोड – 500117, एनएसई कोड – DCW) बहुत पुरानी बाप-दादा के जमाने की कंपनी है। कास्टिक सोडा, क्लोरीन व उसके यौगिक, पीवीसी रेजिन, सोडा एश और अमोनियम बाईकार्बोनेट जैसे कई बुनियादी रसायन बनाती है। घोड़े की नाल इसका लोगो है। सवाल उठता है कि बैंकिग, आईटी, मल्टी मीडिया और रीयल्टी के लकदक जमाने में ऐसी कंपनी को कौन पूछेगा? लेकिन ऐसा नहीं है। कल बीएसई में इसके 11.21 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं,औरऔर भी

डंकन्स इंडस्ट्रीज को सितंबर तिमाही के नजीते घोषित किए हुए पूरे तेरह दिन हो चुके हैं। 29 अक्टूबर को कंपनी ने बोर्ड बैठक के बाद स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया और यह सूचना सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध भी है कि 30 सितंबर को समाप्त तिमाही में उसने 56.07 करोड़ रुपए की आय पर 9.93 करोड़ रुपए शुद्ध लाभ कमाया है। कोई भी इन नतीजों को देखकर जान सकता था कि इस तिमाही में उसका शुद्ध लाभ पूरेऔरऔर भी