रोल्टा इंडिया (बीएसई कोड – 500366, एनएसई कोड – ROLTA) में कुछ खेल चल रहा है। जहां उसमें औसत कारोबार 2.66 लाख शेयरों का रहता था, वहीं कल बीएसई में उसके 14.51 लाख शेयरों की ट्रेडिंग हुई। हालांकि इसमें से 3.85 लाख (26.56 फीसदी) शेयर ही डिलीवरी के लिए थे यानी 83.46 फीसदी सौदे दिन के दिन में ही काट लिए गए। एनएसई में भी कल इसके 43.91 लाख शेयरों के सौदे हुए हैं जबकि एक दिनऔरऔर भी

इंडियन मेटल एंड फेरो एलॉयज (बीएसई कोड – 533047, एनएसई कोड – IMFA) देश में फेरोक्रोम की सबसे बड़ी निर्माता है। दुनिया में फेरो एलॉयज की सबसे बड़ी निर्माताओं में शुमार है। हमने अपने चक्री चमत्कार कॉलम में सबसे पहले इसका जिक्र इस साल मार्च में किया था। तब इसका 10 रुपए अंकित मूल्य का शेयर 560 रुपए के आसपास चल रहा था। अभी 729 रुपए पर है। इस बीच 4 मई को इसने 899.95 रुपए परऔरऔर भी

जेबीएफ इंडस्ट्रीज (बीएसई कोड – 514034, एनएसई कोड – JBFIND) ने जून 2010 की तिमाही में अकेले दम पर 850.25 करोड़ रुपए की आय पर 31.64 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। अगर उसकी सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात की सब्सिडियरी कंपनियों का भी कारोबार शामिल कर दें तो इस दौरान उसकी समेकित आय 1414.47 रुपए और शुद्ध लाभ 54.86 करोड़ रुपए रहा है। बिक्री की तुलना में उसका लाभ नहीं बढ़ा है। कंपनी का ठीकऔरऔर भी

यूं तो किसी स्टॉक में अचानक वोल्यूम का बढ़ जाना ऐसा पैमाना नहीं है जिससे मान लिया जाए तो कंपनी बड़ी पुख्ता है और उसमें निवेश अच्छा रिटर्न दे सकता है। लेकिन इससे इतना जरूर पता चलता है कि उनमें कुछ खेल शुरू हो गया है और इस बढ़ी हुई सक्रियता की कोई न कोई वजह होगी। गोविंद रबर (बीएसई कोड 509148) में कल औसत का लगभग ढाई गुना कारोबार हुआ। उसके 4.14 लाख शेयरों के सौदेऔरऔर भी

रेनेसां ज्वेलरी का आईपीओ नवंबर 2007 में आया था और उसके शेयर 150 रुपए मूल्य पर जारी किए गए थे। 12 दिसंबर 2007 को लिस्टिंग के दिन यह 190 रुपए तक चला गया। लेकिन इस समय इसका भाव 73 रुपए चल रहा है। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 95.40 रुपए (6 मई 2010) और न्यूनतम स्तर 39.60 रुपए (5 नवंबर 2009) रहा है। कंपनी अभी तक अपने लगभग सारे जेवरात अमेरिका को निर्यात करती रही हैऔरऔर भी

आरती ड्रग्स (बीएसई कोड – 524348, एसएनई कोड – AARTIDRUGS) का शेयर अपनी बुक वैल्यू के आसपास चल रहा है। उसकी बुक वैल्यू 121.46 रुपए है, जबकि कल वह 137.40 रुपए पर बंद हुआ है। हालांकि पंद्रह दिन पहले ही 30 अगस्त को वह 52 हफ्ते की चोटी 153.65 रुपए पर पहुंचा है। फिर भी उसे सस्ता ही माना जाएगा क्योंकि उसका पी/ई अनुपात 6.72 है, जबकि इसी उद्योग की अन्य कंपनी सिप्ला का मौजूदा पी/ई अनुपातऔरऔर भी

कावेरी सीड कंपनी लिमिटेड (बीएसई कोड – 532899, एनएसई कोड – KSCL) आंध्र प्रदेश की कंपनी है। उसका बीज तो 1978 में पड़ गया था। लेकिन पब्लिक लिमिटेड कंपनी वह चार साल पहले 2006 में ही बनी। उसे हाल ही में फोर्ब्स पत्रिका ने एक अरब डॉलर से कम कारोबार की श्रेणी में एशिया की सर्वश्रेष्ठ 200 कंपनियों की सूची में शामिल किया है। वैसे, इस सूची में भारत की 25 कंपनियां शामिल हैं। कंपनी के ग्राहकऔरऔर भी

नितिन फायर प्रोटेक्शन इंडस्ट्रीज (बीएसई कोड – 532854, एनएसई कोड – NITINFIRE) तीन दशक पुरानी कंपनी है। तमाम अग्निशामक उपकरणों के साथ ही सीएनजी सिलेंडर भी बनाती है। राजस्थान के एक ऑयल ब्लॉक से कच्चा तेल निकालने के लिए बने कंसोर्टियम में भी 10 फीसदी हिस्सेदारी रखती है। उसकी एक सब्सिडियरी ने दुबई की एक फायर प्रोटेक्शन कंपनी में 40 फीसदी हिस्सेदारी ले रखी है। चालू वित्त वर्ष 2010-11 में जून की तिमाही में उसकी आय 67.3औरऔर भी

प्रेसिजन पाइप्स एंड प्रोफाल्स कंपनी लिमिटेड पाइप नहीं बनाती। वह कारों में इस्तेमाल होनेवाले सीलिंग सिस्टम व मोल्डिंग, रेफ्रिजरेशन में लगनेवाले तमाम पीवीसी पार्ट और निर्यात बाजार के लिए भांति-भंति की मोल्डिंग बनाती है। हां, उसके समूह की अन्य कंपनी जरूर पीवीसी पाइप बनाती है। 1978 में बनी कंपनी है। जापान की तोकाई कोग्यो कंपनी से तकनीक का करार कर रखा है। मारुति, होंडा, फिएट व जनरल मोटर्स से लेकर गोदरेज, इलेक्ट्रोलक्स, कैरियर, वीडियोकॉन, वोल्टास और ब्लूऔरऔर भी

इस साल जनवरी में जिसने भी जयप्रकाश एसोसिएट्स का शेयर 160-165 रुपए के भाव पर खरीदा होगा, वह इस समय वाकई दुखी होगा। उसका दुख स्वाभाविक है कि क्योंकि यह शेयर 1 सितंबर 2010 को अपने 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 107.65 रुपए पर आ चुका है। इस तरह यह शेयर अब तक 35 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है, जबकि इसी दौरान बीएसई सेंसेक्स 4.5 फीसदी बढ़ा है। जिसने यह शेयर पिछले साल अक्टूबर में 180औरऔर भी